MLA लखमा की जेल के बाद अब पूर्व मेयर एजाज ढेबर को ACB-EOW ने किया तलब
Marut raj | Feb 10, 2025, 20:44 IST
Former Mayor Ejaz Dhebar summoned by ACB EOW in liquor scam the sootr
Former Mayor Ejaz Dhebar summoned by ACB- EOW in liquor scam : ढेबर ने चुनाव के कारण कुछ दिनों के मोहल मांगी है, लेकिन जांच एजेंसियां उनको यह मोहलत देने के लिए राजी दिखाई नहीं दे रही हैं। शराब घोटाले के मास्टर माइंड पहले से ही जेल में हैं।
Former Mayor Ejaz Dhebar summoned by ACB- EOW in liquor scam : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले के नए_नए साकी सामने आ रहे हैं। इस मामले में अब पूर्व मेयर एजाज ढेबर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एसीबी और ईओडब्ल्यू ने एजाज ढेबर को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। इसके अलावा उनके कुछ करीबी रिश्तेदारों को भी नोटिस भेजा गया है।
सूत्रों के अनुसार ढेबर ने चुनाव के कारण कुछ दिनों के मोहल मांगी है, लेकिन जांच एजेंसियां उनको यह मोहलत देने के लिए राजी दिखाई नहीं दे रही हैं। शराब घोटाले के मास्टर माइंड पहले से ही जेल में हैं। इनमें एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर भी शामिल है।
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हाल ही में पूर्व मंत्री कवासी लखमा भी इस मामले में जेल की सलाखों के पीछे चले गए हैं। इस घोटाले में पहले से ही एजाज ढेबर के बड़े भाई अनवर ढेबर जेल में हैं, जिन्हें इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। जनवरी 2024 में प्रवर्तन निदेशालय की शिकायत पर EOW-ACB ने FIR दर्ज की थी, जिसमें 2000 करोड़ से अधिक के घोटाले का खुलासा हुआ था।
ED की जांच के मुताबिक, भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर ने मिलकर अवैध सिंडिकेट बनाकर घोटाला किया। जांच के दौरान पता चला कि डुप्लीकेट होलोग्राम के जरिए शराब बिक्री में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई। अनवर ढेबर की जमीन से भारी मात्रा में नकली होलोग्राम बरामद हुए थे। अब EOW-ACB एजाज ढेबर और उनके करीबी रिश्तेदारों से पूछताछ की तैयारी कर रही है।
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ईओडब्ल्यू और एसीबी की एफआईआर में 70 से ज्यादा लोगों ने नाम हैं। इनमें कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं। इस घोटाले की जांच ईडी भी कर रही है। जो जेल में बंद हैँ उनमें प्रमुख रुप से ये नाम शामिल हैं।
EOW-ACB की जांच के तहत एजाज ढेबर से पूछताछ की जाएगी। चुनावी व्यस्तताओं का हवाला देकर पूछताछ टालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जांच एजेंसी जल्द ही सख्त कार्रवाई कर सकती है। जल्द ही जांच एजेंसियों की जद में कुछ और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
इस घोटाले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों और नए खुलासों से छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियां आगे क्या कदम उठाती हैं और इस बड़े घोटाले में शामिल अन्य लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।
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सूत्रों के अनुसार ढेबर ने चुनाव के कारण कुछ दिनों के मोहल मांगी है, लेकिन जांच एजेंसियां उनको यह मोहलत देने के लिए राजी दिखाई नहीं दे रही हैं। शराब घोटाले के मास्टर माइंड पहले से ही जेल में हैं। इनमें एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर भी शामिल है।
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2 हजार करोड़ से ज्यादा का घोटाला
हाल ही में पूर्व मंत्री कवासी लखमा भी इस मामले में जेल की सलाखों के पीछे चले गए हैं। इस घोटाले में पहले से ही एजाज ढेबर के बड़े भाई अनवर ढेबर जेल में हैं, जिन्हें इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। जनवरी 2024 में प्रवर्तन निदेशालय की शिकायत पर EOW-ACB ने FIR दर्ज की थी, जिसमें 2000 करोड़ से अधिक के घोटाले का खुलासा हुआ था।
ED की जांच के मुताबिक, भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर ने मिलकर अवैध सिंडिकेट बनाकर घोटाला किया। जांच के दौरान पता चला कि डुप्लीकेट होलोग्राम के जरिए शराब बिक्री में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गई। अनवर ढेबर की जमीन से भारी मात्रा में नकली होलोग्राम बरामद हुए थे। अब EOW-ACB एजाज ढेबर और उनके करीबी रिश्तेदारों से पूछताछ की तैयारी कर रही है।
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एफआईआर में 70 से ज्यादा नाम शामिल
ईओडब्ल्यू और एसीबी की एफआईआर में 70 से ज्यादा लोगों ने नाम हैं। इनमें कई प्रभावशाली लोग शामिल हैं। इस घोटाले की जांच ईडी भी कर रही है। जो जेल में बंद हैँ उनमें प्रमुख रुप से ये नाम शामिल हैं।
- पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा
- शराब कारोबारी अनवर ढेबर
- पूर्व एमडी अरुणपति त्रिपाठी
- पूर्व मंत्री कवासी लखमा
- कारोबारी यश टुटेजा
- तत्कालीन सीएम की उपसचिव सौम्या चौरसिया
- शराब व्यवसाय से जुड़े अन्य कारोबारी और अधिकारी
क्या हो सकता है आगे
इस घोटाले में लगातार हो रही गिरफ्तारियों और नए खुलासों से छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि जांच एजेंसियां आगे क्या कदम उठाती हैं और इस बड़े घोटाले में शामिल अन्य लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।
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