पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव की पत्नी का निधन, सरगुजा राजघराने में शोक की लहर
Arun Tiwari | Jun 15, 2024, 15:53 IST
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पूर्व उप मुख्यमंत्री व सरगुजा राजपरिवार के महाराज टीएस सिंहदेव की पत्नी इंदिरा सिंहदेव का निधन हो गया है। लंबी बीमारी के बाद इंदिरा सिंह ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने अपने निवास तपस्या में अंतिम सांसें ली।
रायपुर : छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री व सरगुजा राजपरिवार के महाराज टीएस सिंहदेव की पत्नी इंदिरा सिंहदेव का निधन हो गया है। लंबी बीमारी के बाद इंदिरा सिंह ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने अपने निवास तपस्या में अंतिम सांसें ली। कोठीघर के सामने रानी तालाब में आज ही उनका अंतिम संस्कार होगा। उनके निधन से राजपरिवार सहित सरगुजा में शोक की लहर है। उनका अंतिम संस्कार रानी तालाब, अम्बिकापुर में किया जायेगा। इनका जन्म दिनांक 12 अप्रैल 1950 को धरमजयगढ़ राजपरिवार में हुआ था। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि अभी बेहद दुखद सूचना प्राप्त हुई है। सरगुजा राजपरिवार की इंदिरा सिंह जी (बेबी राज जी) का देहांत हो गया है। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से संघर्ष कर रही थीं। हम सब उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हैं। इस दुःख की घड़ी में सिंहदेव परिवार के साथ हम सब हैं। यह हमारी पारिवारिक क्षति भी है।
सरगुजा व धरमजयगढ़ राजपरिवार से ताल्लुकात होने के कारण स्वर्गीय इंदिरा सिंहदेव ग्रामीण क्षेत्र में बेबी राज के नाम से लोकप्रिय थीं। आदिवासी बाहुल्य सरगुजा के महिलाओं को समाज की मुख्य धारा जोड़ने के लिए इन्होंने समय पर न सिर्फ ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया बल्कि उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक सहायता भी उपलब्ध कराने में हमेशा आगे रही है। अंबिकापुर सहित सरगुजा जिले में संचालित होने वाले वृद्ध आश्रमों में इंदिरा सिंहदेव हर तरह से मदद करने के लिए आगे रहती थी।
सरगुजा राज परिवार के करीबी लोगों की माने तो इंदिरा सिंह देव जितना प्यार जंगल, पहाड़, नदियों से करती थी उतना ही जानवरों से भी उनका लगाव था। इन्होंने अपने जीवन काल में दर्जनों ऊंचे नस्ल के श्वान (कुत्ता) पालें हैं जोकि आज भी इनके निवास में देखें जा सकते हैं। पालतू कुत्तों से इनका इतना लगाव था कि ये हमेशा ही इनसे घिरी रहती थी।
राजपरिवार के बेहद करीबी लोगों की माने तो स्व. इंदिरा सिंहदेव एक कुशल व्यवसायी के साथ साथ राजनीति की काफी जानकार थीं। यही कारण है कि राजनीति में अक्सर टीएस सिंहदेव के साथ सलाह मशवरा में शामिल रहती थीं। स्वभाव से काफी नरम व कम बोलने के कारण इंदिरा सिंहदेव कुछ ही मौके पर ही बोलते दिखाई पड़ती थीं। वे खाली समय पर किताबें पढ़ती थीं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार टीएस सिंह देव की पत्नी इंदिरा सिंह देव लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रही थीं। दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में उनका इलाज कराया लेकिन वे बच नहीं सकी। बीते 13 जून को उनको मुंबई से अम्बिकापुर एयर एम्बुलेंस के जरिए लाया गया था, जहां आज उनका निधन हो गया।
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महिला सशक्तिकरण व वृद्धाश्रमों को उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान रहा
सरगुजा व धरमजयगढ़ राजपरिवार से ताल्लुकात होने के कारण स्वर्गीय इंदिरा सिंहदेव ग्रामीण क्षेत्र में बेबी राज के नाम से लोकप्रिय थीं। आदिवासी बाहुल्य सरगुजा के महिलाओं को समाज की मुख्य धारा जोड़ने के लिए इन्होंने समय पर न सिर्फ ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया बल्कि उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक सहायता भी उपलब्ध कराने में हमेशा आगे रही है। अंबिकापुर सहित सरगुजा जिले में संचालित होने वाले वृद्ध आश्रमों में इंदिरा सिंहदेव हर तरह से मदद करने के लिए आगे रहती थी।
जानवरों से काफी लगाव था
सरगुजा राज परिवार के करीबी लोगों की माने तो इंदिरा सिंह देव जितना प्यार जंगल, पहाड़, नदियों से करती थी उतना ही जानवरों से भी उनका लगाव था। इन्होंने अपने जीवन काल में दर्जनों ऊंचे नस्ल के श्वान (कुत्ता) पालें हैं जोकि आज भी इनके निवास में देखें जा सकते हैं। पालतू कुत्तों से इनका इतना लगाव था कि ये हमेशा ही इनसे घिरी रहती थी।
पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंह देव के राजनीतिक सलाहकार भी थी
राजपरिवार के बेहद करीबी लोगों की माने तो स्व. इंदिरा सिंहदेव एक कुशल व्यवसायी के साथ साथ राजनीति की काफी जानकार थीं। यही कारण है कि राजनीति में अक्सर टीएस सिंहदेव के साथ सलाह मशवरा में शामिल रहती थीं। स्वभाव से काफी नरम व कम बोलने के कारण इंदिरा सिंहदेव कुछ ही मौके पर ही बोलते दिखाई पड़ती थीं। वे खाली समय पर किताबें पढ़ती थीं।
कैंसर से थीं पीड़ित
प्राप्त जानकारी के अनुसार टीएस सिंह देव की पत्नी इंदिरा सिंह देव लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रही थीं। दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में उनका इलाज कराया लेकिन वे बच नहीं सकी। बीते 13 जून को उनको मुंबई से अम्बिकापुर एयर एम्बुलेंस के जरिए लाया गया था, जहां आज उनका निधन हो गया।
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