स्वास्थ्य विभाग में हाई पैकेज का खेल: 33 कंसल्टेंट्स पर लाखों की बारिश, उठ रहे सवाल
Harrison Masih | Jun 01, 2026, 12:13 IST
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छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में हाई पैकेज ठेका सिस्टम के तहत 33 कंसल्टेंट्स की तैनाती को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इन विशेषज्ञों को ढाई लाख से 4 लाख रूपए तक का मासिक वेतन दिया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञ सेवाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर संविदा आधारित भर्ती को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार विभाग में हाई पैकेज ठेका सिस्टम के तहत करीब 33 कंसल्टेंट्स की नियुक्ति की गई है, जिन्हें हर महीने ढाई लाख से लेकर 4 लाख रूपए तक का वेतन दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग में अलग-अलग योजनाओं और तकनीकी कामों को संभालने के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति की गई है। ये नियुक्तियां सीधे सरकारी स्थायी पदों पर नहीं बल्कि कंसलटेंट/आउटसोर्स मॉडल के तहत की गई हैं। इन विशेषज्ञों को नीति निर्माण, तकनीकी सलाह, मॉनिटरिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लगाया गया है।
सूत्रों के अनुसार इन कंसल्टेंट्स को स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक क्षेत्रों में लगाया गया है, जिनमें शामिल हैं:
आईटी और डिजिटल हेल्थ मैनेजमेंट
अस्पताल प्रबंधन
इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग
पब्लिक हेल्थ प्रोग्राम्स
मेडिकल टेक्निकल सपोर्ट
वेतन और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल
दैनिक भास्कर को मिली जानकारी के अनुसार इन कंसल्टेंट्स को जो वेतन दिया जा रहा है, वह सरकारी नियमित पदों की तुलना में काफी अधिक माना जा रहा है। प्रति माह 2.5 लाख से 4 लाख रूपए तक का पैकेज होने के कारण इस पूरी व्यवस्था पर पारदर्शिता और जरूरत को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सरकारी भर्ती प्रक्रिया को कमजोर करती हैं
स्थायी नौकरियों के अवसर घटाती हैं
और वित्तीय बोझ बढ़ाती हैं
विभागीय सूत्रों के मुताबिक इन विशेषज्ञों की नियुक्ति इसलिए की गई है ताकि तकनीकी और विशेषज्ञ स्तर के कामों में तेजी और गुणवत्ता लाई जा सके। कई प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनमें उच्च स्तरीय तकनीकी ज्ञान की जरूरत होती है, जिसे नियमित पदों से पूरा करना मुश्किल होता है।
मुख्य विवाद इस बात पर है कि क्या इतने उच्च वेतन पर कंसल्टेंट्स की नियुक्ति वास्तव में जरूरी है, या फिर इसे नियमित भर्ती व्यवस्था के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
फिलहाल यह मामला चर्चा में है और स्वास्थ्य प्रशासन की इस नीति पर निगरानी और पारदर्शिता को लेकर मांगें तेज हो गई हैं।
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क्या है पूरा मामला?
किन क्षेत्रों में तैनाती?
आईटी और डिजिटल हेल्थ मैनेजमेंट
अस्पताल प्रबंधन
इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग
पब्लिक हेल्थ प्रोग्राम्स
मेडिकल टेक्निकल सपोर्ट
वेतन और भर्ती प्रक्रिया पर सवाल
High-paying contract system
दैनिक भास्कर को मिली जानकारी के अनुसार इन कंसल्टेंट्स को जो वेतन दिया जा रहा है, वह सरकारी नियमित पदों की तुलना में काफी अधिक माना जा रहा है। प्रति माह 2.5 लाख से 4 लाख रूपए तक का पैकेज होने के कारण इस पूरी व्यवस्था पर पारदर्शिता और जरूरत को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
आलोचकों का कहना है कि इस तरह की नियुक्तियां:
स्थायी नौकरियों के अवसर घटाती हैं
और वित्तीय बोझ बढ़ाती हैं
विभाग का पक्ष
विवाद की जड़
फिलहाल यह मामला चर्चा में है और स्वास्थ्य प्रशासन की इस नीति पर निगरानी और पारदर्शिता को लेकर मांगें तेज हो गई हैं।
FAQ
- छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग में कितने कंसल्टेंट्स की तैनाती की गई है?
स्वास्थ्य विभाग में हाई पैकेज ठेका सिस्टम के तहत कुल 33 कंसल्टेंट्स की तैनाती की गई है, जो अलग-अलग तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों में लगे हैं। - छत्तीसगढ़ कंसल्टेंट्स भर्ती को लेकर क्या विवाद है?
इस भर्ती को लेकर पारदर्शिता, जरूरत और सरकारी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि विभाग इसे तकनीकी सुधार और बेहतर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का हिस्सा बता रहा है। - कंसल्टेंट्स कौन होते हैं?
कंसल्टेंट्स वे विशेषज्ञ होते हैं जिन्हें किसी खास क्षेत्र में उनकी तकनीकी या प्रोफेशनल एक्सपर्टीज के लिए अस्थायी रूप से नियुक्त किया जाता है। ये लोग स्थायी सरकारी कर्मचारी नहीं होते, बल्कि प्रोजेक्ट आधारित काम, सलाह देने और तकनीकी सहायता के लिए उच्च वेतन पर काम करते हैं।
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