टैक्स चोरी रोकने GST विभाग ने बदले नियम, ई-वे बिल के लिए अब ये जरूरी
Jitendra Shrivastava | Feb 25, 2024, 23:32 IST
THESOOTR
छत्तीसगढ़ में एक मार्च से पांच करोड़ से ज्यादा कारोबार करने वाले व्यवसायी बिना ई-चालान के ई-वे बिल जेनरेट नहीं कर पाएंगे। बताया जा रहा है कि टैक्स चोरी रोकने के लिए एक मार्च से जीएसटी विभाग द्वारा यह नया नियम लाया जा रहा है।
RAIPUR. अगले महीने से पांच करोड़ से ज्यादा कारोबार करने वाले कारोबारी बिना ई-चालान के ई-वे बिल जनरेट नहीं कर पाएंगे। बताया जा रहा है कि टैक्स चोरी रोकने के लिए एक मार्च से जीएसटी विभाग द्वारा यह नया नियम लाया जा रहा है। मालूम हो कि जीएसटी के नियमों के अनुसार 50 हजार रुपए से अधिक मूल्य के सामान को एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच ले जाने के लिए कारोबारियों को ई-वे बिल की आवश्यकता पड़ती है। अब मार्च से नया नियम लागू होने के बाद बिना ई चालान के ई-वे बिल जनरेट नहीं किया जा सकेगा। बताया जा रहा है कि टैक्स भुगतान में पारदर्शिता लाने के लिए इस नियम को लागू किया जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर(एनआइसी) ने अपनी जांच में पाया है कि बहुत से ऐसे टैक्सपेर्यस हैं, जो बिजनेस टू बिजनेस और बिजनेस टू एक्सपोर्ट ट्रांजेक्शन के लिए ई चालान के बिना ही ई-वे बिल जेनरेट कर रहे हैं। ऐसे में कई बार ऐसा होता है कि बिजनेस का ई-वे बिल और ई-चालान मैच नहीं करता।
ये खबरें भी पढ़ें...
जीत का लक्ष्य लेकर लौटे साय, 29 को आ सकती हैं BJP उम्मीदवारों की लिस्ट
IPS अमरेश मिश्रा NIA से रिलीव, बन सकते हैं छत्तीसगढ़ के ACB चीफ
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में EOW की कार्रवाई, विवेक ढांड और अनिल टुटेजा के ठिकानों पर छापा
GST कार्रवाई, व्यापारियों ने किए tax चोरी के 7.60 करोड़ रुपए सरेंडर
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह नियम केवल ई-चालान के पात्र टैक्सपेयर्स के लिए ही लागू होगा। एनआइसी ने यह सप्ष्ट रूप से कहा है कि ग्राहकों और अन्य तरह के ट्रांजेक्शन के लिए ई-वे बिल जेनरेट के लिए ई चालान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
NIC ने जीएसटी टैक्सपेयर्स को आदेश देते हुए कहा है कि अब वह बिना ई-चालान के ई-वे बिल जेनरेट नहीं कर पाएंगे। यह नियम 1 मार्च 2024 से लागू हो जाएगा। यह नियम केवल ई-चालान के पात्र टैक्सपेयर्स के लिए ही लागू होगा। वहीं NIC ने यह साफ कर दिया है कि ग्राहकों और अन्य तरह के ट्रांजैक्शन के लिए ई-वे बिल जेनरेट करने के लिए ई-चालान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। ऐसे में ये ई-वे बिल पहले की तरह ही जेनरेट होते रहेंगे। इसका मतलब हुआ कि इन ग्राहकों पर बदले हुए नियम का कोई असर नहीं पड़ेगा।
GST में इन कारणों से हुआ बदलाव
विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर(एनआइसी) ने अपनी जांच में पाया है कि बहुत से ऐसे टैक्सपेर्यस हैं, जो बिजनेस टू बिजनेस और बिजनेस टू एक्सपोर्ट ट्रांजेक्शन के लिए ई चालान के बिना ही ई-वे बिल जेनरेट कर रहे हैं। ऐसे में कई बार ऐसा होता है कि बिजनेस का ई-वे बिल और ई-चालान मैच नहीं करता।
ये खबरें भी पढ़ें...
जीत का लक्ष्य लेकर लौटे साय, 29 को आ सकती हैं BJP उम्मीदवारों की लिस्ट
IPS अमरेश मिश्रा NIA से रिलीव, बन सकते हैं छत्तीसगढ़ के ACB चीफ
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में EOW की कार्रवाई, विवेक ढांड और अनिल टुटेजा के ठिकानों पर छापा
GST कार्रवाई, व्यापारियों ने किए tax चोरी के 7.60 करोड़ रुपए सरेंडर
पात्र टैक्सपेयर्स पर ही लागू होगा नियम
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह नियम केवल ई-चालान के पात्र टैक्सपेयर्स के लिए ही लागू होगा। एनआइसी ने यह सप्ष्ट रूप से कहा है कि ग्राहकों और अन्य तरह के ट्रांजेक्शन के लिए ई-वे बिल जेनरेट के लिए ई चालान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
1 मार्च से बदल रहे नियम
NIC ने जीएसटी टैक्सपेयर्स को आदेश देते हुए कहा है कि अब वह बिना ई-चालान के ई-वे बिल जेनरेट नहीं कर पाएंगे। यह नियम 1 मार्च 2024 से लागू हो जाएगा। यह नियम केवल ई-चालान के पात्र टैक्सपेयर्स के लिए ही लागू होगा। वहीं NIC ने यह साफ कर दिया है कि ग्राहकों और अन्य तरह के ट्रांजैक्शन के लिए ई-वे बिल जेनरेट करने के लिए ई-चालान की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। ऐसे में ये ई-वे बिल पहले की तरह ही जेनरेट होते रहेंगे। इसका मतलब हुआ कि इन ग्राहकों पर बदले हुए नियम का कोई असर नहीं पड़ेगा।
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari