छत्तीसगढ़ में यूरिया-डीएपी की कटौती, छोटे किसानों को एक तो बड़ों को तीन किस्तों में मिलेगा उर्वरक
Arun Tiwari | May 25, 2026, 14:48 IST
farmers-fertilizer-rules
छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन के लिए यूरिया और डीएपी की कमी के चलते नई व्यवस्था लागू की गई है। छोटे किसानों को पूरी मात्रा एकसाथ, छोटे किसानों को दो किस्तों में और बड़े किसानों को तीन किस्तों में खाद मिलेगी।
Raipur : छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन के लिए रासायनिक खाद की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और आयात प्रभावित होने के कारण राज्य में यूरिया और डीएपी की उपलब्धता पर असर पड़ा है। इसी स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार और कृषि विभाग ने खाद वितरण का नया फार्मूला लागू किया है। इसके तहत किसानों को अब सीमित मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि सभी किसानों तक समान रूप से उर्वरक पहुंच सके।
कृषि विभाग द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार इस खरीफ सीजन में किसानों को निर्धारित मात्रा का केवल 80 प्रतिशत यूरिया और 60 प्रतिशत डीएपी ही वितरित किया जाएगा। विभाग का कहना है कि यह फैसला खाद की उपलब्धता और मांग के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए लिया गया है। साथ ही, किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
सरकार ने साफ किया है कि यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा किसानों को तभी दी जाएगी, जब पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध होगी। यदि आयात और सप्लाई की स्थिति सामान्य नहीं होती है तो किसानों को नैनो यूरिया के उपयोग की सलाह दी जाएगी। इसी तरह डीएपी की बची हुई 40 प्रतिशत जरूरत को अन्य वैकल्पिक उर्वरकों या नैनो डीएपी के माध्यम से पूरा करने की योजना बनाई गई है। हालांकि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसानों पर नैनो उर्वरक लेने का कोई दबाव नहीं होगा और यह पूरी तरह वैकल्पिक रहेगा।
खाद वितरण को लेकर किसानों की श्रेणी भी तय की गई है। कृषि विभाग ने भूमि के आधार पर किसानों को तीन वर्गों में बांटा है। 2.5 एकड़ तक भूमि रखने वाले सीमांत किसानों को खाद की पूरी निर्धारित मात्रा एकमुश्त दी जाएगी, ताकि छोटे किसानों को खेती में परेशानी न हो। वहीं 2.5 से 5 एकड़ तक भूमि रखने वाले लघु किसानों को खाद दो किस्तों में मिलेगी। दूसरी किस्त लगभग 20 दिन बाद दी जाएगी। इसके अलावा 5 एकड़ से अधिक भूमि वाले बड़े किसानों को खाद तीन किस्तों में वितरित की जाएगी और प्रत्येक किस्त के बीच 20 दिनों का अंतर रखा जाएगा।
कृषि विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल खाद बचत नहीं, बल्कि संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देना भी है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार लंबे समय से रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से खेती की लागत बढ़ी है और मिट्टी की गुणवत्ता पर भी असर पड़ा है। ऐसे में सरकार अब रासायनिक खाद के साथ-साथ जैविक खाद, हरी खाद और अन्य जैव उर्वरकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना चाहती है।
नई व्यवस्था में खाद वितरण की गणना बोरी के आधार पर की जाएगी। यूरिया के लिए 80 प्रतिशत और डीएपी के लिए 60 प्रतिशत की गणना पूरी बोरी के हिसाब से होगी। यदि गणना में पूर्णांक संख्या नहीं आती है तो निकटतम पूर्णांक को मान्य किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी किसान के हिस्से में 7.5 या 7.8 बोरी आती है तो उसे क्रमशः 7 और 8 बोरी मानी जाएगी।
