छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में गड़बड़ी, ग्यारह साल बाद लौटे कर्मी को नौकरी

Aishwarya Dwivedi | Jul 11, 2026, 14:26 IST
Share
शिक्षा विभाग-अवैध जॉइनिंग
शिक्षा विभाग-अवैध जॉइनिंग

छत्तीसगढ़ के कोरबा में नियमों को ताक पर रखकर 11 साल से गायब भृत्य को डीईओ ने बहाल कर दिया। इस पर शिक्षा विभाग में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

समझें क्या है पूरा मामला

कोरबा जिले में एक सरकारी स्कूल का भृत्य ग्यारह साल तक लापता रहा। वह बिना किसी सूचना के लगातार अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहा था। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने उसे दोबारा सेवा में शामिल करा लिया। नियमों के अनुसार तीन साल से अधिक गायब कर्मी को राज्यपाल ही बहाल कर सकते हैं। अब इस पूरे मामले की शिकायत सीधे राज्य के शिक्षा विभाग तक पहुंच गई है।

गायब कर्मचारी की वापसी

यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग के कोरबा जिले का है। यहां के जिला शिक्षा अधिकारी यानी डीईओ (DEO – District Education Officer) तामेश्वर उपाध्याय के एक आदेश पर विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने एक ऐसे कर्मचारी को दोबारा कार्यभार ग्रहण करा दिया जो लंबे समय से गायब था। इस आदेश के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है।

ग्यारह साल बाद लौटा कर्मचारी

यह मामला एक शासकीय स्कूल के चतुर्थ वर्ग कर्मचारी से जुड़ा हुआ है। कुदुरमाल के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में रायसिंह जगत भृत्य के पद पर पदस्थ थे। वह 22 नवंबर 2014 से अचानक बिना किसी सूचना के ड्यूटी से गायब हो गए थे। इसके बाद विभाग को उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी।

करीब ग्यारह साल बीतने के बाद कर्मचारी अचानक वापस लौट आया। उसने 3 सितंबर 2025 को विभाग में कार्यभार ग्रहण करने के लिए एक आवेदन दिया। कर्मचारी ने इतने सालों तक अनुपस्थित रहने का कारण अपनी खराब सेहत को बताया। उसने आवेदन में लिखा कि स्वास्थ्य कारणों से वह ड्यूटी पर नहीं आ सका था।

छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में गड़बड़ी
छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग में गड़बड़ी


डीईओ ने खुद जारी किया आदेश

कर्मचारी का आवेदन मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने तेजी दिखाई। डीईओ कार्यालय की तरफ से 26 सितंबर 2025 को एक आदेश जारी किया गया। इस आदेश के जरिए भृत्य रायसिंह जगत को पुनः कर्तव्य पर उपस्थित होने की अनुमति दे दी गई। इसके बाद कर्मचारी ने स्कूल में अपनी जॉइनिंग भी कर ली।

जैसे ही यह आदेश सार्वजनिक हुआ वैसे ही इस पर सवाल उठने लगे। इस मामले की लिखित शिकायत अब सीधे स्कूल शिक्षा विभाग तक पहुंच चुकी है। शिकायतकर्ता ने इस बहाली को पूरी तरह से गैरकानूनी और नियमों के खिलाफ बताया है। शिकायत में वित्त विभाग के नियमों के उल्लंघन का हवाला दिया गया है।

क्या कहते हैं वित्त विभाग के नियम

इस पूरे मामले में नियमों की गंभीर अनदेखी की बात सामने आ रही है। वित्त विभाग के स्थायी वित्त निर्देशों के तहत इसके लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। नियमों के मुताबिक कोई भी शासकीय सेवक यदि तीन वर्ष से अधिक समय तक गायब रहता है तो उसे सेवा से त्यागपत्र दिया हुआ मान लिया जाता है।

यदि ऐसे मामलों में किसी कर्मचारी को अपवाद स्वरूप दोबारा सेवा में लेना हो तो प्रक्रिया अलग है। इसका अंतिम निर्णय लेने का अधिकार जिला शिक्षा अधिकारी के पास बिल्कुल नहीं होता है। सेवा में दोबारा वापस लेने का यह विशेष अधिकार केवल राज्य के राज्यपाल के पास सुरक्षित होता है।

नियमों के विपरीत जारी हुआ आदेश

शिकायतकर्ता का स्पष्ट कहना है कि डीईओ स्तर से जारी किया गया यह बहाली आदेश नियमों के विपरीत है। जिला शिक्षा अधिकारी को इतने लंबे समय तक गायब रहे कर्मी को बहाल करने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं है। इसके बावजूद नियमों को दरकिनार करके आदेश जारी किया गया। अब इस मामले में उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की जा रही है। शिकायत में वित्त नियमों के उल्लंघन को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई गई है। इस विवाद के बाद अब जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के फैसले पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

FAQ

  1. तीन साल से अधिक अनुपस्थित रहने पर क्या नियम है?
    उत्तर: वित्त विभाग के निर्देशों के अनुसार यदि कोई शासकीय सेवक तीन साल से अधिक समय तक लगातार अनुपस्थित रहता है तो उसे सेवा से त्यागपत्र दिया हुआ माना जाता है।
  2. लंबे समय तक गायब कर्मचारी को बहाल करने का अधिकार किसे है?
    उत्तर: तीन साल से अधिक समय तक गायब रहने वाले कर्मचारी को अपवाद स्वरूप दोबारा सेवा में लेने का अधिकार केवल राज्य के राज्यपाल को होता है।
  3. कोरबा में किस अधिकारी के आदेश पर विवाद हुआ है?
    उत्तर: कोरबा के जिला शिक्षा अधिकारी तामेश्वर उपाध्याय के आदेश पर विवाद हुआ है। उन्होंने ग्यारह साल से गायब भृत्य को दोबारा जॉइनिंग दे दी थी।

यह खबरें भी पढ़ें...

शिक्षा विभाग में बंपर तबादले, डेढ़ हजार से अधिक प्रिंसिपल इधर-उधर

शिक्षा विभाग में 5 हजार तबादले, 10 दिन में नई जगह जॉइन करने के निर्देश

MP में 70 हजार टीचर्स को TET से बचाने की कोशिश, फिर SC जाएगा स्कूल शिक्षा विभाग, क्या मिलेगी राहत ?

स्कूल यूनिफॉर्म की क्वालिटी पर कोई शिकायत नहीं : शिक्षा विभाग

Tags:
  • शिक्षा विभाग
  • स्कूल शिक्षा विभाग
  • कोरबा
  • जिला शिक्षा अधिकारी
  • छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा