CGPSC के पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवाने गिरफ्तारी से बचने अस्पताल में फरमा रहे आराम

Pratibha ranaa | Mar 19, 2024, 11:38 IST
Share
पलपल
पीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवाने

बेटे बहू समेत भाई भतीजों को डिप्टी कलेक्टर बनाने वाले तत्कालीन पीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवाने गिरफ्तारी से बचने के लिए निजी अस्पताल में आराम फरमा रहे हैं। ये मामला अब लोकसभा चुनाव में फिर मुद्दा बन गया है।

अरुण तिवारी, RAIPUR. पीएससी की एक परीक्षा ने छत्तीसगढ़ को पूरे देश में कुख्यात कर दिया है। ये है पीएससी का फर्जीवाड़ा, जिसकी जांच सीबीआई को सौंपी है। महादेव सट्टा कांड के बाद ये भूपेश सरकार में हुआ ये दूसरा कांड है, जिसकी गूंज विधानसभा के बाद लोकसभा चुनाव में भी सुनाई दे रही है। हैरानी की बात ये है कि बेटे बहू को डिप्टी कलेक्टर बनाने वाले तत्कालीन पीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवाने ( PSC Chairman Taman Singh Son awane ) गिरफ्तारी से बचने के लिए निजी अस्पताल में आराम फरमा रहे हैं। क्या है पीएससी की एबीसी आइए आपको बताते हैं....

ुवपुव
ुवपुव


ु
ु


ये तीन तस्वीरें देखिए। ये तस्वीरें एक निजी अस्पताल के आरामदायक प्रायवेट वार्ड की हैं। तस्वीरों में दिखाई दे रहे है पीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवाने। ये तस्वीरें गुपचुप तरीके से खींची गई हैं। इनको बीजेपी नेता ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट भी किया हैं। ये वही सोनवाने हैं, जिन पर अपने बेटे बहू समेत परिवार के सभी सदस्यों को डिप्टी कलेक्टर बनाने का आरोप है। इनकी तलाश आय से अधिक संपत्ति के मामले में ईओडब्ल्यू और भर्ती में फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस कर रही है। गिरफ्तारी से बचने के लिए ये यहां आराम फरमा रहे हैं और यहां से खिसकने के चक्कर में भी हैं।

ये खबर भी पढ़िए...CEC- CWC Meeting : दिल्ली में आज कांग्रेस प्रत्याशियों के नामों पर लग सकती है अंतिम मुहर

बच्चों के भविष्य के साथ खुलेआम खिलवाड़


अब इस फर्जीवाड़े की सतह में जाते हैं। इस फर्जीवाड़े ने छत्तीसगढ़ के सैकड़ों युवाओं के भविष्य पर डाका डाल दिया। चयन हुआ तो अध्यक्ष, राजनेता और अफसरों के भाई भतीजों और पुत्रों का। 2021 में ये परीक्षा हुई 2023 में रिजल्ट आया। रिजल्ट आते ही ये ये विवादों में घिर गया और इस पर सवाल खड़े हो गए। पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने हाईकोर्ट में एक पीआईएल दाखिल की जिसमें इस चयन सूची पर गंभीर आपत्तियां और तथ्य पेश किए गए थे।

चयन सूची...


  • नितेश - चयन डिप्टी कलेक्टर
    टामन सिंह सोनवानी के दत्तक पुत्र



  • निशा कोशले - डिप्टी कलेक्टर
    नितेश की पत्नी यानी टामन सिंह की बहू



  • साहिल - चयन डीएसपी
    टामन सिंह के भाई के बेटे



  • दीपा - जिला आबकारी अधिकारी
    टामन सिंह के भाई की बहू



  • सुनीति जोशी - श्रम अधिकारी
    टामन सिंह की बहन की पुत्री यानी उनकी भांजी।



  • मीनाक्षी - डिप्टी कलेक्टर
    टामन सिंह के करीबी की बेटी

ये खबर भी पढ़िए...Infosys: एकाग्र बना भारत का सबसे छोटा अरबपति, दादा नारायणमूर्ति ने दिए 240 करोड़ के शेयर

इतना ही नहीं पूर्व सचिव के बेटे बहू, तत्कालीन सचिव के पुत्र, कांग्रेस नेताओं और अफसरों के पुत्रों के नाम भी चयनित उम्मीदवारों की सूची में आए हैं। ये मुद्दा विधानसभा चुनावों में खूब उछला और बीजेपी ने अपने मेनिफेस्टो में ही इसकी जांच सीबीआई से कराने का ऐलान कर दिया। अब इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है।

असोनवाने की संपत्ति, जिसकी जांच ईओडब्ल्यू के हवाले


धमतरी के सरबादा गांव में आलीशान बंगला, 30 एकड़ जमीन, खेती बाड़ी, बड़ी बडी गाड़ियां, पोल्ट्री फॉर्म, मत्स्य और सुअर पालन का कारोबार भी है। आठवीं तक स्कूल, बच्चों को लाने ले जाने के लिए कई बसें, जामगांव में कॉलेज भी संचालित है। रायपुर, धमतरी, अम्बिकापुर, दुर्ग और जशपुर में घर और जमीनें हैं। ये संपत्ति सोनवाने ने पीएससी चेयरमैन रहते हुए अर्जित की है। ये सब बेटे बहू पत्नी और अन्य रिश्तेदारों के नाम हैं।

लोकसभा चुनाव में बना मुद्दा


ये फर्जीवाड़ा मप्र के व्यापम की तरह चुनाव के केंद्र में आ गया है। विधानसभा चुनाव के बाद भी इसकी आग अभी ठंडी नहीं हुई है। लोकसभा चुनाव में भी या मुद्दा गरमा रहा है। इसकी तपिश को देखते हुए सरकार ने एक और आयोग बना दिया है जो पीएससी की परीक्षा को पारदर्शी और फुलप्रूफ बनाने का काम करेगा ताकि योग्य उम्मीदवारों का ही इसमें चयन हो।

ये परीक्षा 121 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित की गई थी। प्री एग्जाम में 2565 अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की। मेन्स में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 170 कि सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई। इस सिलेक्शन लिस्ट ने ही युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर दिया। इस बार 52 लाख से ज्यादा युवा वोटर हैं इसलिए ये मुद्दा मायने रखता है।

Tags:
  • पीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवाने
  • PSC Chairman Taman Singh Sonawane
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा