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NEWS IN SHORT
- दुर्ग के चर्चित सितार गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी पर राज्य GST ने 317 करोड़ रुपए की पेनल्टी लगाई।
- पिछले 5 वर्षों से प्रतिबंधित तंबाकू युक्त गुटखा पूरे छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से बेचा जा रहा था।
- GST जांच में फैक्ट्री, गोदाम, लेबर नेटवर्क और सप्लाई चेन का पूरा खुलासा हुआ।
- गुरमुख जुमनानी फिलहाल NDPS एक्ट में जेल में बंद, जमानत पर हाईकोर्ट में सुनवाई टली।
- जांच में सूचना लीक, सील तोड़कर मशीन निकालने और नए शराब प्लांट की तैयारी की बात सामने आई।
NEWS IN DETAIL
317 करोड़ की ऐतिहासिक कार्रवाई
छत्तीसगढ़ GST विभाग ने दुर्ग के कुख्यात सितार गुटखा कारोबारी गुरमुख जुमनानी पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 317 करोड़ रुपए की टैक्स और पेनल्टी लगाई है। विभाग ने पिछले पांच वर्षों में किए गए अवैध कारोबार का विस्तृत आकलन करने के बाद यह राशि तय की है। यह कार्रवाई प्रदेश में प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों के खिलाफ अब तक की सबसे कठोर कार्रवाई मानी जा रही है।
पांच वर्षों से चल रहा था गुटखे का नेटवर्क
जांच में खुलासा हुआ कि गुरमुख जुमनानी बीते पांच सालों से सितार ब्रांड के नाम पर तंबाकू युक्त गुटखा पूरे छत्तीसगढ़ में सप्लाई कर रहा था। जोरातरई और गनियारी स्थित फैक्ट्रियों में गुटखे की केवल पैकिंग की जाती थी, जबकि इसका रॉ मटेरियल राजनांदगांव स्थित कोमल फूड फैक्ट्री में तैयार किया जाता था। सरकारी रिकॉर्ड में यह फैक्ट्री मीठी सुपारी निर्माण के नाम पर रजिस्टर्ड थी।
रात में निर्माण, दिन में सप्लाई
GST की जांच में सामने आया कि गुटखा निर्माण पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा था। गुटखा रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक तैयार होता था ताकि निगरानी से बचा जा सके। मशीनों से प्रति मिनट करीब 250 पैकेट तैयार किए जाते थे और प्रतिदिन लगभग 50 बोरा गुटखा बाजार में खपाया जाता था। मजदूरों को छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश) से बुलाया जाता था और उनकी सप्लाई एक लेबर कॉन्ट्रेक्टर के जरिए की जाती थी।
गोदाम, एग्रीमेंट और परिवार की भूमिका
जांच में यह भी सामने आया कि रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में किराए के गोदाम लेकर गुटखे का भंडारण और वितरण किया जा रहा था। गोदामों के लिए रेंट एग्रीमेंट गुरमुख जुमनानी के पिता द्वारा किए गए थे। वहीं बेटे की फैक्ट्री को रॉ मटेरियल तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। GST टीम ने कई पुराने एग्रीमेंट और दस्तावेज जब्त किए हैं।
सूचना लीक, फरारी और फैक्ट्री सील तोड़ने का मामला
छापे की कार्रवाई के बाद गुरमुख जुमनानी फरार हो गया था और करीब दो महीने बाद उसे गिरफ्तार किया जा सका। जांच एजेंसियों का दावा है कि फरारी के दौरान उसे पुलिस और खाद्य विभाग से जुड़ी सूचनाएं मिलती रहीं। इतना ही नहीं, फैक्ट्री सील होने के बावजूद टीन शेड तोड़कर मशीनें और सामान निकाल लिए गए, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए हैं।
जेल में बंद आरोपी, जमानत पर अगली सुनवाई
वर्ष 2023 में मोहन नगर पुलिस ने गुरमुख जुमनानी को NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल सौ दिनों से अधिक समय से जेल में बंद है। सेशन कोर्ट से उसकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है, जबकि हाईकोर्ट में जमानत पर सुनवाई फरवरी महीने तक के लिए टाल दी गई है।
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Sootr Knowledge
- छत्तीसगढ़ में तंबाकू युक्त गुटखा पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- अवैध गुटखा बिक्री पर GST, खाद्य और NDPS एक्ट तीनों लागू होते हैं।
- फर्जी रजिस्ट्रेशन (मीठी सुपारी) से कर चोरी आम तरीका है।
- GST जांच में डिजिटल ट्रेल और लेबर मूवमेंट अहम सबूत होते हैं।
- बड़े गुटखा नेटवर्क अक्सर रात में उत्पादन करते हैं।
IMP FACTS
- कुल पेनल्टी: ₹317 करोड़
- ब्रांड: सितार गुटखा
- अवधि: 2021–2025
- उत्पादन क्षमता: 250 पैकेट/मिनट
- कीमत: ₹2 प्रति पैकेट
आगे क्या
- GST विभाग रिकवरी प्रक्रिया शुरू करेगा
- खाद्य विभाग और पुलिस की नई FIR संभव
- शराब बॉटलिंग प्लांट की तैयारी की भी जांच हो सकती है
- सूचना लीक मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई संभव
निष्कर्ष
दुर्ग के गुटखा किंग गुरमुख जुमनानी पर GST की 317 करोड़ की कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित गुटखा कारोबार के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। यह मामला न सिर्फ अवैध तंबाकू कारोबार बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और सूचना लीक की गंभीर तस्वीर भी दिखाता है। आने वाले दिनों में यह केस और बड़े खुलासे कर सकता है।
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