गहलोत ने इंदिरा गांधी की 1978 की रैली याद दिलाई, बोले- तब जनता पार्टी की सरकार गई थी, अब वोट बचाने के लिए दिल्ली पहुंचें
दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम लोगों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील की है। उन्होंने इंदिरा गांधी के दौर की 'भारत बचाओ' रैली का जिक्र करते हुए कहा कि उस आंदोलन के बाद देश में राजनीतिक माहौल बदला और जनता पार्टी की सरकार चली गई।
गहलोत ने रैली को लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा से जोड़ते हुए इंदिरा गांधी के दौर की राजनीतिक परिस्थितियों को याद किया। उन्होंने 1978-79 में हुई 'भारत बचाओ' रैली का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस के आंदोलन ने पूरे देश में राजनीतिक माहौल बदल दिया था।
गहलोत ने उस दौर को याद करते हुए बताया कि बाद में कांग्रेस भारी बहुमत से सत्ता में लौटी और उन्हें भी पहली बार सांसद बनने का अवसर मिला। उनका कहना था कि आज देश में फिर ऐसी परिस्थितियां बन रही हैं, जिनमें लोकतंत्र को लेकर लोगों में चिंता और आक्रोश है।
राजस्थान कांग्रेस को एक लाख लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य मिला है। गहलोत के इस बयान के बीच भाजपा भी मतदाता सूची पुनरीक्षण पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के लिए अभियान शुरू कर रही है।
तमाम साथियों से मैं अपील करूंगा कि आप अधिक से अधिक लोग रैली में भाग लें, चाहे अपने साधनों से जाना पड़े, तब भी आप जाएं। इससे एक मैसेज जाएगा और देश को और डेमोक्रेसी को बचाने में आपकी भागीदारी होगी।~ आज प्रेस वार्ता के दौरान https://t.co/4bZpVDfBVs
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) October 30, 2026
अपने साधनों से भी दिल्ली पहुंचें, लोकतंत्र बचाने में भागीदारी निभाएं
गहलोत ने कहा कि आज देश के हालात को लेकर लोगों में चिंता और नाराजगी है। कांग्रेस इसी मुद्दे को लेकर जनता के बीच जा रही है।
इंदिरा गांधी के दौर का उदाहरण देकर क्या संदेश देना चाहते हैं गहलोत?
ऐतिहासिक रूप से जनता पार्टी की सरकार 1979 में गिरी थी और कांग्रेस ने जनवरी 1980 के लोकसभा चुनाव में बहुमत हासिल किया था। गहलोत पहली बार 1980 में जोधपुर से सांसद बने थे।
1978- 79 में जब श्रीमती इंदिरा गांधी कांग्रेस की अध्यक्ष थीं तब भारत बचाओ रैली हुई थी। उसके बाद में पूरे मुल्क में एक मैसेज गया, आंधी चली इंदिरा जी की, जनता पार्टी की सरकार को जाना पड़ा। कांग्रेस भारी बहुमत से संसदीय चुनाव जीती तथा मुझे भी पहली बार सांसद बनने के सौभाग्य मिला था। अब वोट बचाओ, देश बचाओ के नाम से रैली है। जो हालात देश में बन चुके हैं उससे देशवासियों में बहुत आक्रोश और चिंता है। ~ आज प्रेस वार्ता के दौरान
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) October 30, 2026
राजस्थान से एक लाख लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य
कांग्रेस की तैयारियों के अनुसार अलवर और भरतपुर से 10-10 हजार, जयपुर से आठ हजार तथा अजमेर और आसपास के जिलों से तीन हजार लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। चुनाव वाले जिलों को इस अभियान से छूट दी गई है।
बसों की जानकारी से लेकर तस्वीरों तक, कांग्रेस का वॉर रूम करेगा निगरानी
पार्टी का कंट्रोल रूम जिलों से आने वाले लोगों की जानकारी जुटाएगा। युवा कांग्रेस, NSUI, महिला कांग्रेस और अन्य प्रकोष्ठों को भी कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
ऐसे में गहलोत की अपने साधनों से दिल्ली पहुंचने की अपील महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी संगठन की व्यवस्थाओं के अलावा व्यक्तिगत स्तर पर भी लोगों को रैली से जोड़ने का प्रयास कर रही है।
मतदाता सूची के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने
दूसरी ओर, राजस्थान भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के लिए 30 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी अभियान शुरू करने की तैयारी की है। भाजपा इस मुद्दे पर अपना पक्ष जनता के सामने रखने जा रही है। इससे साफ है कि दिल्ली की रैली से पहले राजस्थान में भी मतदाता सूची का मुद्दा राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है।
दिल्ली के व्यापारियों से भी समर्थन मांग चुके हैं गहलोत
यह अपील ऐसे समय की गई थी, जब त्योहारी कारोबार पर असर पड़ने की आशंका को लेकर कुछ व्यापारी संगठनों ने रैली स्थगित करने की मांग उठाई थी।
दो दिन बाद दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन, राजस्थान कांग्रेस की तैयारियों की परीक्षा
By Arun Tiwari
By Ashish Bhardwaj
By Sanjay Gupta
By Harrison Masih
By Raghvendra Singh Rathore
By CHAKRESH
By Arohi Raj