क्रिकेटर अजंता मेंडिस बनकर ओमान में घूम रहा था महादेव ऐप का सौरभ चंद्राकर

Aishwarya Dwivedi | Jul 21, 2026, 11:28 IST
Share
महादेव-ऐप-सौरभ-नकली-पासपोर्ट-ओमान
महादेव-ऐप-सौरभ-नकली-पासपोर्ट-ओमान

महादेव सट्टा ऐप का प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ओमान में पकड़ा गया। उसने अजंता मेंडिस नाम के फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट से ओमान में एंट्री ली थी। एजेंसियां अब उसे भारत लाने में जुटी हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप का प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ओमान में गिरफ्तार हुआ था।
  • उसने फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश किया था।
  • पासपोर्ट में फोटो सौरभ की है लेकिन नाम क्रिकेटर जैसा है।
  • उसने गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण से बचने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाए।
  • भारतीय जांच एजेंसियां उसे अब भारत लाने की तैयारी कर रही हैं।

फर्जी पासपोर्ट का बड़ा खुलासा

महादेव ऐप का प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ओमान में पकड़ा गया था। उसके पास से एक फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट बरामद हुआ है। इस पासपोर्ट में फोटो सौरभ चंद्राकर की ही लगी है। लेकिन इसमें दर्ज नाम श्रीलंकाई क्रिकेटर अजंता मेंडिस से मिलता है।

पासपोर्ट में अंग्रेजी में 'Ajanta Mendis' नाम दर्ज है। इसमें जन्मतिथि 11 मार्च 1998 दर्ज की गई है। इसके मुताबिक उसकी उम्र अभी 28 वर्ष बताई गई है। यह पासपोर्ट 21 जून 2024 को जारी किया गया था। इसकी वैधता 21 जून 2034 तक दिखाई गई है।

क्रिकेटर का नाम क्यों चुना

जांच एजेंसियां अब इस पूरे मामले की जांच में जुटी हैं। फर्जी पहचान के लिए क्रिकेटर का नाम क्यों चुना गया? अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश में लगे हुए हैं। क्या सौरभ ने यह नाम खुद चुना था? या फिर किसी फर्जी दस्तावेज नेटवर्क ने यह दिया?

हालांकि पूर्व क्रिकेटर अजंता मेंडिस का इससे कोई संबंध नहीं है। केवल उनसे मिलता-जुलता नाम इस्तेमाल किया गया है। पासपोर्ट नंबर E3387986 में यह नाम दर्ज मिला है।

महादेव ऐप का सौरभ चंद्राकर
महादेव ऐप का सौरभ चंद्राकर


ओमान में चलेगा पहला केस

ओमान के कानून के मुताबिक पहले वहां कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी। फर्जी दस्तावेजों से जुड़ा केस ओमान में चलाया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद ही प्रत्यर्पण पर फैसला होगा। इस प्रक्रिया के कारण भारत लाने में देरी हो सकती है। भारत सरकार ने प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि पहले से लागू है। ईडी (ED) और अन्य एजेंसियां इस पर काम कर रही हैं।

नागरिकता और जन्मतिथि का खेल

जांच में यह भी सामने आया है कि उसने नागरिकता बदली थी। सौरभ और उसके साथी रवि उप्पल ने वानूआतू की नागरिकता ली थी। वानूआतू के दस्तावेजों में जन्मतिथि 13 जनवरी 1995 दर्ज है। जबकि इंडोनेशियाई पासपोर्ट में जन्मतिथि 11 मार्च 1998 लिखी हुई है। उसने गिरफ्तारी से बचने के लिए यह सब किया था। वह वर्ष 2023 से भारतीय एजेंसियों की पहुंच से बाहर था।

रेड कॉर्नर नोटिस और कार्रवाई

सौरभ के खिलाफ इंटरपोल (INTERPOL) का रेड कॉर्नर नोटिस जारी था। उस पर हजारों करोड़ रुपए के अवैध कारोबार का आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहा है। जांच एजेंसी ने उसकी कई संपत्तियां अटैच कर ली हैं। उसके कई सहयोगियों पर भी शिकंजा कसा जा चुका है। अब उसे भारत लाकर पूछताछ की तैयारी की जा रही है।

FAQ

  1. सौरभ चंद्राकर को कहां गिरफ्तार किया गया है?
    उत्तर: सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार किया गया है। उसने फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट से वहां प्रवेश किया था। भारतीय एजेंसियां उसे भारत लाने का प्रयास कर रही हैं।
  2. महादेव बेटिंग ऐप मामले में मुख्य जांच एजेंसी कौन सी है?
    उत्तर: महादेव सट्टा ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की मुख्य जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED – Enforcement Directorate) कर रहा है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भगौड़ों पर नजर रखने के लिए इंटरपोल (INTERPOL) की मदद ली जाती है।
  3. प्रत्यर्पण संधि (Extradition Treaty) क्या होती है?
    उत्तर: यह दो देशों के बीच हुआ एक कानूनी समझौता है। इसके तहत किसी एक देश में अपराध करके दूसरे देश भागे आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के जरिए वापस उसी देश को सौंपा जाता है।

यह खबरें भी पढ़ें...

महादेव ऐप: 72 आरोपियों पर चार्जशीट, करोड़ों के खेल में नए खुलासों की तैयारी

महादेव ऐप प्रमोटर सौरभ की तीसरी गिरफ्तरी पर खड़े हुए सवाल, आखिर दो बार कैसे बचा

महादेव ऐप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर ओमान में गिरफ्तार, अब होगी भारत वापसी

झीरम से महादेव ऐप तक, 12 बड़े मामलों की सीबीआई जांच पूरी होने का इंतजार

Tags:
  • भारत
  • प्रवर्तन निदेशालय
  • सौरभ चंद्राकर
  • महादेव ऐप
  • मनी लॉन्ड्रिंग
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज