14 वर्षीय रेप पीड़िता को गर्भपात की अनुमति, हाईकोर्ट बोला- नहीं डाल सकते बोझ
Harrison Masih | Jul 06, 2026, 12:58 IST
दुष्कर्म पीड़िता को गर्भपात की अनुमति 2026
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता 14 वर्षीय नाबालिग को 28 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने सात दिन के भीतर सुरक्षित गर्भपात कराने के निर्देश दिए हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- 14 वर्षीय पीड़िता को 28 सप्ताह का गर्भ समाप्त करने की अनुमति।
- CMHO को 7 दिन में सुरक्षित प्रक्रिया का आदेश।
- मेडिकल बोर्ड ने जोखिम की चेतावनी दी।
- हाईकोर्ट ने कहा- इच्छा के खिलाफ गर्भ नहीं रखा जा सकता।
- अनुच्छेद 21 के तहत गरिमा और अधिकारों पर जोर।
दिसंबर में हुआ था दुष्कर्म
बाद में जून 2026 में पेट में तेज दर्द होने पर परिजनों को मामले की जानकारी मिली। जांच के दौरान नाबालिग के गर्भवती होने का खुलासा हुआ, जिसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
मेडिकल बोर्ड ने बताई दोनों स्थितियों की चुनौती
हालांकि बोर्ड ने यह भी माना कि यदि पीड़िताा को गर्भ जारी रखने के लिए मजबूर किया जाता है तो उसे गंभीर शारीरिक और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ सकता है।
कोर्ट ने क्या कहा
कोर्ट ने कहा कि दुष्कर्म पीड़िताा पर अनचाहे मातृत्व का बोझ डालना उसके गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार के विपरीत होगा।
अनुच्छेद 21 का दिया हवाला
एक सप्ताह में पूरी होगी प्रक्रिया
FAQ
- क्या
रेप पीड़िता अबॉर्शन करा सकती है?
कुछ मामलों में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) कानून के तहत डॉक्टरों की अनुमति से गर्भपात कराया जा सकता है, लेकिन गर्भ ज्यादा समय का होने या संवेदनशील मामलों में कोर्ट की अनुमति जरूरी हो सकती है। - कितने सप्ताह तक कानूनी रूप से अबॉर्शन कराया जा सकता है?
भारत में MTP एक्ट के तहत सामान्य परिस्थितियों में 20 सप्ताह तक गर्भपात की अनुमति है। हालांकि रेप पीड़िता, नाबालिग या विशेष मामलों में मेडिकल बोर्ड और कोर्ट की अनुमति से 24 सप्ताह या उससे अधिक समय में भी गर्भपात कराया जा सकता है।
ये खबरें भी पढ़ें...
रेप पीड़िता को हाईकोर्ट ने दी गर्भपात की अनुमति दी गर्भपात की अनुमति, DNA सुरक्षित रखने का आदेश
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: यौन शोषण पीड़िताा दिव्यांग युवती को मिली गर्भपात की अनुमति
ग्वालियर हाईकोर्ट ने बलात्कार पीड़िताा को दी गर्भपात की अनुमति
अफसरों की गलती से मध्यप्रदेश के युवाओं की नौकरी पर संकट! कहीं मान्य, कहीं अमान्य जाति प्रमाणपत्र, आखिर जिम्मेदार कौन?
By Atul Dwivedi
शिखर अग्रवाल मामले में गहलोत की CBI-ED जांच की मांग, CM भजनलाल से पूछा- चुप क्यों हैं?
By Mukesh Sharma
बीजेपी विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का निधन, हैदराबाद में चल रहा था इलाज, लंबे समय से थे बीमार
By Harrison Masih
प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में EWS आरक्षण पर HC सख्त, केंद्र से MP सरकार तक पर लटकी अवमानना की तलवार
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ के वन कर्मचारियों के लिए खरीदी जा रही 29 हजार की लाठी, बाजार से दोगुनी कीमत पर उठे सवाल
By Arun Tiwari
गहलोत ने इंदिरा गांधी की 1978 की रैली याद दिलाई, बोले- तब जनता पार्टी की सरकार गई थी, अब वोट बचाने के लिए दिल्ली पहुंचें
By Raghvendra Singh Rathore
जयपुर की 112 ग्राम पंचायतों में वोटिंग जारी: दोपहर 1 बजे तक 45.09 फीसदी मतदान, देर रात तक आएंगे नतीजे
By Ashish Bhardwaj