चॉकलेट कहकर 8 बच्चों को खिलाई नशीली दवा, एक बच्चा ICU में

Umeshwari Baghel | Jul 18, 2026, 20:42 IST
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दुर्ग में चॉकलेट कहकर 8 बच्चों को खिलाई नशीली दवा
दुर्ग में चॉकलेट कहकर 8 बच्चों को खिलाई नशीली दवा

दुर्ग के पंचशील नगर स्थित सरकारी स्कूल में चॉकलेट बताकर कथित प्रतिबंधित दवा खिलाने से 8 छात्रों की तबीयत बिगड़ गई। एक छात्र ICU में भर्ती है। पुलिस ने आरोपी छात्र के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

समझें क्या है पूरा मामला

Durg : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से स्कूली बच्चों से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। पंचशील नगर स्थित शासकीय चंद्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के आठ छात्रों की कथित तौर पर प्रतिबंधित नशीली दवा खाने के बाद तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को चक्कर आने, बेहोशी और शरीर में अकड़न जैसी परेशानी होने पर अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें चार बच्चों का इलाज अस्पताल में जारी बताया जा रहा है, जबकि चार को उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। एक छात्र की हालत गंभीर होने के कारण उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, स्कूल की कक्षा 10वीं में पढ़ने वाले एक छात्र पर अपने सहपाठियों को चॉकलेट बताकर प्रतिबंधित दवा खिलाने का आरोप है। दवा खाने के कुछ समय बाद छात्रों की तबीयत अचानक खराब होने लगी। एक के बाद एक बच्चों में असामान्य लक्षण दिखाई देने के बाद स्कूल और उनके परिवारों में हड़कंप मच गया।

चॉकलेट समझकर दवा खाने का आरोप

घटना दुर्ग के पंचशील नगर इलाके में संचालित शासकीय चंद्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, कक्षा 10वीं के एक छात्र ने कथित रूप से अपने साथ पढ़ने वाले कुछ बच्चों को एक दवा दी थी। आरोप है कि उसने इसे चॉकलेट बताकर छात्रों को खाने के लिए दिया।

दवा खाने वाले आठ छात्रों की कुछ समय बाद तबीयत बिगड़ने लगी। बच्चों को चक्कर आने लगे और कुछ के बेहोश होने की बात भी सामने आई है। परिजनों के अनुसार, कुछ बच्चों के शरीर में अकड़न जैसी समस्या भी दिखाई दी। बच्चों की स्थिति देखकर उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक बच्चे को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा। हालांकि अन्य बच्चों की स्थिति को लेकर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चार छात्रों का अभी भी इलाज चल रहा है और चार बच्चे उपचार के बाद घर लौट चुके हैं।

स्कूल प्रबंधन को घटना की नहीं थी जानकारी

विद्यालय की प्राचार्य नलिनी वर्मा ने मामले को लेकर बताया कि प्रतिबंधित दवा का सेवन कक्षा 10वीं के एक छात्र द्वारा अन्य छात्रों को कराए जाने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने कहा कि स्कूल के शिक्षकों को पहले इस बारे में जानकारी नहीं थी।

घटना सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से शासन और प्रशासन को सूचना दे दी गई है। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संबंधित छात्र के पास कथित प्रतिबंधित दवा कहां से आई और वह इसे स्कूल तक कैसे लेकर पहुंचा।

यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि यदि दवा वास्तव में प्रतिबंधित श्रेणी की है तो एक नाबालिग छात्र तक उसकी पहुंच कैसे हुई। मामले की जांच के बाद ही दवा के स्रोत और घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

कोतवाली पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी बताए जा रहे छात्र के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है।

पुलिस जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि बच्चों को कौन सी दवा दी गई थी और उसका प्रभाव इतना गंभीर कैसे हुआ। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगा सकती है कि दवा छात्र को किस माध्यम से मिली और क्या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है।

चूंकि मामला स्कूली बच्चों से जुड़ा है, इसलिए प्रशासनिक स्तर पर भी घटना को गंभीरता से देखा जा रहा है। बच्चों के स्वास्थ्य और स्कूल परिसर में ऐसी सामग्री की पहुंच को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

आठ बच्चे प्रभावित, चार अब भी अस्पताल में

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना में कुल आठ बच्चे प्रभावित हुए हैं। बच्चों में अचानक चक्कर आने और बेहोशी जैसे लक्षण सामने आने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

