महादेव एप केस : ED का बड़ा एक्शन, कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार
Umeshwari Baghel | Jul 14, 2026, 20:40 IST
कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार
महादेव सट्टा एप मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इससे पहले एजेंसी ने गर्ग और उनसे जुड़ी कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की थीं। जांच में अवैध कमाई के निवेश की जांच जारी है।
समझें क्या है पूरा मामला
दिल्ली स्थित आवास से हुई गिरफ्तारी
ED का कहना है कि विकास गर्ग महादेव बेटिंग नेटवर्क से जुड़े कथित अवैध धन के लेन-देन में अहम भूमिका निभा रहे थे। जांच एजेंसी उनके निवेश, कंपनियों के वित्तीय लेन-देन और कथित मनी ट्रेल की जांच कर रही है।
940 करोड़ की संपत्तियों पर ED की कार्रवाई
जांच एजेंसी के मुताबिक जब्त संपत्तियों में दिल्ली स्थित आवास, गोवा और नैनीताल की प्रॉपर्टी, बैंक खातों में जमा रकम और कंपनियों में हिस्सेदारी शामिल है। ED का आरोप है कि ये संपत्तियां महादेव बेटिंग एप से अर्जित कथित अवैध धन के जरिए बनाई गई थीं। हालांकि मामले में अंतिम फैसला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।
एबिक्सकैश में हिस्सेदारी खरीदने का आरोप
एजेंसी का दावा है कि एराया लाइफस्पेसेज लिमिटेड के माध्यम से विकास गर्ग ने एबिक्सकैश में करीब 64 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी। ED के अनुसार इस अधिग्रहण में महादेव बेटिंग नेटवर्क से जुड़े कथित अवैध धन का इस्तेमाल किया गया।
जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को कई स्तरों पर शेल कंपनियों और फर्जी लेन-देन के जरिए घुमाया गया। इसके बाद इस पैसे को शेयर बाजार, रियल एस्टेट और कॉर्पोरेट निवेश में लगाया गया।
हर महीने 450 करोड़ से ज्यादा की कमाई का दावा
जांच एजेंसी के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क फ्रेंचाइजी आधारित पैनल सिस्टम पर चलता था। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों में एजेंट बनाए गए थे जो ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए रकम जुटाते थे।
ED का आरोप है कि इस नेटवर्क से अर्जित धन को अलग-अलग माध्यमों से खपाने की कोशिश की गई। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस रकम का इस्तेमाल किन लोगों और संस्थाओं तक पहुंचाने में किया गया।
विदेशों से ऑपरेट होने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई
यह मामला छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दर्ज एफआईआर के बाद सामने आया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ता गया और नेटवर्क के देश-विदेश में फैले होने की जानकारी सामने आई। इस मामले में ED के साथ-साथ सीबीआई भी जांच कर रही है। अब तक 66 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार
सौरभ चंद्राकर समेत कई आरोपित जांच के घेरे में
इसके अलावा श्रीलंका में महादेव बेटिंग एप के लिए काम करने वाले करीब 150 युवकों को भी हिरासत में लेने की कार्रवाई की गई है।
आगे की जांच में खुल सकते हैं बड़े राज
महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप मामला देश के बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में शामिल है। आने वाले दिनों में जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों पर कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
IMP FACTS
गिरफ्तारी स्थान: दिल्ली स्थित आवास
जांच एजेंसी: प्रवर्तन निदेशालय (ED)
कुर्क संपत्ति: ₹940.77 करोड़
कुर्की का प्रकार: प्रोविजनल अटैचमेंट (अस्थायी जब्ती)
आरोपित कंपनियां: विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड, एराया लाइफस्पेसेज लिमिटेड
एबिक्सकैश में हिस्सेदारी का आरोप: करीब 64%
कथित अवैध कमाई: ₹450 करोड़ प्रति माह (ED के दावे के अनुसार)
चार्जशीट दाखिल आरोपी: 66
मुख्य आरोपित: सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल
जांच एजेंसियां: ED और CBI
मामले की शुरुआत: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दर्ज FIR से
नेटवर्क संचालन का आरोप: UAE और अन्य खाड़ी देशों से संचालन का दावा
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी: ओमान में (जांच एजेंसियों के अनुसार)
FAQ
- महादेव सट्टा एप मामले में विकास गर्ग को क्यों गिरफ्तार किया गया?
ED के अनुसार विकास गर्ग पर आरोप है कि उन्होंने महादेव बेटिंग नेटवर्क से जुड़ी कथित अवैध कमाई का इस्तेमाल कंपनियों में निवेश और संपत्तियां खरीदने में किया। मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच चल रही है। - ED ने विकास गर्ग से जुड़ी कितनी संपत्तियां जब्त की हैं?
ED ने विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों की करीब 940.77 करोड़ रुपए मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को प्रोविजनल अटैचमेंट के तहत कुर्क किया है। - महादेव सट्टा एप मामले की जांच कौन कर रहा है?
महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही हैं। अब तक इस मामले में 66 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
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