MP में अब घर बैठे डाल सकेंगे वोट, नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में ई-वोटिंग की तैयारी, जानें किसे मिलेगा फायदा
Sourabh Bhatnagar | Oct 09, 2026, 09:33 IST
2027 के चुनावों में मध्य प्रदेश में डिजिटल वोटिंग की तैयारी
MP E Voting 2027: मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग जून-जुलाई 2027 के निकाय एवं पंचायत चुनावों में एस्टोनिया की तर्ज पर आंशिक ई-वोटिंग लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत दिव्यांग, गंभीर बीमार, 90+ बुजुर्ग, छात्र, प्रवासी मजदूर और चुनावी ड्यूटी में तैनात कर्मचारी ही मोबाइल या लैपटॉप से ऑनलाइन वोट डाल सकेंगे।
मध्यप्रदेश में अब वोट डालने के लिए हर किसी को मतदान केंद्र जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रदेश में घर बैठे ऑनलाइन वोटिंग की सुविधा शुरू करने की तैयारी चल रही है। राज्य निर्वाचन आयोग इस नई व्यवस्था पर काम कर रहा है। इसका फायदा बीमार लोगों, दिव्यांगों, बुजुर्गों और दूसरे जरूरतमंद मतदाताओं को मिलेगा।
प्रदेश में जून-जुलाई 2027 में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं। आयोग इन चुनावों में आंशिक ई-वोटिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत एलिजिबल वोटर्स मोबाइल, कंप्यूटर या लैपटॉप से वोट डाल सकेंगे। हालांकि, यह सुविधा सभी मतदाताओं के लिए नहीं होगी। इसका फायदा केवल तय केटेगरी के लोगों को मिलेगा।
मध्यप्रदेश में
मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (Madhya Pradesh State Election Commission) ने ऑनलाइन मतदान की दिशा में काम शुरू कर दिया है। आयोग की आईटी सेल इसके लिए तकनीकी व्यवस्था तैयार कर रही है। साथ ही ऑनलाइन वोटिंग को सुरक्षित बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
इस व्यवस्था के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा सिस्टम तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य मतदान की प्रक्रिया को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है। आयोग चाहता है कि जरूरतमंद मतदाताओं को मतदान केंद्र आने में परेशानी न हो।
योजना लागू होने पर मध्यप्रदेश स्थानीय चुनावों में ई-वोटिंग अपनाने वाला देश का दूसरा राज्य होगा। इससे पहले बिहार में स्थानीय चुनावों के लिए इस व्यवस्था को अपनाया गया है।
नई व्यवस्था का फायदा उन लोगों को देने की तैयारी है, जिन्हें मतदान केंद्र पहुंचने में परेशानी होती है। इसके लिए मतदाताओं की कुछ श्रेणियां तय की गई हैं।इनमें दिव्यांग मतदाता, अस्पताल में भर्ती मरीज और 90 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग शामिल होंगे।
इसके अलावा दूसरे शहरों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी भी इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। रोजगार के लिए बाहर रहने वाले प्रवासी मजदूरों को भी इसमें शामिल किया गया है।
मतदान ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को भी ऑनलाइन वोटिंग का विकल्प मिलेगा। सेना, पुलिस और जरूरी सेवाओं में काम करने वाले कर्मचारी भी एलिजिबल होंगे। आयोग की इस तैयारी के साथ पोस्टल बैलेट व्यवस्था को खत्म करने की बात भी सामने आई है।
मोबाइल से कैसे डाल सकेंगे
ऑनलाइन वोट डालने के लिए मतदाताओं को पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद इसके लिए विशेष पोर्टल उपलब्ध कराया जाएगा। एलिजिबल मतदाताओं को इस पोर्टल पर अपना Pre-Registration कराना होगा।
इसके बाद उनकी पहचान की डिजिटल जांच की जाएगी। पहचान सत्यापित होने के बाद ऑनलाइन मतदान की सुविधा मिलेगी। मतदाता यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी के जरिए वोट डाल सकेंगे।
इस तरह पात्र मतदाता अपने मोबाइल, कंप्यूटर या लैपटॉप से मतदान कर पाएंगे। उन्हें वोट डालने के लिए मतदान केंद्र जाने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, इस सुविधा का इस्तेमाल केवल वही मतदाता कर पाएंगे, जिन्हें आयोग की तय शर्तों के तहत अनुमति मिलेगी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने जनवरी 2027 तक Online Voting System लॉन्च करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, मुख्य चुनाव से पहले इसकी जांच भी की जाएगी।योजना के मुताबिक मुख्य चुनाव से करीब छह महीने पहले किसी उपचुनाव में इसका पायलट टेस्ट होगा।
