राजस्व सचिव और Collector को हाईकोर्ट का नोटिस, जानें क्या है आरोप
Jitendra Shrivastava | Feb 24, 2024, 23:23 IST
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छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग के सचिव नीलम नामदेव एक्का और कलेक्टर ( Collector ), कोरिया विनय कुमार लांघे को कोर्ट के आदेश की अनदेखी करना भारी पड़ गया। हाईकोर्ट ने दोनों आइएएस अफसरों से पूछा कि क्यों ना उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई प्रारंभ की जाए।
BILASPUR. न्यायालयीन आदेश की अनदेखी करना राजस्व सचिव नीलम नामदेव एक्का एवं कलेक्टर ( Collector ), कोरिया-विनय कुमार लांघे को भारी पड़ते दिखाई दे रहा है। सेवानिवृत डिप्टी कलेक्टर द्वारा अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने दोनों आइएएस अफसरों से पूछा है कि आदेश की अनदेखी करने के आरोप में क्यों ना उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई प्रारंभ की जाए।
पटपरिया, अंबिकापुर निवासी आरएन सनमानी, जिला कोरिया में डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदस्थ थे। जुलाई 2017 में 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर उन्हें सेवानिवृत्त कर दिया गया। सेवानिवृत्ति के पश्चात समस्त सेवानिवृत्ति देयक का भुगतान ना होने पर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सचिव, राजस्व विभाग एवं कलेक्टर, कोरिया को 60 दिन के भीतर समस्त सेवानिवृत्ति देयक के भुगतान का निर्देश दिया था। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को विभाग के सामने नए सिरे से आवेदन पेश करने की बात कही थी।
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कोर्ट के निर्देश पर अभ्यावेदन पेश करने के बाद भी हाई कोर्ट द्वारा तय समयावधि 60 दिनों के भीतर आवेदन का निराकरण नहीं किया गया। इससे परेशान याचिकाकर्ता आरएन सनमानी ने अधिवक्ता अभिषेक पांडेय व गीता देबनाथ के माध्यम से हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका दायर की है। अवमानना याचिका पर जस्टिस एनके चंद्रवंशी के सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिषेक पांडेय ने कोर्ट के समक्ष पैरवी करते हुए कि न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1973 के धारा-12 में यह प्रविधान है कि हाई कोर्ट के आदेश की अवमानना होने पर दोषी अधिकारी को छह माह के साधारण कारावास या दो हजार रुपये जुर्माने या कारावास एवं जुर्माने दोनों से दंडित किया जायेगा। चूंकि छत्तीसगढ़ राज्य में पदस्थ अधिकारियों द्वारा किसी भी मामले में निर्धारित समयावधि के भीतर हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। हाई कोर्ट के समक्ष वरिष्ठ नागिरकों द्वारा अवमानना याचिका पेश की जा रही है। चूंकि उच्च न्यायालय का समय अत्यंत कीमती होता है।
हाईकोर्ट के आदेशों का छत्तीसगढ़ राज्य में पदस्थ अधिकारियों ने समय पर पालन करने के कारण अधिकांश लोग न्याय से वंचित रह जाते हैं और न्याय मिलने से पूर्व ही उनकी मृत्यु तक हो जाती है। अधिवक्ता पांडेय ने कोर्ट के समक्ष संवैधानिक प्रविधानों और व्यवहारिक कारणों का हवाला देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता की वर्तमान में उम्र 68 वर्ष है। सचिव राजस्व विभाग एवं कलेक्टर, कोरिया द्वारा आज तक याचिकाकर्ता के सेवानिवृत्ति देयक का भुगतान नहीं किया गया है। अधिवक्ता पांडेय द्वारा दी गई जानकारी को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने आला अफसरों के कामकाज को लेकर नाराजगी जताई। सिंगल बेंच ने सचिव राजस्व विभाग-नीलम नामदेव एक्का एवं कलेक्टर, कोरिया-विनय कुमार लांघे को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निदे्रश दिया है।
कोरिया में डिप्टी कलेक्टर ( Collector ) के पद पर थे पदस्थ
पटपरिया, अंबिकापुर निवासी आरएन सनमानी, जिला कोरिया में डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदस्थ थे। जुलाई 2017 में 62 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर उन्हें सेवानिवृत्त कर दिया गया। सेवानिवृत्ति के पश्चात समस्त सेवानिवृत्ति देयक का भुगतान ना होने पर हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सचिव, राजस्व विभाग एवं कलेक्टर, कोरिया को 60 दिन के भीतर समस्त सेवानिवृत्ति देयक के भुगतान का निर्देश दिया था। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को विभाग के सामने नए सिरे से आवेदन पेश करने की बात कही थी।
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60 दिनों के अंदर आवेदन का निराकरण नहीं किया
कोर्ट के निर्देश पर अभ्यावेदन पेश करने के बाद भी हाई कोर्ट द्वारा तय समयावधि 60 दिनों के भीतर आवेदन का निराकरण नहीं किया गया। इससे परेशान याचिकाकर्ता आरएन सनमानी ने अधिवक्ता अभिषेक पांडेय व गीता देबनाथ के माध्यम से हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने का आरोप लगाते हुए अवमानना याचिका दायर की है। अवमानना याचिका पर जस्टिस एनके चंद्रवंशी के सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिषेक पांडेय ने कोर्ट के समक्ष पैरवी करते हुए कि न्यायालय अवमानना अधिनियम, 1973 के धारा-12 में यह प्रविधान है कि हाई कोर्ट के आदेश की अवमानना होने पर दोषी अधिकारी को छह माह के साधारण कारावास या दो हजार रुपये जुर्माने या कारावास एवं जुर्माने दोनों से दंडित किया जायेगा। चूंकि छत्तीसगढ़ राज्य में पदस्थ अधिकारियों द्वारा किसी भी मामले में निर्धारित समयावधि के भीतर हाई कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। हाई कोर्ट के समक्ष वरिष्ठ नागिरकों द्वारा अवमानना याचिका पेश की जा रही है। चूंकि उच्च न्यायालय का समय अत्यंत कीमती होता है।
6 महीने सजा और दो हजार रु. जुर्माने का है प्रावधान
हाईकोर्ट के आदेशों का छत्तीसगढ़ राज्य में पदस्थ अधिकारियों ने समय पर पालन करने के कारण अधिकांश लोग न्याय से वंचित रह जाते हैं और न्याय मिलने से पूर्व ही उनकी मृत्यु तक हो जाती है। अधिवक्ता पांडेय ने कोर्ट के समक्ष संवैधानिक प्रविधानों और व्यवहारिक कारणों का हवाला देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता की वर्तमान में उम्र 68 वर्ष है। सचिव राजस्व विभाग एवं कलेक्टर, कोरिया द्वारा आज तक याचिकाकर्ता के सेवानिवृत्ति देयक का भुगतान नहीं किया गया है। अधिवक्ता पांडेय द्वारा दी गई जानकारी को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने आला अफसरों के कामकाज को लेकर नाराजगी जताई। सिंगल बेंच ने सचिव राजस्व विभाग-नीलम नामदेव एक्का एवं कलेक्टर, कोरिया-विनय कुमार लांघे को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निदे्रश दिया है।
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