खाद संकट को देखते हुए कृषि विभाग ने राज्य के सभी जिलों में निर्देश जारी कर दिए हैं। यह आदेश कृषि संचालक की ओर से संभागीय संयुक्त संचालकों, जिला कलेक्टरों, जिला पंचायतों, मार्कफेड और सहकारी समितियों को भेजा गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध खाद का वितरण पारदर्शी तरीके से किया जाएगा और किसी भी किसान को अनावश्यक रूप से वंचित नहीं रखा जाएगा।
इस फैसले के बाद किसानों के बीच चिंता का माहौल भी देखा जा रहा है। किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन के दौरान धान और अन्य फसलों की बुआई के समय पर्याप्त खाद नहीं मिलने से उत्पादन प्रभावित हो सकता है। कई किसानों ने आशंका जताई है कि यदि समय पर पूरी मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हुई तो खेती की लागत और जोखिम दोनों बढ़ जाएंगे।
राज्य सरकार फिलहाल इसे अस्थायी व्यवस्था बता रही है, लेकिन आने वाले दिनों में खाद की आपूर्ति सामान्य नहीं होने पर किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। ऐसे में अब सभी की नजर केंद्र से मिलने वाली खाद आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर टिकी हुई है।
इस बार मानसून 2026 में कम बारिश की संभावना, IMD का अलर्ट- खरीफ फसलों पर खतरा मगर…
छत्तीसगढ़ में खरीफ फसल की तैयारी शुरू, किसानों को मिल रहे ऋण, खाद वितरण पर लगी रोक
खरीफ फसल बीमा का सर्वर खराब... हजारों किसान परेशान
75 फीसदी खरीफ बोवनी पूरी, सरकार की तैयारियां अब भी अधूरी
सरकार का नया फॉर्मूला
नैनो यूरिया का विकल्प
इस तरह बांटी जाएगी खाद
जैविक खाद को बढ़ावा
बोरी के आधार पर गणना
कलेक्टरों को कारी किए निर्देश
किसानों में चिंता
राज्य सरकार फिलहाल इसे अस्थायी व्यवस्था बता रही है, लेकिन आने वाले दिनों में खाद की आपूर्ति सामान्य नहीं होने पर किसानों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। ऐसे में अब सभी की नजर केंद्र से मिलने वाली खाद आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर टिकी हुई है।
यह खबरें भी पढ़े...
छत्तीसगढ़ में खरीफ फसल की तैयारी शुरू, किसानों को मिल रहे ऋण, खाद वितरण पर लगी रोक
खरीफ फसल बीमा का सर्वर खराब... हजारों किसान परेशान
75 फीसदी खरीफ बोवनी पूरी, सरकार की तैयारियां अब भी अधूरी
छत्तीसगढ़ के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत: अब इलाज के लिए पहले पैसे नहीं जुटाने होंगे, कैशलेस चिकित्सा सुविधा को मंजूरी
By Umeshwari Baghel
UIDAI Internship 2026: सरकारी संस्थान में काम सीखने के साथ हर महीने मिलेंगे ₹40 हजार तक, युवाओं के लिए सुनहरा मौका, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया
By Umeshwari Baghel
छत्तीसगढ़ में 5 हजार शिक्षकों की भर्ती, नवंबर-दिसंबर में होंगी 3 परीक्षाएं, देखें पूरा एग्जाम शेड्यूल
By Harrison Masih
छत्तीसगढ़ के इस गांव में 7 दिन पहले मनाई जाती है दिवाली, होली समेत 4 त्योहारों की भी है अनोखी परंपरा
By Harrison Masih
जोधपुर में 20 करोड़ की जमीन हड़पने का खेल, पटवारी और बैंक कर्मियों की मिलीभगत से बुजुर्ग की 22 बीघा जमीन पर कब्जा
By Jageshwar Prasad
11 नवंबर को स्वच्छता के पुरस्कार, दिवाली से पहले इंदौर-भोपाल की हवा खराब, रैंकिंग पर उठे सवाल
By Ramanand Tiwari
रायपुर में पटाखों से आंखों में चोट लगने पर मिलेगा मुफ्त इलाज, 8-9 नवंबर को लगेगा नेत्र शिविर
By Harrison Masih