इस दौरान ऑनलाइन मतदान की तकनीकी व्यवस्था को परखा जाएगा। पायलट टेस्ट के जरिए सिस्टम की कार्यप्रणाली की जांच की जाएगी। इसके बाद नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में इसे लागू करने की तैयारी है।
मध्यप्रदेश में जून-जुलाई 2027 के दौरान नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं। इन चुनावों का दायरा काफी बड़ा होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में चुनाव होंगे। इसके अलावा 22 हजार 921 ग्राम पंचायतों में भी चुनाव कराए जाएंगे।
इन चुनावों में चार लाख से ज्यादा पदों के लिए मतदान होना है। ऐसे में आयोग मतदान प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में काम कर रहा है। आंशिक ई-वोटिंग की व्यवस्था इसी तैयारी का हिस्सा है। हालांकि, सामान्य मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर वोटिंग की व्यवस्था जारी रहेगी।
मध्यप्रदेश में प्रस्तावित ई-वोटिंग सिस्टम के लिए यूरोपीय देश एस्टोनिया के मॉडल को आधार बनाया जा रहा है। एस्टोनिया में करीब 20 साल से इंटरनेट आधारित मतदान की व्यवस्था लागू है। इसी मॉडल की तर्ज पर मध्यप्रदेश में Partial E-Voting सिस्टम तैयार किया जा रहा है।
हालांकि, प्रदेश में इसे सीमित मतदाताओं के लिए लागू करने की योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों को मतदान की सुविधा देना है, जो किसी कारण से बूथ तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे लोगों को भी इसका फायदा मिलेगा, जिनके लिए मतदान करने पहुंचना काफी खर्चीला होता है।
राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक मध्यप्रदेश में एस्टोनिया की तर्ज पर आंशिक ई-वोटिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एस्टोनिया में करीब 20 साल से यह व्यवस्था लागू है।
मध्यप्रदेश में इसका फायदा केवल जरूरतमंद मतदाताओं को दिया जाएगा। श्रीवास्तव के मुताबिक, ऐसे मतदाताओं को प्राथमिकता मिलेगी, जो किसी वजह से मतदान केंद्र नहीं पहुंच सकते। इसके अलावा जिन लोगों के लिए वोट डालने जाना काफी महंगा पड़ता है, उन्हें भी इस सुविधा में शामिल करने की योजना है।
बता दें कि, मध्यप्रदेश में ऑनलाइन मतदान की व्यवस्था अभी तैयारी के चरण में है। आयोग टेक्निकल फ्रेमवर्क और साइबर सुरक्षा सिस्टम तैयार कर रहा है।जनवरी 2027 तक सिस्टम लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले उपचुनाव में इसका पायलट टेस्ट प्रस्तावित है।
यदि यह व्यवस्था तय योजना के मुताबिक लागू होती है, तो पात्र मतदाता घर बैठे वोट डाल सकेंगे। इससे खासकर बुजुर्गों, दिव्यांगों, बीमार लोगों और बाहर रहने वाले मतदाताओं को सुविधा मिल सकेगी।
FAQs:
प्रदेश में जून-जुलाई 2027 में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं। आयोग इन चुनावों में आंशिक ई-वोटिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत एलिजिबल वोटर्स मोबाइल, कंप्यूटर या लैपटॉप से वोट डाल सकेंगे। हालांकि, यह सुविधा सभी मतदाताओं के लिए नहीं होगी। इसका फायदा केवल तय केटेगरी के लोगों को मिलेगा।
मध्यप्रदेश में ई-वोटिंग की तैयारी शुरू
इस व्यवस्था के लिए मजबूत साइबर सुरक्षा सिस्टम तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य मतदान की प्रक्रिया को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है। आयोग चाहता है कि जरूरतमंद मतदाताओं को मतदान केंद्र आने में परेशानी न हो।
योजना लागू होने पर मध्यप्रदेश स्थानीय चुनावों में ई-वोटिंग अपनाने वाला देश का दूसरा राज्य होगा। इससे पहले बिहार में स्थानीय चुनावों के लिए इस व्यवस्था को अपनाया गया है।
किन लोगों को मिलेगा ऑनलाइन वोटिंग का फायदा
