चुनाव आयोग का खुलासा... भूपेश बघेल,रमन सिंह ने पैसा देकर छपवाई खबरें
Kanak Durga Jha | Oct 29, 2024, 10:47 IST
Election Commission exposed paid news
चुनाव के समय नेताओं द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए हर संभव तरीका अपनाया जा रहा है। रैलियों, भाषणों, मीडिया विज्ञापनों से लेकर घर-घर प्रचार तक हर रणनीति का उपयोग होता है।
Chhattisgarh Election Commission : चुनाव के समय नेताओं द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए हर संभव तरीका अपनाया जा रहा है। रैलियों, भाषणों, मीडिया विज्ञापनों से लेकर घर-घर प्रचार तक हर रणनीति का उपयोग होता है। लेकिन प्रचार की इस दौड़ में पेड न्यूज भी एक प्रभावी हथियार बनकर उभरा है, जिसमें पैसे देकर समाचार पत्रों में मनचाही खबरें छपवाई जाती हैं। छत्तीसगढ़ भी इस प्रवृत्ति से अछूता नहीं है।
राज्य निर्वाचन आयोग की हालिया रिपोर्ट में यह सामने आया है कि छत्तीसगढ़ में कई प्रमुख राजनेताओं ने पेड न्यूज का सहारा लिया। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, पूर्व सीएम भूपेश बघेल, बृजमोहन अग्रवाल, कवासी लखमा, शिव डहरिया और विकास उपाध्याय सहित तीन दर्जन से अधिक नेताओं के नाम इस सूची में दर्ज हैं।
कांग्रेस की कलह के बीच भूपेश बघेल ने मनाया तो मैदान से हटे कन्हैया
चुनाव के दौरान इन नेताओं ने विधानसभा चुनावों में 70 और लोकसभा चुनावों में 38 खबरें पैसे देकर छपवाईं। आयोग ने विभिन्न समाचार पत्रों में छपी इन खबरों की जांच कर निष्कर्ष निकाला कि यह सामग्री प्रायोजित थी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया कि प्रत्याशियों द्वारा पेड न्यूज पर किए गए खर्च को उनके कुल चुनावी खर्च में जोड़ा जाए। अफसरों ने बताया कि उपचुनावों में भी यही प्रक्रिया लागू की जा रही है, ताकि चुनावी नियमों का उल्लंघन न हो। मीडिया में छपने वाली प्रत्याशियों से संबंधित हर खबर पर नजर रखने के लिए सतर्क निगरानी हो रही है।
कांग्रेस ने आकाश शर्मा को बनाया प्रत्याशी, सुनील सोनी को देंगे टक्कर
पेड न्यूज की पहचान और निगरानी के लिए आयोग ने तीन विशेष टीमें बनाई हैं, जो प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया का विश्लेषण कर रही हैं। इन टीमों का काम पेड न्यूज की रिपोर्ट तैयार करना और उसे उच्च समिति को सौंपना है।
समिति द्वारा सत्यापित खबरों को पेड न्यूज की श्रेणी में डाला जाता है और जिस आकार और अवधि के हिसाब से खबरें प्रकाशित होती हैं, उसी के अनुसार संबंधित प्रत्याशियों के खर्च में विज्ञापन शुल्क जोड़ा जाता है।
BJP से सोनी... अब कांग्रेस से ब्राह्मण या वैश्य को मिला टिकट तो किसका होगा पलड़ा भारी
पेड न्यूज का मुद्दा एक गंभीर चुनौती है, क्योंकि यह मतदाताओं की राय को प्रभावित कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करता है। निर्वाचन आयोग की सतर्कता और निगरानी इस समस्या को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, लेकिन पेड न्यूज की बढ़ती प्रवृत्ति पर काबू पाना अब भी एक बड़ी चुनौती है।
छत्तीसगढ़ की बेटी को झारखंड में BJP का टिकट, राज्यपाल-पूर्व CM की बहू
चुनावों में पेड न्यूज का खुलासा
कांग्रेस की कलह के बीच भूपेश बघेल ने मनाया तो मैदान से हटे कन्हैया
चुनाव के दौरान इन नेताओं ने विधानसभा चुनावों में 70 और लोकसभा चुनावों में 38 खबरें पैसे देकर छपवाईं। आयोग ने विभिन्न समाचार पत्रों में छपी इन खबरों की जांच कर निष्कर्ष निकाला कि यह सामग्री प्रायोजित थी।
पेड न्यूज के खर्च पर कड़ी नजर
कांग्रेस ने आकाश शर्मा को बनाया प्रत्याशी, सुनील सोनी को देंगे टक्कर
तीन टीमें कर रहीं निगरानी
समिति द्वारा सत्यापित खबरों को पेड न्यूज की श्रेणी में डाला जाता है और जिस आकार और अवधि के हिसाब से खबरें प्रकाशित होती हैं, उसी के अनुसार संबंधित प्रत्याशियों के खर्च में विज्ञापन शुल्क जोड़ा जाता है।
BJP से सोनी... अब कांग्रेस से ब्राह्मण या वैश्य को मिला टिकट तो किसका होगा पलड़ा भारी
चुनावी पारदर्शिता पर सवाल
छत्तीसगढ़ की बेटी को झारखंड में BJP का टिकट, राज्यपाल-पूर्व CM की बहू
सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By Umeshwari Baghel
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
By Ashish Bhardwaj
वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?
By Arohi Raj
हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड
By Umeshwari Baghel
बंटी नागर सुसाइड केस: रियल एस्टेट कारोबारी की मौत पर तीन महिलाएं पुलिस के राडार पर
By Sanjay Gupta