प्रकृति की गोद में बसा देवी का मंदिर, आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का संगम, नौ दिन, नौ देवियां
thesootr Desk | Mar 21, 2026, 18:52 IST
Goddess Temple Nestled Lap Nature Confluence Faith and Natural Beauty
गरियाबंद का जतमई माता मंदिर देवी दुर्गा जी को समर्पित एक प्राचीन मंदिर है, जो झरनों और प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा है। यहाँ चैत्र और कुंवर नवरात्रि में भव्य मेला लगता है, और पास ही जतमई जलप्रपात एक लोकप्रिय पिकनिक स्थल है।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित जतमई माता मंदिर देवी दुर्गा को समर्पित एक प्राचीन हिंदू मंदिर है, जो धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करता है। यह मंदिर राज्य की राजधानी रायपुर से लगभग 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जो इसे राजधानीवासियों और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए एक लोकप्रिय तीर्थ स्थल बनाता है।
मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसके आसपास बहने वाले झरने हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इन जलधाराओं से माता ने अपने पैर छुए थे और चट्टानों से पानी नीचे गिरा था। इन झरनों को माता की सेविकाओं के रूप में पूजा जाता है, जो इस स्थल को धार्मिक दृष्टि से और भी पवित्र बनाता है। भक्तगण यहाँ न केवल पूजा-अर्चना के लिए आते हैं, बल्कि इस स्थान की प्राकृतिक सुंदरता और शांति का आनंद भी लेते हैं।
विशेष रूप से चैत्र और कुंवर नवरात्रि के दौरान मंदिर में भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। इन अवसरों पर आसपास के गांव और शहरों से हजारों श्रद्धालु यहां आते हैं। मेले में पूजा-अर्चना के साथ-साथ धार्मिक कार्यक्रम और सांस्कृतिक गतिविधियाँ भी आयोजित होती हैं, जो पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल पैदा कर देती हैं।
जतमई माता मंदिर झरनों के बीच स्थित होने के कारण छत्तीसगढ़ के सबसे लोकप्रिय पिकनिक स्थलों में से एक माना जाता है। यह स्थान परिवार और मित्रों के साथ एक आरामदायक और मनोरंजक दिन बिताने के लिए आदर्श है। मंदिर के पास बहने वाले झरने सीढ़ीनुमा प्रवाह में बहते हैं, जो देखने में अत्यंत सुंदर और मनमोहक दृश्य उत्पन्न करते हैं।
![प्राकृतिक दृष्टि से अद्भुत]()
मंदिर और जलप्रपात के प्राकृतिक वातावरण में ठंडक और हरियाली का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। मंदिर के ठीक नीचे बहता जलप्रपात अपने आसपास शांत वातावरण और ताजगी भरी हवा का अनुभव कराता है। गर्मियों में यहां का पानी और प्राकृतिक छाया पर्यटकों और श्रद्धालुओं को राहत प्रदान करती है।
कुछ ही दूर है
यदि आप ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों में रुचि रखते हैं, तो जतमई माता मंदिर के पास स्थित घटरानी मंदिर घटारानी मंदिर को भी देखा जा सकता है, जो मंदिर से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह मंदिर भी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है और जतमई यात्रा को और भी समृद्ध बनाता है।
![घटरानी मंदिर]()
जतमई माता मंदिर और जलप्रपात की यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य और स्थानीय संस्कृति का अनुभव कराने वाली एक पूर्ण यात्रा है। यहां आने वाले पर्यटक मंदिर में प्रार्थना करने के साथ-साथ झरनों के किनारे बैठकर मन को शांति और ताजगी देने वाले वातावरण का अनुभव करते हैं। इस प्रकार, गरियाबंद जिले का यह स्थल धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का उत्कृष्ट मिश्रण प्रस्तुत करता है। चाहे आप श्रद्धालु हों या प्रकृति प्रेमी, जतमई माता मंदिर और जलप्रपात एक ऐसा अनुभव देते हैं, जिसे जीवनभर याद रखा जा सकता है।
चैत्र नवरात्रि 2026 में जरूर करें MP के इन प्रसिद्ध देवी माता मंदिरों के दर्शन
मुरैना में चामड़ माता मंदिर की छत गिरने से 3 बच्चियों की मौत, 6 घायल
मध्य प्रदेश के पचेटी माता मंदिर की अनोखी कहानी, मन्नत पूरी होने की मिलती है गारंटी वाली रसीद
देवउठनी एकादशी पर जरूर करें मध्यप्रदेश के एकादशी माता मंदिर के दर्शन, शादी की समस्याएं होगी दूर
मंदिर से जुडी हुई मान्यताएं
नवरात्रि में भव्य मेले का आयोजन
प्राकृतिक दृष्टि से अद्भुत
प्राकृतिक दृष्टि से अद्भुत
मंदिर और जलप्रपात के प्राकृतिक वातावरण में ठंडक और हरियाली का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है। मंदिर के ठीक नीचे बहता जलप्रपात अपने आसपास शांत वातावरण और ताजगी भरी हवा का अनुभव कराता है। गर्मियों में यहां का पानी और प्राकृतिक छाया पर्यटकों और श्रद्धालुओं को राहत प्रदान करती है।
कुछ ही दूर है घटारानी मंदिर
घटरानी मंदिर
शांत वातावरण अपनी और आकर्षित करता है
ये खबरें भी पढ़ें...
मुरैना में चामड़ माता मंदिर की छत गिरने से 3 बच्चियों की मौत, 6 घायल
मध्य प्रदेश के पचेटी माता मंदिर की अनोखी कहानी, मन्नत पूरी होने की मिलती है गारंटी वाली रसीद
देवउठनी एकादशी पर जरूर करें मध्यप्रदेश के एकादशी माता मंदिर के दर्शन, शादी की समस्याएं होगी दूर
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari