इंजीनियर की नौकरी से यूपीएससी तक का सफर .... आईएएस कुंदन कुमार की कहानी

Harrison Masih | Aug 20, 2026, 19:50 IST
Share
आईएएस कुंदन कुमार
आईएएस कुंदन कुमार

बिहार से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई और करीब पांच साल नौकरी करने के बाद कुंदन कुमार ने UPSC की तैयारी शुरू की। नौकरी के साथ संघर्ष करते हुए उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की और 2014 बैच के IAS अधिकारी बने।

किसी के लिए इंजीनियरिंग के बाद नौकरी करना करियर का अंतिम पड़ाव हो सकता है, लेकिन कुंदन कुमार के लिए यह सिर्फ एक पड़ाव था। बिहार से निकलकर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई, फिर करीब पांच साल तक विद्युत कंपनी में नौकरी और उसके बाद यूपीएससी की तैयारी… यह सफर आसान नहीं था। दिल्ली में रहकर उन्होंने सिविल सर्विस की तैयारी की।

पढ़ाई के साथ अपना खर्च चलाने के लिए छोटी-मोटी कंपनियों में काम भी किया। यानी एक तरफ नौकरी की जरूरत और दूसरी तरफ आईएएस बनने का सपना। आखिरकार मेहनत रंग लाई और कुंदन कुमार ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली।

आज वे छत्तीसगढ़ कैडर के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और राज्य प्रशासन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। आइए जानते हैं उस अधिकारी की कहानी, जिसने इंजीनियरिंग और नौकरी की दुनिया से निकलकर प्रशासनिक सेवा तक का सफर तय किया।

बिहार से शुरू हुआ सफर

कुंदन कुमार का जन्म 1984 में बिहार में हुआ। शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई की। तकनीकी शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने विद्युत कंपनी में करीब पांच साल तक काम किया। एक अच्छी नौकरी और स्थिर करियर के बावजूद उनके मन में कुछ बड़ा करने की इच्छा थी। यही सोच उन्हें यूपीएससी की तैयारी की ओर ले गई, लेकिन सिविल सर्विस की तैयारी सिर्फ किताबों और कोचिंग तक सीमित नहीं थी। दिल्ली में रहकर पढ़ाई करते हुए उन्हें अपने खर्च की भी चिंता करनी थी। इसलिए उन्होंने पढ़ाई के साथ छोटी-मोटी कंपनियों में नौकरी की। दिन में काम और समय निकालकर यूपीएससी की तैयारी करते थे। यह दौर उनके लिए संघर्ष से भरा रहा, लेकिन इसी संघर्ष ने उनके लक्ष्य को और मजबूत किया।

IAS Kundan Kumar
IAS Kundan Kumar


चुनौतीपूर्ण अध्याय

यूपीएससी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है लंबे समय तक बिना निश्चित परिणाम के मेहनत करते रहना। कुंदन कुमार के सामने भी यही चुनौती थी। एक तरफ इंजीनियरिंग के बाद हासिल किया हुआ अनुभव था, तो दूसरी तरफ प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना। उन्होंने लगातार प्रयास जारी रखा और आखिरकार वह मुकाम हासिल किया जिसका सपना उन्होंने देखा था। 1 सितंबर 2014 को कुंदन कुमार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस की सर्विस ज्वाइन की। इसके साथ ही उनकी जिंदगी का दूसरा और अधिक चुनौतीपूर्ण अध्याय शुरू हुआ।

आईएएस कुंदन कुमार
आईएएस कुंदन कुमार


छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सफर

आईएएस बनने के बाद कुंदन कुमार को छत्तीसगढ़ कैडर मिला। शुरुआती प्रशासनिक जिम्मेदारियों में उन्होंने जिला पंचायत सीईओ के रूप में काम किया।

वे कवर्धा जिला पंचायत के सीईओ रहे। इसके बाद दुर्ग और फिर कोरबा जिला पंचायत सीईओ की जिम्मेदारी भी संभाली। जिला पंचायत की जिम्मेदारी प्रशासन की जमीनी हकीकत को समझने का महत्वपूर्ण अवसर होती है।

ग्रामीण विकास, सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन और प्रशासनिक मशीनरी के साथ समन्वय जैसे कामों के बीच कुंदन कुमार का प्रशासनिक अनुभव लगातार बढ़ता गया। इसके बाद उन्हें पहली बड़ी जिला प्रशासनिक जिम्मेदारी मिली और वे बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कलेक्टर बनाए गए।

बलरामपुर-रामानुजगंज जैसे जिले में कलेक्टर की जिम्मेदारी आसान नहीं होती। भौगोलिक परिस्थितियों से लेकर विकास और प्रशासनिक चुनौतियों तक, जिला प्रशासन के सामने कई तरह की जिम्मेदारियां होती हैं। कुंदन कुमार ने यहां कलेक्टर के रूप में काम किया।

इसके बाद उन्हें सरगुजा जिले की कमान भी सौंपी गई। जिला प्रशासन के अनुभव के बाद कुंदन कुमार की जिम्मेदारियां राज्य स्तर तक पहुंचीं। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के आयुक्त और नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक के रूप में भी उन्होंने जिम्मेदारी संभाली है। अब वे कांकेर जैसे महत्वपूर्ण जिले के कलेक्टर बनाए गए हैं।

स्पष्ट लक्ष्य, कड़ी मेहनत

उनके करियर को देखें तो इसकी सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह सफर सीधे यूपीएससी की तैयारी से आईएएस बनने तक का नहीं रहा। इसके बीच इंजीनियरिंग, करीब पांच साल की नौकरी, दिल्ली में संघर्ष और पढ़ाई के साथ काम करने का दौर भी आया।

यही वजह है कि कुंदन कुमार की कहानी उन युवाओं के लिए भी खास है, जो नौकरी करते हुए सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे हैं। एक इंजीनियर, एक नौकरीपेशा युवा और फिर यूपीएससी उम्मीदवार से आईएएस अधिकारी तक कुंदन कुमार का सफर बताता है कि करियर की पहली नौकरी हमेशा अंतिम मंजिल नहीं होती। अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और उसके लिए लगातार मेहनत की जाए, तो रास्ता बदला जा सकता है और मंजिल भी।

ये खबरें भी पढ़ें...

पिता की छोटी दुकान से लेकर CBI तक का सफर, आईपीएस रामगोपाल गर्ग की प्रेरक कहानी

हिंदी मीडियम से आईआईटी, फिर आईएएस... जानिए कुणाल दुदावत की कहानी

छत्तीसगढ़: तीन बार हार, चौथी बार जीत... आईएएस अविनाश मिश्रा की प्रेरक कहानी

खाकी की सख्त पहचान और संवेदनशील सोच ....आईपीएस भावना पांडे की कहानी

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • छत्तीसगढ़ कैडर
  • आईएएस अधिकारी
  • IAS Kundan Kumar
  • आईएएस कुंदन कुमार
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि