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NEWS IN SHORT
- अमेरिका-इजरायल के हमले में खामेनेई की मौत के बाद रायपुर में शिया समुदाय ने विरोध जताया।
- मोमिनपारा और पंडरी इलाके में ट्रंप और नेतन्याहू के पोस्टर लगाकर विरोध प्रदर्शन किया गया।
- पोस्टरों पर ‘डाउन टू अमेरिका’ और ‘डाउन टू इजरायल’ लिखा गया, स्याही फेंकी गई और उन्हें पैरों से रौंदा गया।
- इमामबाड़ा और इमाम बारगाह में मजलिस और शोक सभा आयोजित कर श्रद्धांजलि दी गई।
- खोजा जमात और शिया ईरानी समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर गम और आक्रोश व्यक्त किया।
NEWS IN DETAIL
रायपुर में शिया समुदाय का विरोध प्रदर्शन
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान की राजधानी तेहरान पर किए गए हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद पूरे विश्व के शिया मुसलमानों में गम और गुस्से का माहौल है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी इसका असर देखने को मिला।
शहर के शिया बहुल इलाकों मोमिनपारा और पंडरी में लोगों ने विरोध जताया और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ नारेबाजी की।
पोस्टर लगाकर जताया आक्रोश
मोमिनपारा इलाके में सड़क पर कई स्थानों पर ट्रंप और नेतन्याहू के पोस्टर लगाए गए। पोस्टरों पर ‘डाउन टू अमेरिका’ और ‘डाउन टू इजरायल’ जैसे नारे लिखे गए थे।
प्रदर्शनकारियों ने पोस्टरों पर नीली स्याही फेंकी। कई लोग इन पोस्टरों को पैरों से रौंदते हुए आगे बढ़ते दिखाई दिए। कुछ स्थानों पर पोस्टरों के ऊपर से वाहन भी गुजरते देखे गए।
अमेरिकी झंडे के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध
प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर अमेरिकी झंडे पर भी स्याही फेंकी गई। सड़क पर झंडे और पोस्टरों के जरिए विरोध प्रदर्शन किया गया। यह विरोध पूरी तरह प्रतीकात्मक रूप से किया गया।
इमामबाड़ा और इमाम बारगाह में शोक सभा
रायपुर के मोमिनपारा, पंडरी और अन्य इलाकों में इमामबाड़ा और धार्मिक स्थलों पर शोक सभाएं आयोजित की गईं।
पंडरी स्थित इमाम बारगाह में शिया ईरानी समुदाय के लोगों ने मजलिस कर खामेनेई को श्रद्धांजलि दी। वहीं खोजा जमात के लोगों ने भी अलग से शोक सभा आयोजित की। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
कौन थे अयातुल्ला अली खामेनेई
अयातुल्ला अली खामेनेई ईरान के सुप्रीम लीडर थे और देश की सर्वोच्च धार्मिक एवं राजनीतिक सत्ता उनके पास थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान में हुए हमले में इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुख्यालय को निशाना बनाया गया।
बताया गया कि हमले के समय खामेनेई (iran khamenei) अपने कार्यालय में मौजूद थे। ईरानी मीडिया के मुताबिक, वे उस समय आधिकारिक कार्य कर रहे थे। सैटेलाइट तस्वीरों में परिसर को भारी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।
Knowledge
- सुप्रीम लीडर ईरान में राष्ट्रपति से भी ऊपर का संवैधानिक पद है, जिसके पास सेना और न्यायपालिका पर भी प्रभाव होता है।
- IRGC (इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) ईरान की एक शक्तिशाली सैन्य इकाई है।
- शिया मुसलमान अयातुल्ला को उच्च धार्मिक पद के रूप में मानते हैं।
- भारत के कई शहरों में शिया समुदाय ईरान के धार्मिक नेतृत्व से भावनात्मक जुड़ाव रखता है।
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है।
निष्कर्ष
अयातुल्ला अली खामेनेई (khamenei news) की मौत की खबर ने वैश्विक शिया समुदाय को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया है। रायपुर में भी इसका असर दिखाई दिया, जहां लोगों ने शोक और आक्रोश दोनों व्यक्त किए। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का स्थानीय प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला है।
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