45 की उम्र में फिटनेस का नया अध्याय, सोशल मीडिया पर छाए आईएएस अवनीश शरण
Aishwarya Dwivedi | Jun 30, 2026, 12:00 IST
आईएएस-अवनीश-शरण-फिटनेस-परिवर्तन
सर्जरी के बाद 45 साल की उम्र में IAS अधिकारी ने बॉडी फैट 30% से सिंगल डिजिट तक घटाया। कोलेस्ट्रॉल में 43% की कमी आई। स्मार्ट ट्रेनिंग और अनुशासन से मिली यह कामयाबी।
फिटनेस की असली परीक्षा जिम में नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के फैसलों में होती है। यह कहना है आईएएस अवनीश शरण का। 45 साल की उम्र में अधिकांश लोग अपने बढ़ते वजन, कोलेस्ट्रॉल और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को उम्र का स्वाभाविक हिस्सा मान लेते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो इस सोच को चुनौती देते हैं। वे साबित कर देते हैं कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, अनुशासन जीवनशैली बन जाए और धैर्य साथ हो तो उम्र केवल एक संख्या रह जाती है।
यह कहानी आईएएस अवनीश शरण की है, जिन्होंने 39 वर्ष की उम्र में फिटनेस की शुरुआत की। रास्ते में कई बाधाओं का सामना किया। सर्जरी के कारण महीनों तक अभ्यास से दूर रहे, लेकिन हार नहीं मानी। आखिरकार 45 वर्ष की उम्र में उन्होंने न केवल अपना शरीर बदला, बल्कि अपनी पूरी सेहत को नई पहचान दे दी।
साल 2020 में कोविड महामारी के बाद उन्होंने एक साधारण लेकिन महत्वपूर्ण फैसला लिया-स्वस्थ और फिट बनना है। शुरुआत उत्साह के साथ हुई, लेकिन जैसे अधिकांश लोगों के साथ होता है, वैसे ही उनके सामने भी चुनौतियां थीं। नौकरी की जिम्मेदारियां, परिवार की प्राथमिकताएं और जीवन की अनिश्चितताओं ने नियमित अभ्यास को कठिन बना दिया। कई बार शुरुआत हुई, कई बार रुकावट आई। फिर 2024 में सर्जरी हुई। लंबे समय तक व्यायाम पूरी तरह बंद करना पड़ा। ऐसा लगा कि फिटनेस का सपना शायद अब अधूरा रह जाएगा, लेकिन यह अंत नहीं था।
जून 2025 से उन्होंने नई शुरुआत की। इस बार लक्ष्य केवल वजन कम करना नहीं था।
खुद से तीन वादे
ट्रेनिंग
आईएएस अवनीश शरण का कहना है कि उन्होंने यह समझ लिया शरीर जिम से नहीं, बल्कि रसोई से भी बनता है। इसलिए खानपान में बड़े बदलाव किए—
इन बातों पर विशेष जोड़ दिया…
1 जनवरी 2026 को उन्होंने एक भावनात्मक लक्ष्य तय किया। उन्होंने निश्चय किया कि 27 जून, अपनी बेटी वेदिका के जन्मदिन तक वे अपने जीवन की सर्वश्रेष्ठ फिटनेस हासिल करेंगे। इस लक्ष्य को पूरा करने में उनकी पत्नी रुद्रानी सबसे बड़ी ताकत बनकर साथ खड़ी रहीं। उन्होंने भोजन, दिनचर्या और मानसिक सहयोग के माध्यम से पूरे सफर में उनका हौसला बढ़ाया।अब हर दिन मायने रखता था। हर वर्कआउट महत्वपूर्ण था। हर भोजन महत्वपूर्ण था। हर सुबह का वजन महत्वपूर्ण था।
लगातार छह महीनों की मेहनत ने परिणाम देना शुरू किया।
इस पूरे सफर ने उन्हें कई महत्वपूर्ण बातें सिखाईं…
यदि कोई व्यक्ति फिटनेस की शुरुआत करना चाहता है, तो उनका सुझाव है…
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यह कहानी आईएएस अवनीश शरण की है, जिन्होंने 39 वर्ष की उम्र में फिटनेस की शुरुआत की। रास्ते में कई बाधाओं का सामना किया। सर्जरी के कारण महीनों तक अभ्यास से दूर रहे, लेकिन हार नहीं मानी। आखिरकार 45 वर्ष की उम्र में उन्होंने न केवल अपना शरीर बदला, बल्कि अपनी पूरी सेहत को नई पहचान दे दी।
