सहकारी समिति घोटाला : EOW ने कोर्ट में पेश किया 3500 पन्नों का चालान

Umeshwari Baghel | Jun 24, 2026, 21:47 IST
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सहकारी समिति में बड़ा फर्जीवाड़ा
सहकारी समिति में बड़ा फर्जीवाड़ा

रायपुर में सहकारी गृह निर्माण समितियों में गबन मामले में EOW ने बड़ी कार्रवाई की है। तत्कालीन परिसमापक राजकुमार नायडू पर 4 करोड़ से अधिक नुकसान और 20 लाख के दुरुपयोग के आरोप हैं। 3500 पेज का चालान कोर्ट में दाखिल किया गया है। जांच जारी है।

समझें क्या है पूरा मामला

Raipur : रायपुर में सहकारी गृह निर्माण समितियों से जुड़े कथित आर्थिक अनियमितताओं के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने तत्कालीन वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक और परिसमापक राजकुमार नायडू के खिलाफ विशेष अदालत रायपुर में विस्तृत अभियोग पत्र दाखिल किया है।

यह मामला सहकारी समितियों की जमीन और वित्तीय लेन-देन में गंभीर गड़बड़ियों से जुड़ा बताया जा रहा है। EOW ने इस पूरे मामले में लगभग 3500 पन्नों का चालान कोर्ट में पेश किया है, जिसमें दस्तावेज, रिकॉर्ड और गवाहों के बयान शामिल हैं।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 409 और 420 के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(2), 13(1)(c) और 13(1)(d) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

इन धाराओं के तहत आरोप है कि पद पर रहते हुए सरकारी अधिकारों का दुरुपयोग किया गया, सहकारी समितियों की संपत्तियों का गलत तरीके से लेन-देन किया गया और आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।

एनएमडीसी और भैरव समिति में अनियमितताएं

EOW की जांच में सामने आया है कि आरोपी राजकुमार नायडू भैरव गृह निर्माण समिति और एनएमडीसी गृह निर्माण समिति के परिसमापक पद पर रहते हुए कई फैसलों में नियमों का उल्लंघन किया।

एनएमडीसी समिति में आरोप है कि पहले से आवंटित और पंजीकृत 13 भूखंडों का पंजीयन बिना प्रक्रिया के निरस्त कराया गया। इसके बाद नए सदस्यों को जोड़कर उन भूखंडों को कलेक्टर गाइडलाइन से कम कीमत पर बेच दिया गया।

इसके अलावा, समिति की सड़क और सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित जमीन को भी नियमों के खिलाफ बेचने का आरोप सामने आया है। इससे समिति को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

एक ही परिवार को जमीन और दोहरी बिक्री का आरोप

भैरव गृह निर्माण समिति से जुड़े मामलों में जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। आरोप है कि नियमों की अनदेखी करते हुए एक ही परिवार के तीन सदस्यों को भूखंड आवंटित कर दिए गए।

इसके साथ ही एक अन्य मामले में एक सदस्य से पूरी राशि लेने के बाद भी उसी भूखंड को दूसरे व्यक्ति के नाम पंजीकृत करने का आरोप भी जांच में दर्ज किया गया है। यह प्रक्रिया सहकारी नियमों के विपरीत बताई जा रही है।

बैंक खाते से निजी उपयोग का आरोप

EOW की जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भूखंड बिक्री से प्राप्त राशि और संस्था के बैंक खातों से निकाली गई रकम का कथित रूप से निजी उपयोग किया गया।

जांच एजेंसी के अनुसार, इस तरह की वित्तीय अनियमितताओं के चलते करीब 20 लाख रुपए से अधिक राशि के दुरुपयोग के संकेत मिले हैं।

चार करोड़ से अधिक का आर्थिक नुकसान

पूरे मामले की जांच के बाद EOW ने निष्कर्ष निकाला है कि दोनों सहकारी समितियों को मिलाकर चार करोड़ रुपए से अधिक का वित्तीय नुकसान हुआ है। इसमें भूखंडों की अवैध बिक्री, नियम विरुद्ध आवंटन और धन के दुरुपयोग जैसे पहलू शामिल हैं।

जांच एजेंसी का कहना है कि दस्तावेजी साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड और गवाहों के बयान इस पूरे मामले को मजबूत आधार प्रदान करते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

EOW ने 3500 पेज का विस्तृत चालान विशेष अदालत में दाखिल किया

आरोपी पर सहकारी समितियों में 4 करोड़ रुपए से अधिक नुकसान का आरोप

बैंक खातों से 20 लाख रुपए से अधिक राशि के निजी उपयोग का शक

एनएमडीसी और भैरव गृह निर्माण समिति में गंभीर अनियमितताएं मिलीं

BNS 409, 420 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

अब आगे क्या होगा

EOW द्वारा विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रायपुर में अभियोग पत्र दाखिल किए जाने के बाद अब मामले की सुनवाई कोर्ट में शुरू होगी। अदालत यह तय करेगी कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे किस तरह की कानूनी कार्रवाई होगी।

यह मामला सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है, जिस पर अब न्यायिक प्रक्रिया की नजर रहेगी।

FAQ

  1. यह मामला किससे जुड़ा है?
    यह मामला रायपुर की सहकारी गृह निर्माण समितियों में जमीन और पैसों के कथित गबन से जुड़ा है।
  2. आरोपी पर क्या आरोप हैं?
    आरोप है कि नियमों के खिलाफ भूखंडों की बिक्री, पंजीयन में गड़बड़ी और बैंक खातों से रकम का दुरुपयोग किया गया।
  3. अब मामले की स्थिति क्या है?
    EOW ने विशेष अदालत में 3500 पेज का चालान दाखिल कर दिया है और अब केस की सुनवाई कोर्ट में होगी।

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