महादेव एप केस : ED का बड़ा एक्शन, कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार

Umeshwari Baghel | Jul 14, 2026, 20:40 IST
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कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार
कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार

महादेव सट्टा एप मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इससे पहले एजेंसी ने गर्ग और उनसे जुड़ी कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की थीं। जांच में अवैध कमाई के निवेश की जांच जारी है।

समझें क्या है पूरा मामला

Raipur। महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप और स्काई एक्सचेंज से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि गर्ग ने कथित तौर पर सट्टेबाजी से हुई अवैध कमाई का इस्तेमाल कंपनियों में निवेश और संपत्तियां खरीदने में किया। गिरफ्तारी से पहले ED ने विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों की करीब 940.77 करोड़ रुपए की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की थीं।

दिल्ली स्थित आवास से हुई गिरफ्तारी

महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप मामले में ED ने कारोबारी विकास गर्ग को दिल्ली स्थित उनके घर से पकड़ा है। एजेंसी अब उन्हें दिल्ली की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लेने की तैयारी में है। इसके बाद उन्हें रायपुर लाकर पूछताछ की जाएगी।

ED का कहना है कि विकास गर्ग महादेव बेटिंग नेटवर्क से जुड़े कथित अवैध धन के लेन-देन में अहम भूमिका निभा रहे थे। जांच एजेंसी उनके निवेश, कंपनियों के वित्तीय लेन-देन और कथित मनी ट्रेल की जांच कर रही है।

940 करोड़ की संपत्तियों पर ED की कार्रवाई

गिरफ्तारी से कुछ दिन पहले ही ED ने विकास गर्ग और उनसे जुड़ी कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई की थी। एजेंसी ने कुल 940.77 करोड़ रुपए मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को प्रोविजनल अटैचमेंट के तहत जब्त किया था।

जांच एजेंसी के मुताबिक जब्त संपत्तियों में दिल्ली स्थित आवास, गोवा और नैनीताल की प्रॉपर्टी, बैंक खातों में जमा रकम और कंपनियों में हिस्सेदारी शामिल है। ED का आरोप है कि ये संपत्तियां महादेव बेटिंग एप से अर्जित कथित अवैध धन के जरिए बनाई गई थीं। हालांकि मामले में अंतिम फैसला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

एबिक्सकैश में हिस्सेदारी खरीदने का आरोप

ED की जांच में सामने आया है कि विकास गर्ग कई कंपनियों से जुड़े रहे हैं। इनमें विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड और एराया लाइफस्पेसेज लिमिटेड प्रमुख हैं।

एजेंसी का दावा है कि एराया लाइफस्पेसेज लिमिटेड के माध्यम से विकास गर्ग ने एबिक्सकैश में करीब 64 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी। ED के अनुसार इस अधिग्रहण में महादेव बेटिंग नेटवर्क से जुड़े कथित अवैध धन का इस्तेमाल किया गया।

जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को कई स्तरों पर शेल कंपनियों और फर्जी लेन-देन के जरिए घुमाया गया। इसके बाद इस पैसे को शेयर बाजार, रियल एस्टेट और कॉर्पोरेट निवेश में लगाया गया।

हर महीने 450 करोड़ से ज्यादा की कमाई का दावा

महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप मामले की जांच कर रही एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क बड़े पैमाने पर संचालित किया जा रहा था। ED का दावा है कि महादेव बेटिंग सिंडिकेट हर महीने 450 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई कर रहा था।

जांच एजेंसी के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क फ्रेंचाइजी आधारित पैनल सिस्टम पर चलता था। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों में एजेंट बनाए गए थे जो ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए रकम जुटाते थे।

ED का आरोप है कि इस नेटवर्क से अर्जित धन को अलग-अलग माध्यमों से खपाने की कोशिश की गई। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस रकम का इस्तेमाल किन लोगों और संस्थाओं तक पहुंचाने में किया गया।

विदेशों से ऑपरेट होने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई

महादेव बेटिंग एप का नेटवर्क भारत के बाहर से संचालित होने की बात जांच में सामने आई है। एजेंसियों के अनुसार इसका संचालन संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत खाड़ी देशों से किया जाता था।

यह मामला छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दर्ज एफआईआर के बाद सामने आया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ता गया और नेटवर्क के देश-विदेश में फैले होने की जानकारी सामने आई। इस मामले में ED के साथ-साथ सीबीआई भी जांच कर रही है। अब तक 66 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार
कारोबारी विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार


सौरभ चंद्राकर समेत कई आरोपित जांच के घेरे में

महादेव बेटिंग एप मामले में मुख्य आरोपितों में सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के नाम शामिल हैं। दोनों के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि वह फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए वहां पहुंचा था।

इसके अलावा श्रीलंका में महादेव बेटिंग एप के लिए काम करने वाले करीब 150 युवकों को भी हिरासत में लेने की कार्रवाई की गई है।

आगे की जांच में खुल सकते हैं बड़े राज

विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद ED अब कथित मनी ट्रेल, कंपनियों में निवेश और संपत्तियों की खरीद से जुड़े सवालों के जवाब तलाशेगी। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि महादेव बेटिंग नेटवर्क से आने वाला पैसा किन रास्तों से कंपनियों तक पहुंचा और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप मामला देश के बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में शामिल है। आने वाले दिनों में जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों पर कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।

IMP FACTS

गिरफ्तार आरोपी: कारोबारी विकास गर्ग
गिरफ्तारी स्थान: दिल्ली स्थित आवास
जांच एजेंसी: प्रवर्तन निदेशालय (ED)
कुर्क संपत्ति: ₹940.77 करोड़
कुर्की का प्रकार: प्रोविजनल अटैचमेंट (अस्थायी जब्ती)
आरोपित कंपनियां: विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड, एराया लाइफस्पेसेज लिमिटेड
एबिक्सकैश में हिस्सेदारी का आरोप: करीब 64%
कथित अवैध कमाई: ₹450 करोड़ प्रति माह (ED के दावे के अनुसार)
चार्जशीट दाखिल आरोपी: 66
मुख्य आरोपित: सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल
जांच एजेंसियां: ED और CBI
मामले की शुरुआत: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दर्ज FIR से
नेटवर्क संचालन का आरोप: UAE और अन्य खाड़ी देशों से संचालन का दावा
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी: ओमान में (जांच एजेंसियों के अनुसार)

FAQ

  1. महादेव सट्टा एप मामले में विकास गर्ग को क्यों गिरफ्तार किया गया?
    ED के अनुसार विकास गर्ग पर आरोप है कि उन्होंने महादेव बेटिंग नेटवर्क से जुड़ी कथित अवैध कमाई का इस्तेमाल कंपनियों में निवेश और संपत्तियां खरीदने में किया। मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच चल रही है।
  2. ED ने विकास गर्ग से जुड़ी कितनी संपत्तियां जब्त की हैं?
    ED ने विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों की करीब 940.77 करोड़ रुपए मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को प्रोविजनल अटैचमेंट के तहत कुर्क किया है।
  3. महादेव सट्टा एप मामले की जांच कौन कर रहा है?
    महादेव ऑनलाइन बेटिंग एप मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही हैं। अब तक इस मामले में 66 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।

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