दीपावली से पहले वेतन के लिए कर्मचारी परेशान, दैनिक वेतनभोगी और संविदाकर्मियों की मांग पर सीएम साय को लिखा पत्र
VINAY VERMA | Oct 27, 2026, 16:23 IST
छत्तीसगढ़ में दीपावली से पहले वेतन देने की मांग
छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों का वेतन दीपावली से पहले मिले, यह मांग उठी है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र भेजा है। पत्र में सभी विभागों के कर्मचारियों का वेतन जारी कराने की मांग है। यह खबर रायपुर से सामने आई है। समय पर वेतन मिलने का सवाल खड़ा हुआ है।
यह सवाल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी और संविदा कर्मचारियों के सामने है। त्योहार से पहले घर का खर्च और खरीदारी करनी है।
दीपावली से पहले
फेडरेशन ने यह पत्र त्योहार को देखते हुए भेजा है। उसका कहना है कि कर्मचारियों की भूमिका अहम है। वे सरकारी योजनाओं को जमीन पर उतारते हैं। विभागों का कामकाज भी संभालते हैं।
दैनिक वेतनभोगी यानी रोज के हिसाब से मजदूरी पाने वाले कर्मचारी। संविदा कर्मचारी यानी तय अनुबंध पर नौकरी करने वाले लोग। फेडरेशन के मुताबिक भुगतान में देरी हुई तो परिवार परेशान हो सकते हैं।
संविदा कर्मचारी
संविदा कर्मचारी छत्तीसगढ़ के विभिन्न विभागों में काम करते हैं। वे सरकारी योजनाओं और विभागीय कामकाज से जुड़े हैं। जनसेवा से जुड़ा दायित्व भी उन्हीं के पास है।
उनके परिवार नियमित पारिश्रमिक पर निर्भर रहते हैं। पारिश्रमिक यानी काम के बदले मिलने वाली राशि। भुगतान में देरी का सीधा असर घरेलू जरूरतों पर पड़ सकता है।
पत्र फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने भेजा है। वे छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। राजपत्रित अधिकारी संघ सरकारी अफसरों का संगठन है।
वर्मा ने मुख्यमंत्री से इस मामले में दखल देने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश मिलें। इन निर्देशों का मकसद साफ है। कर्मचारियों का देय वेतन दीपावली से पहले मिल जाए। लंबित वेतन का भुगतान भी इसी अवधि में हो।
फेडरेशन की मांग सीधी है। वेतन समय पर जारी हो। अधिकारियों को इसके लिए निर्देश मिलें। त्योहार से पहले परिवारों के हाथ में पैसा पहुंचे।
फेडरेशन ने इस मांग को कर्मचारी हितों से जोड़ा है। उसने इसे मानवीय संवेदनशीलता का मुद्दा भी बताया। संगठन के मुताबिक त्योहार पर वेतन सिर्फ नियमित प्रक्रिया नहीं है। यह उन परिवारों की जरूरत भी है। इन परिवारों का घरेलू बजट पूरी तरह मासिक पारिश्रमिक पर टिका है।
दीपावली पर घर की साफ-सफाई और पूजा-पाठ होता है। कपड़े और मिठाई पर भी पैसा लगता है। बच्चों की जरूरतों पर अतिरिक्त खर्च होता है।
वेतन समय पर न मिले तो इन खर्चों का इंतजाम मुश्किल हो सकता है। ऐसे में त्योहार का बजट प्रभावित हो सकता है।
फेडरेशन के पत्र में सरकारी कामकाज का जिक्र खास है। उसके मुताबिक विभिन्न विभागों के कर्मचारी जनसेवा से जुड़े काम करते हैं। ऐसे कर्मचारियों को त्योहार से पहले वेतन मिलना चाहिए। ताकि वे भी परिवार के साथ दीपावली मना सकें। जो कर्मचारी विभागों का काम संभालते हैं, उन्हें त्योहार पर राहत मिलनी चाहिए।
अब नजर राज्य सरकार के रुख पर है। फेडरेशन ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री साय सकारात्मक फैसला लेंगे। संगठन चाहता है कि संबंधित विभागों को समय पर भुगतान के निर्देश मिलें।
हालांकि पत्र के बाद सरकार की ओर से कोई निर्णय सामने नहीं आया। आदेश की जानकारी भी सामने नहीं आई है। यानी दिवाली की सैलरी का मसला अभी मांग के स्तर पर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की ओर से जवाब का इंतजार है।
समझें क्या है पूरा मामला
- छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
- मांग है कि दीपावली से पहले वेतन सभी विभागों में जारी हो।
- पत्र दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मचारियों के हितों से जुड़ा है।
- फेडरेशन के मुताबिक देरी से परिवारों को आर्थिक परेशानी हो सकती है।
- पत्र के बाद सरकार का कोई फैसला सामने नहीं आया है।
दीपावली से पहले वेतन की मांग
दैनिक वेतनभोगी यानी रोज के हिसाब से मजदूरी पाने वाले कर्मचारी। संविदा कर्मचारी यानी तय अनुबंध पर नौकरी करने वाले लोग। फेडरेशन के मुताबिक भुगतान में देरी हुई तो परिवार परेशान हो सकते हैं।
संविदा कर्मचारी छत्तीसगढ़ में क्यों चिंतित?