इलाज के बाद चार बच्चों को घर भेज दिया गया है। वहीं चार बच्चों का अस्पताल में उपचार जारी है। इनमें से एक बच्चे को गंभीर स्थिति के कारण आईसीयू में भर्ती किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इस घटना ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। स्कूल में पढ़ने के लिए जाने वाले बच्चों तक प्रतिबंधित या नशीली दवाओं की पहुंच होना सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीर चुनौती मानी जा रही है।

चरणदास महंत बोले- स्कूलों में नशे की सप्लाई गंभीर विषय

छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी इस मामले पर चिंता जताई है। उन्होंने स्कूलों तक नशीले पदार्थ या नशीली दवाएं पहुंचने की स्थिति को बेहद गंभीर बताया।महंत ने कहा कि प्रदेश सरकार और गृह विभाग को इस तरह के मामलों में सख्त कदम उठाने चाहिए। उनका कहना है कि बच्चों को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई और निगरानी की जरूरत है।

घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस कथित प्रतिबंधित दवा के सेवन से आठ बच्चों की तबीयत बिगड़ी, वह छात्र तक कैसे पहुंची। पुलिस जांच में दवा के स्रोत का पता चलना इस पूरे मामले की महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है।

स्कूलों में नशीली दवाओं की पहुंच ने बढ़ाई चिंता

दुर्ग की यह घटना केवल एक स्कूल तक सीमित मामला नहीं मानी जा सकती। यदि जांच में प्रतिबंधित या नशीली दवा की पुष्टि होती है तो यह बच्चों तक ऐसी दवाओं की आसान पहुंच को लेकर बड़ी चिंता पैदा करती है।

स्कूलों में बच्चों के व्यवहार में अचानक बदलाव, संदिग्ध दवाओं या पदार्थों की मौजूदगी और बाहरी व्यक्तियों से संपर्क जैसी गतिविधियों पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए स्कूल प्रबंधन, अभिभावक, पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता भी सामने आती है।

फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि छात्रों ने वास्तव में कौन सी दवा खाई थी, वह कहां से लाई गई और बच्चों को देने के पीछे छात्र का उद्देश्य क्या था।

IMP FACTS

स्थान: शासकीय चंद्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पंचशील नगर, दुर्ग (छत्तीसगढ़) प्रभावित छात्र: 8 बच्चे गंभीर स्थिति: 1 छात्र ICU में भर्ती अस्पताल में इलाज जारी: 4 बच्चे इलाज के बाद घर लौटे: 4 बच्चे कक्षा: 10वीं के छात्र शामिल आरोप: चॉकलेट बताकर कथित प्रतिबंधित दवा खिलाई गई लक्षण: चक्कर आना, बेहोशी, शरीर में अकड़न जैसी शिकायतें पुलिस कार्रवाई: कोतवाली थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की स्कूल कार्रवाई: प्राचार्य ने शासन-प्रशासन को घटना की सूचना दी मुख्य सवाल: प्रतिबंधित दवा छात्र तक कैसे पहुंची, इसकी जांच जारी है।

निष्कर्ष

दुर्ग के शासकीय चंद्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आठ छात्रों की तबीयत बिगड़ने की घटना ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक छात्र पर चॉकलेट बताकर कथित प्रतिबंधित दवा खिलाने का आरोप है। चार बच्चों का अस्पताल में इलाज जारी है और एक छात्र आईसीयू में भर्ती बताया गया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच का सबसे अहम पहलू यह पता लगाना होगा कि कथित नशीली या प्रतिबंधित दवा छात्र तक कैसे पहुंची और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या अन्य व्यक्ति तो शामिल नहीं है।

FAQ

  1. दुर्ग के स्कूल में कितने बच्चों की तबीयत बिगड़ी?
    दुर्ग के शासकीय चंद्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कथित प्रतिबंधित दवा खाने से 8 बच्चों की तबीयत बिगड़ी है।
  2. बच्चों को नशीली दवा कैसे दी गई?
    आरोप है कि कक्षा 10वीं के एक छात्र ने अन्य बच्चों को चॉकलेट बताकर प्रतिबंधित दवा खिला दी।
  3. मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
    कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपी छात्र के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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