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NEWS IN SHORT
- गरियाबंद जिले में 9 नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया।
- सरेंडर करने वालों में 6 महिला और 3 पुरुष नक्सली शामिल हैं।
- सीनापाली–एसडीके–सोनाबेड़ा–धरमबंधा–कुलीभीतर कमेटी का पूरी तरह सफाया।
- बलदेव, अंजू, सुनील, जानसी और दीपक जैसे 8-8 लाख के इनामी नक्सली मुख्यधारा में लौटे।
- पुलिस की “प्रहार और पुनर्वास” नीति को बड़ी सफलता मिली।
NEWS IN DETAIL
नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। जिले में सक्रिय 9 नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण कर दिया, जिससे इलाके में फैला एक बड़ा नक्सली नेटवर्क पूरी तरह खत्म हो गया।
इस आत्मसमर्पण के साथ ही सीनापाली–एसडीके–सोनाबेड़ा–धरमबंधा–कुलीभीतर नक्सली कमेटी का पूरी तरह सफाया हो गया है। यह कमेटी लंबे समय से गरियाबंद और आसपास के इलाकों में सक्रिय थी।
भावुक अपील बनी सरेंडर की वजह
इस ऐतिहासिक आत्मसमर्पण के पीछे भावनात्मक पहलू भी सामने आया है। रविवार को सोशल मीडिया पर बलदेव और ऊषा के परिजनों के वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें वे अपने बच्चों से हथियार छोड़कर घर लौटने की अपील कर रहे थे। साथ ही पहले सरेंडर कर चुके सुनील, जानसी और दीपक ने भी वीडियो जारी कर नक्सलियों से हिंसा छोड़ने की अपील की थी।
इनामी नक्सली और बरामद हथियार
आत्मसमर्पण करने वाले 9 नक्सलियों में कई बड़े कैडर शामिल हैं।
- बलदेव (DBCM) – 8 लाख इनाम, AK-47/SLR के साथ सरेंडर
- अंजू (DBCM) – 8 लाख इनाम, INSAS राइफल
- डमरू (DBCM) – 8 लाख इनाम, AK-47
- रंजीत (AC सचिव) – 8 लाख इनाम
- महिला नक्सलियों में सोनी, पार्वती, रत्ना, नविता और सरुपा भी शामिल हैं।
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अब सिर्फ सीतानदी कमेटी शेष
सीनापाली कमेटी के खात्मे के बाद अब जंगल में केवल सीतानदी कमेटी के कुछ सदस्य—ज्योति, रामदास और उमा—बचे हैं। इन सभी पर 8-8 लाख रुपए का इनाम घोषित है।
Document:
SOOTR KNOWLEDGE
- आत्मसमर्पण नीति नक्सलवाद को कमजोर करने का प्रभावी तरीका है।
- परिवार की भावनात्मक अपील नक्सलियों पर गहरा असर डालती है।
- महिला नक्सलियों की संख्या कई इलाकों में अधिक रही है।
- बड़े कैडर के सरेंडर से पूरे नेटवर्क पर असर पड़ता है।
- पुनर्वास के बाद कई पूर्व नक्सली सामान्य जीवन जी रहे हैं।
IMP FACTS
- स्थान: गरियाबंद जिला, छत्तीसगढ़
- आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली: 9
- महिला नक्सली: 6
- पुरुष नक्सली: 3
- इनामी नक्सली: 8-8 लाख तक
आगे क्या
- आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास योजना का लाभ मिलेगा।
- सीतानदी कमेटी के बचे सदस्यों पर दबाव बढ़ेगा।
- रायपुर आईजी और गरियाबंद एसपी विस्तृत खुलासा करेंगे।
निष्कर्ष
गरियाबंद में 9 नक्सलियों का एक साथ आत्मसमर्पण नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ी जीत है। पुलिस की सख्त कार्रवाई और मानवीय पुनर्वास नीति ने यह साबित कर दिया है कि हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटना ही स्थायी समाधान है।
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