सरकारी स्कूल से कलेक्टर तक ...आईएएस जयश्री जैन की कहानी

Harrison Masih | Aug 20, 2026, 20:29 IST
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आईएएस जयश्री जैन
आईएएस जयश्री जैन

IAS जयश्री जैन की प्रेरणादायक कहानी, जिन्होंने सरकारी स्कूल से पढ़ाई शुरू कर प्रशासनिक सेवा में मुकाम हासिल किया। महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने के बाद 18 अगस्त 2026 को उन्हें सक्ती जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया।

कलेक्टर बनने के लिए महंगे स्कूल, बड़े शहर की पढ़ाई और शुरुआत से ही सुविधाओं का होना जरूरी है। ऐसा मानने वालों के लिए आईएएस जयश्री जैन की कहानी एक करारा जवाब है। सरकारी स्कूल से पढ़ाई शुरू करने वाली जयश्री जैन ने अपने दम पर प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई और अब छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले की कलेक्टर बन गई हैं। उनकी कहानी सिर्फ एक आईएएस अधिकारी के कलेक्टर बनने की कहानी नहीं है, बल्कि यह बताती है कि सीमित संसाधनों से शुरू किया गया सफर भी बड़ी मंजिल तक पहुंच सकता है। उनकी सफलता पर छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के विश्रामपुर से लेकर राजस्थान के बीकानेर के गंगाशहर तक गर्व का माहौल है। वजह भी खास है जयश्री जैन की जड़ें राजस्थान से जुड़ी हैं, जबकि उनकी कर्मभूमि छत्तीसगढ़ बनी।

18 अगस्त को मिली बड़ी जिम्मेदारी

छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने 18 अगस्त 2026 को 22 IAS अधिकारियों के तबादले किए। इसी प्रशासनिक फेरबदल में संयुक्त सचिव, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहीं जयश्री जैन को सक्ती जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया। इसके साथ ही उनके प्रशासनिक करियर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया। कलेक्टर के तौर पर सक्ती जिले की जिम्मेदारी मिलना इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले जयश्री जैन राज्य और जिला प्रशासन में अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुकी हैं।

IAS Jayshree Jain
IAS Jayshree Jain


सरकारी स्कूल से शुरू हुई कहानी

जयश्री जैन की कहानी की सबसे खास बात उनकी शुरुआती शिक्षा है। उन्होंने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की। यही वह पहलू है जो उनकी कहानी को आम युवाओं से जोड़ता है। आज जब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर बड़े संस्थानों, महंगी कोचिंग और महानगरों की चर्चा होती है, ऐसे में सरकारी स्कूल से पढ़कर प्रशासनिक सेवा तक पहुंचना अपने आप में प्रेरणादायी है। जयश्री ने अपनी शिक्षा और मेहनत के दम पर पहले राज्य प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई और बाद में आईएएस अधिकारी बनने का मुकाम हासिल किया। यानी उनकी सफलता किसी एक परीक्षा का परिणाम नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत और लगातार आगे बढ़ने की कहानी है।

बिलासपुर से लेकर ग्रामीण आजीविका मिशन तक

जयश्री जैन ने प्रशासनिक जिम्मेदारियों में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। साल 2021 में उन्होंने बिलासपुर में अपर कलेक्टर के रूप में काम किया। जिला प्रशासन में यह जिम्मेदारी उन्हें जमीनी स्तर पर प्रशासन और जनता से जुड़े मुद्दों को समझने का अवसर देती रही। इसके बाद साल 2025 में उन्हें राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी मिली। ग्रामीण महिलाओं, आजीविका और सरकारी योजनाओं से जुड़े इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में काम करने के बाद अब उनके सामने एक जिले की पूरी प्रशासनिक व्यवस्था की कमान है।

राजस्थान से छत्तीसगढ़ तक जुड़ी जड़ें

जयश्री जैन का पारिवारिक रिश्ता राजस्थान के बीकानेर जिले के गंगाशहर से जुड़ा हुआ है। इस तरह जयश्री जैन की कहानी में राजस्थान की पारिवारिक जड़ें और छत्तीसगढ़ की कर्मभूमि दोनों एक साथ दिखाई देती हैं। इसी वजह से उनके कलेक्टर बनने की खबर गंगाशहर और विश्रामपुर दोनों जगह खास उत्साह लेकर आई। एक ओर प्रशासनिक सेवा की व्यस्त जिम्मेदारियां और दूसरी ओर परिवार। दोनों के बीच संतुलन बनाते हुए जयश्री ने अपने करियर को लगातार आगे बढ़ाया है।अब सक्ती कलेक्टर के रूप में उनके सामने एक नई चुनौती है। जिले के विकास से लेकर कानून-व्यवस्था, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और आम लोगों की समस्याओं तक, कलेक्टर के तौर पर उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।

युवाओं के लिए क्यों खास है जयश्री की कहानी

जयश्री जैन की कहानी का सबसे बड़ा संदेश यही है कि लक्ष्य कितना स्पष्ट था और उसके लिए मेहनत कितनी लगातार की गई। सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने वाली एक छात्रा का राज्य प्रशासनिक सेवा में पहुंचना, फिर आईएएस बनना और अब जिले की कलेक्टर की जिम्मेदारी संभालना यह सफर उन तमाम युवाओं के लिए उम्मीद पैदा करता है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। सक्ती की नई कलेक्टर के तौर पर जयश्री जैन के सामने अब एक नई पारी है। उनकी अब तक की यात्रा पहले ही यह साबित कर चुकी है कि बड़े पद तक पहुंचने के लिए शुरुआत बड़ी जगह से होना जरूरी नहीं है। बड़ी मंजिल के लिए बड़ा इरादा होना जरूरी है।

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