उनके परिवार नियमित पारिश्रमिक पर निर्भर रहते हैं। पारिश्रमिक यानी काम के बदले मिलने वाली राशि। भुगतान में देरी का सीधा असर घरेलू जरूरतों पर पड़ सकता है।
कमल वर्मा ने क्या लिखा?
वर्मा ने मुख्यमंत्री से इस मामले में दखल देने की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश मिलें। इन निर्देशों का मकसद साफ है। कर्मचारियों का देय वेतन दीपावली से पहले मिल जाए। लंबित वेतन का भुगतान भी इसी अवधि में हो।
फेडरेशन की मांग सीधी है। वेतन समय पर जारी हो। अधिकारियों को इसके लिए निर्देश मिलें। त्योहार से पहले परिवारों के हाथ में पैसा पहुंचे।
मानवीय संवेदना का मुद्दा क्यों?
दीपावली पर घर की साफ-सफाई और पूजा-पाठ होता है। कपड़े और मिठाई पर भी पैसा लगता है। बच्चों की जरूरतों पर अतिरिक्त खर्च होता है।
वेतन समय पर न मिले तो इन खर्चों का इंतजाम मुश्किल हो सकता है। ऐसे में त्योहार का बजट प्रभावित हो सकता है।
सरकारी कामकाज में कर्मचारियों की भूमिका
सरकार के रुख का इंतजार
हालांकि पत्र के बाद सरकार की ओर से कोई निर्णय सामने नहीं आया। आदेश की जानकारी भी सामने नहीं आई है। यानी दिवाली की सैलरी का मसला अभी मांग के स्तर पर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की ओर से जवाब का इंतजार है।
- छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने मुख्यमंत्री को पत्र क्यों लिखा?
फेडरेशन ने मुख्यमंत्री को पत्र इसलिए लिखा है क्योंकि वे दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मचारियों की वेतन भुगतान की मांग कर रहे हैं, ताकि दीपावली से पहले सभी कर्मचारियों को उनका वेतन मिल सके। - दैनिक वेतनभोगी और संविदा कर्मचारियों को वेतन में देरी से क्या समस्याएं हो सकती हैं?
अगर इन कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलता है, तो उनके परिवारों को आर्थिक परेशानी हो सकती है, खासकर त्योहार के समय, जब वे घरेलू खर्चों और खरीदारी के लिए वित्तीय संसाधनों पर निर्भर होते हैं। - क्या सरकार ने फेडरेशन की मांग पर कोई निर्णय लिया है?
अभी तक सरकार की ओर से फेडरेशन की मांग पर कोई निर्णय नहीं आया है, और संगठन ने मुख्यमंत्री से सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई है।
पंचायत चुनाव में भाईचारे की मिसाल हुई पेश, सरपंच का चुनाव हारे प्रत्याशी को दिए 25 लाख
By Ashish Bhardwaj
जेलों में भर्ती की सुस्ती पर हाईकोर्ट सख्त, DGP और DG जेल से पूछा कब भरेंगे पद, पथर्रा की सुरक्षा में देरी पर भी मांगा जवाब
By VINAY VERMA
जवान हो गई है, चल घुमाकर लाता हूं... छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में बीजेपी नेता समेत 3 लोगों पर FIR दर्ज
By Harrison Masih
HoFF चयन समिति की बैठक से पहले विवाद, मुख्य दावेदार पीके उपाध्याय के खिलाफ ACB में शिकायत दर्ज
By Jageshwar Prasad
38 साल की उम्र पार, फिर भी दे सकेंगे परीक्षा, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आरक्षक भर्ती में दी अंतरिम राहत
By Neel Tiwari
बस्तर के खनिज पर किसका अधिकार? NMDC से मांगा पाई-पाई का हिसाब, स्थानीय युवाओं और प्रभावितों के अधिकारों पर बड़ा सवाल!
By Umeshwari Baghel
राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: जांच लंबित होने पर भी मिलेगी प्रोविजनल पेंशन, 50% ग्रेच्युटी
By Ashish Bhardwaj