अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन ठग गैंग का पर्दाफाश... USA और कनाडा के लोगों से लुट रहे थे पैसे
Kanak Durga Jha | Jul 06, 2025, 19:12 IST
International online fraud gang exposed People from USA Canada being robbed money
पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें सात पुरुष सहित दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी यूएसए और कनाड़ा के लोगों को जाल में फंसाकर उनसे हजारों डॉलर की ठगी को अंजाम देते थे।
पुलिस ने अंतर्राष्ट्रीय ऑनलाइन ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें सात पुरुष सहित दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी यूएसए और कनाड़ा के लोगों को जाल में फंसाकर उनसे हजारों डॉलर की ठगी को अंजाम देते थे। एसएसपी विजय अग्रवाल ने पूरे मामले का खुलासा किया।
भिलाई के जुनवानी स्थित चौहान टाउन के फ्लैट नंबर B2 में एक अंतरराष्ट्रीय ठगों का गिरोह संचालित हो रहा था। इसकी सूचना पुलिस को मिली। इसके बाद पुलिस ने फौरन एक टास्क टीम बनाकर चौहान टाउन के B2 फ्लैट में छापामार कार्रवाई की, जहां से 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सभी से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना जुर्म कबूल करते हुए ठगी का तरीका भी बताया।
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आरोपियो का मुख्य सरगना अर्जुन शर्मा एक होटल में रुका हुआ था, जिसे आरोपियो की निशानदेही पर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सभी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इस कार्रवाई के दौरान दुर्ग पुलिस को पता चला कि फर्जी इंटरनेशनल मोबाइल नंबर के माध्यम से यूएसए और कनाड़ा के नागरिकों के मोबाइल और कंप्यूटर में वायरस बग भेजकर वायरस को हटाने के लिए टेलीग्राम ग्रुप का उपयोग किया जाता था, जिसमें लोगों को वायरस हटाने के लिए उन्हें जाल में फसाया जाता और 80 से लेकर 200$ तक ऐंठ लिए जाते थे।
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ठगों द्वारा यह सभी डॉलर ई वॉलेट में लिए जाते थे। ई वॉलेट में डॉलर आने के बाद उसे क्रिप्टोकरंसी के माध्यम से अर्जुन शर्मा के अकाउंट मे भेजा जाता था। इसके एवज में अर्जुन शर्मा कस्टमर केयर में काम करने वाले सभी लोगों को 25 से 30 हजार रुपए सैलरी दिया करता था।
ये ठग गिरोह अब तक यूएसए और कनाड़ा के सैकड़ों लोगों को इसी तरह अपने जाल में फंसाकर उनसे करोड़ों रुपए ऐंठ चुका है। सभी आरोपी मेघालय शिलांग बिहार के रहने वाले हैं। वही आरोपियों के पास से 12 कंपनियों के लैपटॉप, 14 विभिन्न कंपनियों के मोबाइल इंटरनेट वाई-फाई राउटर दर्जनों बैंकों के अकाउंट डिटेल पासबुक और एटीएम, क्रेडिट कार्ड भी बरामद किए गए हैं। फिलहाल इस पूरे मामले पर दुर्ग पुलिस ने 3 लाख 38 हजार नगद सहित लाखों रुपए के सामान बरामद किए हैं। अब इस पूरे मामले पर दुर्ग पुलिस गिरोह के सरगना तक पहुंचने पतासाजी कर रही है।
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भिलाई के जुनवानी स्थित चौहान टाउन के फ्लैट नंबर B2 में एक अंतरराष्ट्रीय ठगों का गिरोह संचालित हो रहा था। इसकी सूचना पुलिस को मिली। इसके बाद पुलिस ने फौरन एक टास्क टीम बनाकर चौहान टाउन के B2 फ्लैट में छापामार कार्रवाई की, जहां से 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सभी से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना जुर्म कबूल करते हुए ठगी का तरीका भी बताया।
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मोबाइल, लैपटाप से वायरस हटाने के नाम पर लोगों को जाल में फंसाया
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ठगों द्वारा यह सभी डॉलर ई वॉलेट में लिए जाते थे। ई वॉलेट में डॉलर आने के बाद उसे क्रिप्टोकरंसी के माध्यम से अर्जुन शर्मा के अकाउंट मे भेजा जाता था। इसके एवज में अर्जुन शर्मा कस्टमर केयर में काम करने वाले सभी लोगों को 25 से 30 हजार रुपए सैलरी दिया करता था।
गिरोह के सरगना तक पहुंचने पतासाजी में जुटी पुलिस
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FAQ
- दुर्ग पुलिस ने किस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोह का खुलासा किया है और इसमें कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
दुर्ग पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो यूएसए और कनाडा के नागरिकों को झांसे में लेकर उनसे हजारों डॉलर की ठगी करता था। पुलिस ने इस गिरोह के 9 सदस्यों (7 पुरुष और 2 महिलाएं) को गिरफ्तार किया है। - गिरोह किस तरीके से लोगों को ठगता था और अर्जुन शर्मा की इसमें क्या भूमिका थी?
गिरोह मोबाइल और कंप्यूटर में वायरस भेजकर, उन्हें हटाने के नाम पर लोगों से 80 से 200 डॉलर तक की ठगी करता था। ठग फर्जी इंटरनेशनल नंबर और टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से यह धोखाधड़ी करते थे। अर्जुन शर्मा, इस गिरोह का सरगना था, जो क्रिप्टोकरंसी के माध्यम से पैसे रिसीव करता था और गिरोह के सदस्यों को 25–30 हजार रुपये सैलरी देता था। - पुलिस को इस गिरोह के खिलाफ क्या-क्या सबूत मिले हैं और आगे क्या जांच चल रही है?
पुलिस ने गिरोह के पास से 12 लैपटॉप, 14 मोबाइल, वाई-फाई राउटर, बैंकों के अकाउंट डिटेल, पासबुक, एटीएम व क्रेडिट कार्ड और 3.38 लाख नकद राशि बरामद की है। फिलहाल, दुर्ग पुलिस गिरोह के मुख्य सरगना और नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने के लिए जांच कर रही है।
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