ओबीसी केस में 13 फीसदी होल्ड रिजल्ट जारी करने की मांग, सीएस, पीएस, पीएससी को नोटिस

Sanjay Gupta | Oct 30, 2026, 17:23 IST
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ओबीसी आरक्षण केस में 13 फीसदी होल्ड रिजल्ट जारी करने की मांग।
ओबीसी आरक्षण केस में 13 फीसदी होल्ड रिजल्ट जारी करने की मांग।

ओबीसी आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इसमें सामान्य वर्ग ने कैविएट दायर की है। वहीं, मध्यप्रदेश सरकार ने भी विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर कर दी है। हालांकि, एसएलपी में दस खामियां होने के कारण सुनवाई में देरी हो रही है। इस बीच 13 फीसदी होल्ड रिजल्ट जारी कराने के लिए लीगल नोटिस भेजा गया है।

ओबीसी आरक्षण पर नहीं थम रहा विवाद

मध्यप्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने नौ अक्टूबर को आदेश जारी किया था। इसमें 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण संबंधी एक्ट को असंवैधानिक घोषित किया गया था। साथ ही पीएससी, ईएसबी और अन्य चयन एजेंसियों को निर्देश दिए गए थे। इन्हें 14 फीसदी ओबीसी आरक्षण के तहत रिजल्ट जारी करने का आदेश दिया गया था। वहीं, होल्ड किए गए 13 फीसदी पद अनारक्षित श्रेणी को देने के आदेश हुए थे। अब इस मामले में लीगल नोटिस भेजा गया है।

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इन्हें भेजा गया है लीगल नोटिस

यह लीगल नोटिस सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों ने भेजा है। ये उम्मीदवार पीएससी की विभिन्न परीक्षाओं में 13 फीसदी श्रेणी के तहत इंटरव्यू दे चुके हैं। इनके रिजल्ट फिलहाल होल्ड हैं। यह नोटिस मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव को भेजा गया है। इसके अलावा सामान्य प्रशासन विभाग (General Administration Department) के प्रमुख सचिव और मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजा गया है। उम्मीदवारों की ओर से हाईकोर्ट के अधिवक्ता अंशुल तिवारी ने नोटिस भेजा है। तिवारी सामान्य वर्ग की ओर से हाईकोर्ट में इस मामले की पैरवी कर चुके हैं।

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मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने 09 अक्टूबर को हाईकोर्ट के ओबीसी आरक्षण केस में फैसले के बाद पहला रिजल्ट जारी किया है। यह रिजल्ट असिस्टेंट टाउन प्लानर भर्ती की लिखित परीक्षा का है। रिजल्ट भी 87-13 फीसदी फॉर्मूले पर है। अब सवाल उठ रहे हैं कि हाईकोर्ट की रोक के बाद भी कैसे हुआ और क्या बाकी भी होंगे। इस रिजल्ट की यह है पूरी जानकारी।

नोटिस में यह की गई मांग

नोटिस में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने इस मामले में स्पष्ट आदेश दिया है। इसके मुताबिक ओबीसी को 14 फीसदी ही आरक्षण मिलेगा। आदेश के तहत होल्ड किए गए 13 फीसदी पद अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को दिए जाएंगे। इन पदों का आवंटन मेरिट के आधार पर किया जाना है। नोटिस में आदेश के पालन में देरी नहीं करने की मांग की गई है। साथ ही पक्षकार उम्मीदवारों के होल्ड रिजल्ट जारी करने को कहा गया है। ये उम्मीदवार 13 फीसदी पदों के तहत होल्ड रिजल्ट वाली श्रेणी में शामिल हैं। नोटिस में मांग पूरी नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ ही मामले का तत्काल निराकरण करने की मांग की गई है। इसमें होल्ड रिजल्ट अनारक्षित श्रेणी के तहत जारी करने को कहा गया है।

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इन परीक्षाओं के 16 उम्मीदवारों ने भेजा नोटिस

यह नोटिस कुल 16 उम्मीदवारों ने भेजा है। इनमें पीएससी की राज्य सेवा परीक्षा 2019, 2021 और 2022 के उम्मीदवार शामिल हैं। स्टेट इंजीनियरिंग परीक्षा 2021 और राज्य वन सेवा परीक्षा 2021 के उम्मीदवार भी शामिल हैं। इसके अलावा आयुर्वेद मेडिकल ऑफिसर परीक्षा 2021 के उम्मीदवारों ने भी नोटिस भेजा है। असिस्टेंट प्रोफेसर रसायन और इतिहास परीक्षा 2022 के उम्मीदवार भी इसमें शामिल हैं। असिस्टेंट प्रोफेसर भूगोल परीक्षा 2024 के उम्मीदवार भी नोटिस भेजने वालों में शामिल हैं। इन सभी उम्मीदवारों के रिजल्ट 13 फीसदी श्रेणी में होल्ड हैं।

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हाईकोर्ट ने यह दिया है आदेश

ओबीसी आरक्षण मामले में हाईकोर्ट ने नौ अक्टूबर को 159 पेज का आदेश दिया था। इसके प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं। पीएससी, ईएसबी और अन्य चयन एजेंसियां अब 14 फीसदी ओबीसी आरक्षण के तहत रिजल्ट जारी करेंगी। यानी 87-13 फीसदी का फॉर्मूला अब खत्म हो जाएगा।

होल्ड किए गए 13 फीसदी पद अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को दिए जाएंगे। यह प्रक्रिया 90 दिन के भीतर पूरी करनी होगी। मध्यप्रदेश में 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण संबंधी एक्ट को असंवैधानिक घोषित किया गया है। मार्च 2019 से सितंबर 2022 के दौरान अतिरिक्त आरक्षण के तहत हुई भर्तियां मान्य रहेंगी। इन्हें आगे तीन साल की भर्तियों में समायोजित किया जाएगा।
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