पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को जेल... 14 दिन की बढ़ी रिमांड
Kanak Durga Jha | Jul 22, 2025, 16:43 IST
former CM Bhupesh Baghel son Chaitanya Baghel remand extended sent jail 14 days
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी ने नया मोड़ ले लिया है। ईडी की पूछताछ और 1000 करोड़ से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग के खुलासे के बाद अब उन्हें 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को अब जेल भेज दिया गया है। ईडी रिमांड खत्म होने के बाद आज उन्हें रायपुर की विशेष कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
बता दें कि ईडी ने 18 जुलाई की सुबह भिलाई स्थित बघेल निवास पर छापा मारकर चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन के दिन ही गिरफ्तार किया था। उन पर छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। मामले में पूछताछ के लिए कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की रिमांड पर भेजा था। रिमांड खत्म होने पर आज उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया गया।
इसकी व्यवस्था चैतन्य बघेल के साथ मिलकर की गई और चैतन्य बघेल के कहने पर 1000 करोड़ में से 100 करोड़ नकद केके श्रीवास्तव को दिया गया। पप्पू बंसल ने पूछताछ में ये भी स्वीकार किया है कि शराब घोटाले से उसे 3 महीने में 136 करोड़ रुपए मिले हैं। अनवर ढेबर और नीतेश पुरोहित के बीच चैट में हुई बातचीत में इसकी जानकारी है।
ED ने अपनी जांच में पाया कि चैतन्य बघेल के विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट (बघेल डेवलपर्स) में घोटाले के पैसे को इन्वेस्ट किया गया है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े अकाउंटेंट के ठिकानों पर छापेमारी कर ED ने रिकॉर्ड जब्त किए।
प्रोजेक्ट के कंसल्टेंट राजेन्द्र जैन ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में वास्तविक खर्च 13-15 करोड़ था। जबकि रिकॉर्ड में 7.14 करोड़ ही दिखाया गया। जब्त डिजिटल डिवाइसेस से पता चला कि बघेल की कंपनी ने एक ठेकेदार को 4.2 करोड़ कैश पेमेंट किया गया, जो रिकॉर्ड में नहीं दिखाया गया।
भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को भिलाई से ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने गिरफ्तार किया है। ED का आरोप है कि शराब घोटाले की रकम से चैतन्य को 16.70 करोड़ रुपए मिले हैं। शराब घोटाले से मिले ब्लैक मनी को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में इन्वेस्ट किया गया।
ब्लैक मनी को वाइट करने के लिए फर्जी निवेश दिखाए और सिंडिकेट के साथ मिलकर 1000 करोड़ रुपए की हैंडलिंग (हेरफेर) की गई। ED ने ये सारे आरोप अपने रिमांड एप्लीकेशन में लगाए हैं। ED ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर चैतन्य बघेल को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने चैतन्य को 22 जुलाई तक ED की 5 दिन की रिमांड पर भेजा है।
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बता दें कि ईडी ने 18 जुलाई की सुबह भिलाई स्थित बघेल निवास पर छापा मारकर चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन के दिन ही गिरफ्तार किया था। उन पर छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। मामले में पूछताछ के लिए कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की रिमांड पर भेजा था। रिमांड खत्म होने पर आज उन्हें दोबारा कोर्ट में पेश किया गया।
ED ने चैतन्य पर लगाए ये आरोप ED के अनुसार लीकर स्कैम में पूछताछ में शराब कारोबारी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू ने EOW को बयान दिया था कि, उसने और चैतन्य बघेल ने मिलकर 1000 करोड़ से ज्यादा घोटाले की रकम को हैंडल किया। यह कैश अनवर ढेबर ने दीपेन चावड़ा को पहुंचाया। यह पैसा बाद में राम गोपाल अग्रवाल को दिया गया।
| चैतन्य को जेल भेजा गया- ईडी रिमांड खत्म होने पर विशेष कोर्ट ने चैतन्य बघेल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। मनी लॉन्ड्रिंग में 1000 करोड़- ईडी के मुताबिक चैतन्य ने शराब घोटाले की रकम को मनी लॉन्ड्रिंग कर छुपाया। नकद में 100 करोड़ की डिलीवरी- पप्पू बंसल के बयान के अनुसार चैतन्य के कहने पर 100 करोड़ नकद दिए गए। प्रोजेक्ट में इन्वेस्टमेंट- "विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट" में घोटाले की रकम से 13-15 करोड़ का निवेश किया गया। डिजिटल सबूत बरामद- ईडी ने छापेमारी में डिवाइस और दस्तावेज जब्त किए, जिनसे घोटाले की पुष्टि हुई। |
इसकी व्यवस्था चैतन्य बघेल के साथ मिलकर की गई और चैतन्य बघेल के कहने पर 1000 करोड़ में से 100 करोड़ नकद केके श्रीवास्तव को दिया गया। पप्पू बंसल ने पूछताछ में ये भी स्वीकार किया है कि शराब घोटाले से उसे 3 महीने में 136 करोड़ रुपए मिले हैं। अनवर ढेबर और नीतेश पुरोहित के बीच चैट में हुई बातचीत में इसकी जानकारी है।
चैतन्य के प्रोजेक्ट में 13-15 करोड़ इन्वेस्ट
प्रोजेक्ट के कंसल्टेंट राजेन्द्र जैन ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में वास्तविक खर्च 13-15 करोड़ था। जबकि रिकॉर्ड में 7.14 करोड़ ही दिखाया गया। जब्त डिजिटल डिवाइसेस से पता चला कि बघेल की कंपनी ने एक ठेकेदार को 4.2 करोड़ कैश पेमेंट किया गया, जो रिकॉर्ड में नहीं दिखाया गया।
शराब घोटाला मामले में इस वजह से हुई चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी
ब्लैक मनी को वाइट करने के लिए फर्जी निवेश दिखाए और सिंडिकेट के साथ मिलकर 1000 करोड़ रुपए की हैंडलिंग (हेरफेर) की गई। ED ने ये सारे आरोप अपने रिमांड एप्लीकेशन में लगाए हैं। ED ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर चैतन्य बघेल को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने चैतन्य को 22 जुलाई तक ED की 5 दिन की रिमांड पर भेजा है।
FAQ
- चैतन्य बघेल को कब गिरफ्तार किया गया था?
उन्हें 18 जुलाई की सुबह उनके जन्मदिन के दिन ईडी ने गिरफ्तार किया था। - चैतन्य पर मुख्य आरोप क्या है?
उन पर छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप है। - कितने पैसों के लेन-देन की बात सामने आई है?
करीब 1000 करोड़ रुपए की हेराफेरी का आरोप है, जिसमें से 100 करोड़ नकद दिए जाने की बात कही गई है। - क्या घोटाले की रकम प्रोजेक्ट्स में निवेश हुई?
हां, चैतन्य के विट्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट में 13-15 करोड़ रुपए की रकम निवेश की गई। - आगे की कार्रवाई क्या हो सकती है?
न्यायिक हिरासत में पूछताछ और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ मामले में और खुलासे संभव हैं।
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