छत्तीसगढ़ में जमीन से लेकर बिल्डिंग तक के नियम बदले, सरकार की नई गाइडलाइन लागू
VINAY VERMA | Jul 17, 2026, 10:57 IST
भूमि विकास नियम 2026
छत्तीसगढ़ सरकार ने 42 साल पुराने भूमि विकास नियम, 1984 में व्यापक संशोधन कर नई गाइडलाइन लागू कर दी है। नए नियमों के तहत लैंड यूज की नई श्रेणियां और कोड तय किए गए हैं, साथ ही गलत उपयोग पर नेगेटिव लिस्ट लागू की गई है।
समझें क्या है पूरा मामला
- 42 साल पुराने भूमि विकास नियमों में बड़ा संशोधन।
- जमीन के उपयोग की नई श्रेणियां और कोड लागू।
- गलत लैंड यूज पर सख्त 'नेगेटिव लिस्ट' लागू।
- ऊंची इमारतों के लिए नए सेटबैक नियम अनिवार्य।
- पूरे प्रदेश में नई गाइडलाइन तत्काल प्रभाव से लागू।
आवास एवं पर्यावरण विभाग ने नई अधिसूचना जारी कर दी है। अब कौन सी जमीन पर क्या बनेगा, कितनी ऊंची बिल्डिंग बनेगी और कितनी जगह खाली छोड़नी होगी, सब कुछ नियमों में तय कर दिया गया है। यानी अब मनमर्जी का निर्माण करना आसान नहीं होगा।
हर जमीन की होगी अलग पहचान
गलत जगह गलत निर्माण किया तो सीधी कार्रवाई
वहीं व्यावसायिक क्षेत्रों में सामान्य आवासीय कॉलोनियों और भारी औद्योगिक गतिविधियों पर भी रोक रहेगी। कृषि भूमि पर भी बड़े निर्माण और उद्योगों को सीमित कर दिया गया है।
ऊंची बिल्डिंग बनानी है तो ज्यादा जगह छोड़नी होगी
उद्योगों के लिए भी रंगों में बंटे नियम
बिल्डर ही नहीं, आम आदमी भी रहेगा सीधे असर में
अब हर नक्शे पर चलेगी नई गाइडलाइन
FAQ
- भूमि विकास नियम क्या होता है?
भूमि विकास नियम वे सरकारी नियम होते हैं जिनके तहत किसी जमीन का उपयोग, निर्माण कार्य, भवन की ऊंचाई, सेटबैक, सड़क से दूरी और अन्य विकास गतिविधियों के मानक तय किए जाते हैं। - छत्तीसगढ़ में नए लैंड यूज नियम कब से लागू हुए हैं?
छत्तीसगढ़ के संशोधित भूमि विकास नियम राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के साथ ही पूरे प्रदेश में लागू हो गए हैं। अब सभी नए निर्माण इन्हीं नियमों के अनुसार होंगे।
ये खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग : खत्म हुई अटैचमेंट व्यवस्था, शिक्षकों में मचा हड़कंप
छत्तीसगढ़ में अनुकंपा नियुक्ति: परिवहन कर्मियों के आश्रितों को मिलेगी नौकरी
छत्तीसगढ़ सड़क निर्माण: 400 गांव बनते हैं टापू, लापरवाह ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj