गहलोत ने इंदिरा गांधी की 1978 की रैली याद दिलाई, बोले- तब जनता पार्टी की सरकार गई थी, अब वोट बचाने के लिए दिल्ली पहुंचें

Raghvendra Singh Rathore | Oct 30, 2026, 17:23 IST
Share
अशोक गहलोत ने इंदिरा गांधी की रैली याद दिलाई, बोले- तब जनता पार्टी की सरकार गई थी
अशोक गहलोत ने इंदिरा गांधी की रैली याद दिलाई, बोले- तब जनता पार्टी की सरकार गई थी

दिल्ली में 1 नवंबर को होने वाली 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम लोगों से बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने की अपील की है। उन्होंने इंदिरा गांधी के दौर की 'भारत बचाओ' रैली का जिक्र करते हुए कहा कि उस आंदोलन के बाद देश में राजनीतिक माहौल बदला और जनता पार्टी की सरकार चली गई।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिल्ली में होने वाली 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली से पहले बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। प्रेस वार्ता में उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचें। इसके लिए अपने साधनों से भी जाना पड़े तो पीछे नहीं हटें।

गहलोत ने रैली को लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा से जोड़ते हुए इंदिरा गांधी के दौर की राजनीतिक परिस्थितियों को याद किया। उन्होंने 1978-79 में हुई 'भारत बचाओ' रैली का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस के आंदोलन ने पूरे देश में राजनीतिक माहौल बदल दिया था।

गहलोत ने उस दौर को याद करते हुए बताया कि बाद में कांग्रेस भारी बहुमत से सत्ता में लौटी और उन्हें भी पहली बार सांसद बनने का अवसर मिला। उनका कहना था कि आज देश में फिर ऐसी परिस्थितियां बन रही हैं, जिनमें लोकतंत्र को लेकर लोगों में चिंता और आक्रोश है।

राजस्थान कांग्रेस को एक लाख लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य मिला है। गहलोत के इस बयान के बीच भाजपा भी मतदाता सूची पुनरीक्षण पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के लिए अभियान शुरू कर रही है।


अपने साधनों से भी दिल्ली पहुंचें, लोकतंत्र बचाने में भागीदारी निभाएं

गहलोत ने प्रेस वार्ता में कहा कि रैली में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि परिवहन की व्यवस्था नहीं होने पर भी वे अपने साधनों से दिल्ली जाने का प्रयास करें। उनके मुताबिक, बड़ी संख्या में लोगों का दिल्ली पहुंचना देशभर में राजनीतिक संदेश देगा। उन्होंने रैली में भागीदारी को केवल कांग्रेस का कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा से जुड़ा मुद्दा बताया।

गहलोत ने कहा कि आज देश के हालात को लेकर लोगों में चिंता और नाराजगी है। कांग्रेस इसी मुद्दे को लेकर जनता के बीच जा रही है।

इंदिरा गांधी के दौर का उदाहरण देकर क्या संदेश देना चाहते हैं गहलोत?

गहलोत ने 1978-79 के राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख करके वर्तमान रैली को ऐतिहासिक संदर्भ देने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि जब इंदिरा गांधी कांग्रेस की अध्यक्ष थीं, तब 'भारत बचाओ' रैली हुई थी। उसके बाद देश में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बना और जनता पार्टी की सरकार को सत्ता से हटना पड़ा।

ऐतिहासिक रूप से जनता पार्टी की सरकार 1979 में गिरी थी और कांग्रेस ने जनवरी 1980 के लोकसभा चुनाव में बहुमत हासिल किया था। गहलोत पहली बार 1980 में जोधपुर से सांसद बने थे।


राजस्थान से एक लाख लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य

कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली के लिए राजस्थान से कम से कम एक लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है। 25 अक्टूबर को जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई बैठक में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश के नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी थीं।

कांग्रेस की तैयारियों के अनुसार अलवर और भरतपुर से 10-10 हजार, जयपुर से आठ हजार तथा अजमेर और आसपास के जिलों से तीन हजार लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। चुनाव वाले जिलों को इस अभियान से छूट दी गई है।

बसों की जानकारी से लेकर तस्वीरों तक, कांग्रेस का वॉर रूम करेगा निगरानी

रैली में भीड़ जुटाने के लिए कांग्रेस ने संगठन स्तर पर निगरानी की व्यवस्था बनाई है। जिला अध्यक्षों, विधायकों और सांसदों को बसों की व्यवस्था करने तथा उनके प्रभारियों के मोबाइल नंबर और तस्वीरें वॉर रूम को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

पार्टी का कंट्रोल रूम जिलों से आने वाले लोगों की जानकारी जुटाएगा। युवा कांग्रेस, NSUI, महिला कांग्रेस और अन्य प्रकोष्ठों को भी कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