इसके अलावा दूसरे शहरों में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी भी इस सुविधा का लाभ ले सकेंगे। रोजगार के लिए बाहर रहने वाले प्रवासी मजदूरों को भी इसमें शामिल किया गया है।
मतदान ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को भी ऑनलाइन वोटिंग का विकल्प मिलेगा। सेना, पुलिस और जरूरी सेवाओं में काम करने वाले कर्मचारी भी एलिजिबल होंगे। आयोग की इस तैयारी के साथ पोस्टल बैलेट व्यवस्था को खत्म करने की बात भी सामने आई है।
मोबाइल से कैसे डाल सकेंगे ऑनलाइन वोट
इसके बाद उनकी पहचान की डिजिटल जांच की जाएगी। पहचान सत्यापित होने के बाद ऑनलाइन मतदान की सुविधा मिलेगी। मतदाता यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी के जरिए वोट डाल सकेंगे।
इस तरह पात्र मतदाता अपने मोबाइल, कंप्यूटर या लैपटॉप से मतदान कर पाएंगे। उन्हें वोट डालने के लिए मतदान केंद्र जाने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, इस सुविधा का इस्तेमाल केवल वही मतदाता कर पाएंगे, जिन्हें आयोग की तय शर्तों के तहत अनुमति मिलेगी।
जनवरी 2027 तक सिस्टम लॉन्च करने का लक्ष्य
इस दौरान ऑनलाइन मतदान की तकनीकी व्यवस्था को परखा जाएगा। पायलट टेस्ट के जरिए सिस्टम की कार्यप्रणाली की जांच की जाएगी। इसके बाद नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में इसे लागू करने की तैयारी है।
2027 में 22 हजार से ज्यादा पंचायतों में चुनाव
इन चुनावों में चार लाख से ज्यादा पदों के लिए मतदान होना है। ऐसे में आयोग मतदान प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में काम कर रहा है। आंशिक ई-वोटिंग की व्यवस्था इसी तैयारी का हिस्सा है। हालांकि, सामान्य मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर वोटिंग की व्यवस्था जारी रहेगी।
एस्टोनिया की तर्ज पर तैयार हो रहा सिस्टम
हालांकि, प्रदेश में इसे सीमित मतदाताओं के लिए लागू करने की योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों को मतदान की सुविधा देना है, जो किसी कारण से बूथ तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे लोगों को भी इसका फायदा मिलेगा, जिनके लिए मतदान करने पहुंचना काफी खर्चीला होता है।
राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने क्या कहा
मध्यप्रदेश में इसका फायदा केवल जरूरतमंद मतदाताओं को दिया जाएगा। श्रीवास्तव के मुताबिक, ऐसे मतदाताओं को प्राथमिकता मिलेगी, जो किसी वजह से मतदान केंद्र नहीं पहुंच सकते। इसके अलावा जिन लोगों के लिए वोट डालने जाना काफी महंगा पड़ता है, उन्हें भी इस सुविधा में शामिल करने की योजना है।
अभी तैयारी के चरण में है ऑनलाइन मतदान
यदि यह व्यवस्था तय योजना के मुताबिक लागू होती है, तो पात्र मतदाता घर बैठे वोट डाल सकेंगे। इससे खासकर बुजुर्गों, दिव्यांगों, बीमार लोगों और बाहर रहने वाले मतदाताओं को सुविधा मिल सकेगी।
FAQs:
- मध्यप्रदेश में घर बैठे ऑनलाइन वोटिंग कब शुरू होगी?
राज्य निर्वाचन आयोग जनवरी 2027 तक ई-वोटिंग सिस्टम लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। इसे जून-जुलाई 2027 के स्थानीय चुनावों में लागू करने की योजना है। - ऑनलाइन वोटिंग की सुविधा किन लोगों को मिलेगी?
दिव्यांगों, अस्पताल में भर्ती मरीजों, 90 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों, प्रवासी मजदूरों, बाहर पढ़ने वाले विद्यार्थियों और तय श्रेणी के कर्मचारियों को यह सुविधा मिल सकती है। - मोबाइल से ऑनलाइन वोट कैसे डाल सकेंगे?
पात्र मतदाताओं को विशेष पोर्टल पर प्री-रजिस्ट्रेशन कराना होगा। डिजिटल सत्यापन के बाद यूजर आईडी, पासवर्ड और ओटीपी से मतदान कर सकेंगे। - मध्यप्रदेश में 2027 में कितने पदों पर चुनाव होंगे?
प्रस्तावित चुनावों में 413 नगरीय निकायों और 22 हजार 921 ग्राम पंचायतों के चार लाख से अधिक पदों पर मतदान होना है। - क्या मध्यप्रदेश के सभी मतदाता घर बैठे वोट डाल सकेंगे?
नहीं। फिलहाल आंशिक ई-वोटिंग लागू करने की तैयारी है। यह सुविधा केवल आयोग द्वारा तय पात्र मतदाताओं को मिलेगी।
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