कोविड के बाद लिया पहला संकल्प
जून 2025: जब फिटनेस जीवनशैली में आ गया
खुद से तीन वादे
- निरंतरता
- धैर्य
- अनुशासन
ट्रेनिंग
- सप्ताह में 5 से 6 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग।
- हर सप्ताह प्रोग्रेसिव ओवरलोड के जरिए मांसपेशियों को मजबूत बनाना।
- कार्डियो को मुख्य साधन नहीं, बल्कि सहायक अभ्यास के रूप में अपनाना।
- रोज़ाना पर्याप्त पैदल चलना।
- रिकवरी और मोबिलिटी पर विशेष ध्यान देना।
भोजन बना असली दवा
- हाई-प्रोटीन घरेलू भोजन।
- कैलोरी की नियमित निगरानी।
- पर्याप्त लीन प्रोटीन।
- कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट।
- हेल्दी फैट्स।
- भरपूर सब्जियां और फल।
- पर्याप्त पानी।
इन बातों पर विशेष जोड़ दिया…
- प्रतिदिन 6–7 घंटे की अच्छी नींद को प्राथमिकता दी।
- शरीर का वजन नियमित मापा।
- समय-समय पर ब्लड टेस्ट कराए।
बेटी का जन्मदिन बना सबसे बड़ा लक्ष्य
शरीर में दिखा अद्भुत परिवर्तन
- वजन में उल्लेखनीय कमी आई।
- शरीर की चर्बी 30 प्रतिशत से घटकर सिंगल डिजिट में पहुंच गई।
- मांसपेशियां स्पष्ट दिखाई देने लगीं।
- ताकत पहले जैसी बनी रही।
- ऊर्जा और आत्मविश्वास दोनों बढ़ गए।
सबसे बड़ी सीख
- शुरुआत करने के लिए परफेक्ट समय का इंतजार मत कीजिए।
- मोटिवेशन अस्थायी है, लेकिन आदतें स्थायी होती हैं।
- पहले स्वास्थ्य के लिए ट्रेनिंग करें, शरीर अपने आप बेहतर दिखने लगेगा।
- केवल वजन मशीन नहीं, ब्लड रिपोर्ट भी आपकी प्रगति बताती है।
- रिकवरी भी ट्रेनिंग जितनी ही जरूरी है।
- क्रैश डाइट कभी स्थायी समाधान नहीं होती।
- हर दिन का छोटा सुधार, वर्षों बाद असाधारण बदलाव बन जाता है।
नए लोगों के लिए उनका संदेश
- पहले पूरा हेल्थ चेकअप कराएं।
- स्पष्ट और यथार्थवादी लक्ष्य तय करें।
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को प्राथमिकता दें।
- प्रतिदिन पर्याप्त प्रोटीन लें।
- रोज़ पैदल चलें।
- 6 से 8 घंटे अच्छी नींद लें।
- शरीर का वजन, कमर की माप, तस्वीरें और ब्लड रिपोर्ट नियमित रिकॉर्ड करें।
- धैर्य रखें, क्योंकि स्थायी परिवर्तन सप्ताहों में नहीं, महीनों में दिखाई देते हैं।
FAQ
- IAS अवनीश शरण ने अपना फिटनेस सफर कब शुरू किया?
उ. उन्होंने 39 साल की उम्र में 2020 में फिटनेस यात्रा शुरू की थी। 2024 में सर्जरी के कारण रूटीन टूट गया। जून 2025 से दोबारा शुरुआत हुई और छह महीनों में 45 साल की उम्र में उल्लेखनीय परिणाम मिले। - IAS अवनीश शरण अपनी डाइट में क्या बदलाव किए?
उ. हाई-प्रोटीन घरेलू भोजन अपनाया गया, कैलोरी की नियमित निगरानी की गई। प्रोसेस्ड फूड और अतिरिक्त चीनी लगभग पूरी त - नए लोग फिटनेस शुरू करने के लिए क्या ध्यान रखें?
उ. पहले पूरा हेल्थ चेकअप कराएं और यथार्थवादी लक्ष्य तय करें। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को प्राथमिकता दें, पर्याप्त प्रोटीन लें और रोज पैदल चलें। 6 से 8 घंटे की नींद और धैर्य बेहद जरूरी है क्योंकि स्थायी बदलाव महीनों में दिखते हैं।
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