ऐसे में गहलोत की अपने साधनों से दिल्ली पहुंचने की अपील महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी संगठन की व्यवस्थाओं के अलावा व्यक्तिगत स्तर पर भी लोगों को रैली से जोड़ने का प्रयास कर रही है।

MP का पीथमपुर बना देश का सबसे प्रदूषित शहर, AQI 286 दर्ज, दिल्ली-NCR भी पीछे छूटा | MP's Pithampur becomes country's most polluted city, AQI recorded at 286, Delhi-NCR also left behind
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट: प्रदूषण में दिल्ली नहीं, MP का पीथमपुर पहले नंबर पर; AQI 286 दर्ज
30 Oct 2026 ,
By Arohi Raj
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने 28 अक्टूबर को देश के सबसे खराब वायु प्रदूषण वाले शहरों की सूची जारी की है। इस बार पहला नंबर दिल्ली का नहीं है। बता दें लिस्ट में मध्य प्रदेश का पीथमपुर सबसे ऊपर है। यहां की हवा इस सूची में सबसे जहरीली दर्ज हुई है। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 286 दर्ज किया गया है। आमतौर पर सुर्खियों में राजधानी दिल्ली आगे रहती थी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने 28 अक्टूबर को देश के सबसे खराब वायु प्रदूषण वाले शहरों की सूची जारी की है। इस बार पहला नंबर दिल्ली का नहीं है। बता दें लिस्ट में मध्य प्रदेश का पीथमपुर सबसे ऊपर है। यहां की हवा इस सूची में सबसे जहरीली दर्ज हुई है। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 286 दर्ज किया गया है। आमतौर पर सुर्खियों में राजधानी दिल्ली आगे रहती थी।

मतदाता सूची के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने

कांग्रेस ने रैली का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और मताधिकार की सुरक्षा को बनाया है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूचियों से नाम हटाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल हैं। कांग्रेस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी कर रही है।

दूसरी ओर, राजस्थान भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने के लिए 30 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी अभियान शुरू करने की तैयारी की है। भाजपा इस मुद्दे पर अपना पक्ष जनता के सामने रखने जा रही है। इससे साफ है कि दिल्ली की रैली से पहले राजस्थान में भी मतदाता सूची का मुद्दा राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है।

राजस्थान: 70 साल से वार्ड पंच चुनाव नहीं, एक जाजम पर बैठकर चुनते हैं प्रतिनिधि | Rajasthan: Ward Panch elections not held for 70 years, representatives chosen by sitting on one mat
राजस्थान के इस गांव में आजादी के बाद से नहीं हुआ वार्ड पंच का चुनाव, एक जाजम पर बैठकर चुनते हैं प्रतिनिधि
30 Oct 2026 ,
By Ashish Bhardwaj
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में एक ऐसा गांव है, जहां आजादी के बाद से अब तक वार्ड पंच चुनने के लिए एक भी वोट नहीं डाला गया। गनोड़ा तहसील की भुवासा ग्राम पंचायत के सज्जन सिंह का गढ़ गांव में लोग हर बार आपसी सहमति से वार्ड पंच चुनते हैं।
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में एक ऐसा गांव है, जहां आजादी के बाद से अब तक वार्ड पंच चुनने के लिए एक भी वोट नहीं डाला गया। गनोड़ा तहसील की भुवासा ग्राम पंचायत के सज्जन सिंह का गढ़ गांव में लोग हर बार आपसी सहमति से वार्ड पंच चुनते हैं।

दिल्ली के व्यापारियों से भी समर्थन मांग चुके हैं गहलोत

गहलोत इससे पहले दिल्ली के व्यापारियों से भी रैली में भाग लेने की अपील कर चुके हैं। उनके बयान में उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा केवल राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठानों से एक दिन का समय निकालकर रैली में शामिल होने का आग्रह किया था।

यह अपील ऐसे समय की गई थी, जब त्योहारी कारोबार पर असर पड़ने की आशंका को लेकर कुछ व्यापारी संगठनों ने रैली स्थगित करने की मांग उठाई थी।

पीएम किसान की 24वीं किस्त जारी: 9.34 करोड़ किसानों के खाते में पहुंचे 18,690 करोड़, राजस्थान को भी लाभ | PM Kisan 24th Installment Released: Rs 18,690 Crore Reached Accounts of 9.34 Crore Farmers, Rajasthan Also Benefits
PM किसान की 24वीं किस्त जारी, राजस्थान समेत 9.34 करोड़ किसानों के खाते में पहुंचे 18,690 करोड़ रुपए
30 Oct 2026 ,
By Ashish Bhardwaj
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 24वीं किस्त जारी कर दी। इसके साथ ही देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम सीधे ट्रांसफर की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना की 24वीं किस्त जारी कर दी। इसके साथ ही देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में 18,690 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम सीधे ट्रांसफर की गई।

दो दिन बाद दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन, राजस्थान कांग्रेस की तैयारियों की परीक्षा

दिल्ली में होने वाली रैली कांग्रेस के लिए केवल राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम नहीं, बल्कि राजस्थान संगठन की सक्रियता दिखाने का अवसर भी है। पार्टी ने जिलावार लक्ष्य तय किए हैं। वरिष्ठ नेताओं और संगठन के अलग-अलग प्रकोष्ठों को जिम्मेदारियां दी गई हैं। अब देखना होगा कि निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले राजस्थान से कितने लोग दिल्ली पहुंचते हैं।

राजस्थान पंचायत चुनाव: मतपत्र पर हाथ से नाम लिखने की गलती, कौन होगा जिम्मेदार? | Rajasthan Panchayat Elections: Handwritten Names on Ballot Papers, Who Will Be Responsible for Errors?
राजस्थान पंचायत चुनाव में एक रात में हाथ से लिखे हजारों उम्मीदवारों के नाम, मतपत्र में गलती हुई तो कौन जिम्मेदार?
30 Oct 2026 ,
By Raghvendra Singh Rathore
राजस्थान में आज 3,626 ग्राम पंचायतों में सरपंच और 33,804 वार्ड पंच पदों के लिए मतदान हो रहा है। खास बात यह है कि मतपत्रों पर उम्मीदवारों के नाम छपे हुए नहीं हैं। मतदान कर्मचारियों को चुनाव चिह्न के सामने काले पेन से नाम लिखने हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि हजारों मतपत्र तैयार करते समय नाम या चुनाव चिह्न की गलती रोकने के लिए क्या व्यवस्था ?
राजस्थान में आज 3,626 ग्राम पंचायतों में सरपंच और 33,804 वार्ड पंच पदों के लिए मतदान हो रहा है। खास बात यह है कि मतपत्रों पर उम्मीदवारों के नाम छपे हुए नहीं हैं। मतदान कर्मचारियों को चुनाव चिह्न के सामने काले पेन से नाम लिखने हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि हजारों मतपत्र तैयार करते समय नाम या चुनाव चिह्न की गलती रोकने के लिए क्या व्यवस्था ?
Tags:
  • अशोक गहलोत
  • राजस्थान कांग्रेस
  • वोट बचाओ देश बचाओ
  • इंदिरा गांधी
  • दिल्ली रैली
  • राहुल गांधी
  • राजस्थान राजनीति
  • Ashok Gehlot
  • Rajasthan Congress
  • Delhi Rally
छत्तीसगढ़ के वन कर्मचारियों के लिए खरीदी जा रही 29 हजार की लाठी, बाजार से दोगुनी कीमत पर उठे सवाल

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ के वन कर्मचारियों के लिए खरीदी जा रही 29 हजार की लाठी, बाजार से दोगुनी कीमत पर उठे सवाल
जयपुर की 112 ग्राम पंचायतों में वोटिंग जारी: दोपहर 1 बजे तक 45.09 फीसदी मतदान, देर रात तक आएंगे नतीजे

By Ashish Bhardwaj

जयपुर की 112 ग्राम पंचायतों में वोटिंग जारी: दोपहर 1 बजे तक 45.09 फीसदी मतदान, देर रात तक आएंगे नतीजे
ओबीसी केस में 13 फीसदी होल्ड रिजल्ट जारी करने की मांग, सीएस, पीएस, पीएससी को नोटिस

By Sanjay Gupta

ओबीसी केस में 13 फीसदी होल्ड रिजल्ट जारी करने की मांग, सीएस, पीएस, पीएससी को नोटिस
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में 448 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने रद्द करने का फैसला किया निरस्त

By Harrison Masih

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में 448 पदों पर भर्ती का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने रद्द करने का फैसला किया निरस्त
राजस्थान पंचायत चुनाव में एक रात में हाथ से लिखे हजारों उम्मीदवारों के नाम, मतपत्र में गलती हुई तो कौन जिम्मेदार?

By Raghvendra Singh Rathore

राजस्थान पंचायत चुनाव में एक रात में हाथ से लिखे हजारों उम्मीदवारों के नाम, मतपत्र में गलती हुई तो कौन जिम्मेदार?
टल सकती है भोपाल निवेश समिट की तारीख, सतगढ़ी इन्वेस्टर समिट को लेकर सरकार का है बड़ा प्लान

By CHAKRESH

टल सकती है भोपाल निवेश समिट की तारीख, सतगढ़ी इन्वेस्टर समिट को लेकर सरकार का है बड़ा प्लान
हॉरर फिल्म झाड़ फूंक में दिखा भोपाल की बेटी का हुनर, ऋद्धि उपाध्याय ने कलाकारों को दिया नया लुक

By Arohi Raj

हॉरर फिल्म झाड़ फूंक में दिखा भोपाल की बेटी का हुनर, ऋद्धि उपाध्याय ने कलाकारों को दिया नया लुक