महादेव ऐप प्रमोटर सौरभ की तीसरी गिरफ्तरी पर खड़े हुए सवाल, आखिर दो बार कैसे बचा

Aishwarya Dwivedi | Jul 09, 2026, 12:08 IST
Share
सौरभ-चंद्राकर-गिरफ्तारी-महादेव-ऐप-केस
सौरभ-चंद्राकर-गिरफ्तारी-महादेव-ऐप-केस

महादेव ऐप प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को फर्जी पासपोर्ट के साथ ओमान में तीसरी बार गिरफ्तार किया गया है। भारत सरकार अब इंटरपोल और प्रत्यर्पण संधि के जरिए उसे रायपुर लाने की तैयारी में है।

समझें क्या है पूरा मामला

महादेव सट्टा ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान पुलिस ने तीसरी बार गिरफ्तार किया है। सवाल है कि वह फर्जी पासपोर्ट के जरिए वहां कैसे पहुंचा। भारत और ओमान के बीच प्रत्यर्पण संधि और इंटरपोल की मदद से अब उसे रायपुर लाने की कोशिश हो रही है। सवाल यह भी है कि पहले दो बार पकड़े जाने पर भी वह कैसे छूट गया। श्रीलंका में भी उसके नेटवर्क से जुड़े करीब 150 स्टाफ हिरासत में हैं।

फर्जी पासपोर्ट से कैसे पहुंचा ओमान

सौरभ चंद्राकर पिछले कुछ समय से संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई (UAE – United Arab Emirates) में रह रहा था। वहां से वह 1 जून को ओमान पहुंचा था। सवाल यह है कि वह असली पहचान छिपाकर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट क्यों इस्तेमाल कर रहा था। विदेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारतीय एजेंसियों के अनुरोध पर जारी इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। फिलहाल उसे ओमान की राजधानी मस्कट स्थित हाई सिक्योरिटी अल खौद डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। भारत सरकार अब उसे प्रत्यर्पण के जरिए वापस लाने की प्रक्रिया में जुट गई है। दावा किया जा रहा है कि इस बार सौरभ को भारत लाया जाएगा।

जून में ही जारी हो गया था गिरफ्तारी वारंट

ईडी (ED – Enforcement Directorate) सूत्रों के अनुसार जून में ही सौरभ के ओमान जाने की जानकारी मिल गई थी। इसके बाद एजेंसी ने इंटरपोल से संपर्क किया। सवाल है कि क्या यह जानकारी पहले भी एजेंसियों के पास थी। 26 जून को कोर्ट से उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कराया गया।

इसके बाद करीब 400 पन्नों का प्रत्यर्पण दस्तावेज तैयार कराया गया। इसका अंग्रेजी और अरबी भाषा में अनुवाद भी कराया गया। प्रत्यर्पण प्रक्रिया के तहत यह दस्तावेज विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय को भेजे गए हैं। विदेश में फरार आरोपियों को भारत लाने के मामलों में सीबीआई (CBI – Central Bureau of Investigation) नोडल एजेंसी है।

श्रीलंका में भी 150 स्टाफ हिरासत में क्यों

सवाल यह भी है कि महादेव नेटवर्क कितने देशों में फैला हुआ था। महादेव के प्रमोटर पर 25 हजार दिरहम की मनी लॉन्डिंग का आरोप है। करीब तीन महीने पहले रवि उप्पल, कमल, कपिल समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

सूत्रों का दावा है कि दुबई में ड्रग्स कांड में फंसने के बाद चेतन जोशी और उसके साथी राजा को वापस भेज दिया गया। इसके बाद श्रीलंका में भी कार्रवाई हुई, जहां महादेव नेटवर्क से जुड़े भिलाई के करीब 150 कर्मचारी हाउस अरेस्ट बताए जा रहे हैं।

सौरभ की गिरफ्तारी के बाद उसके नेटवर्क से जुड़े कई रिश्तेदार भिलाई लौट आए हैं। फिलहाल उसके माता-पिता और पत्नी दुबई में हैं। दुर्ग जिले में महादेव सट्टा नेटवर्क से जुड़े करीब 31 मामले दर्ज हैं। एक महीने पहले दुबई में सिकंदर प्रसाद के ठिकानों पर भी छापा मारा गया था।

सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तरी
सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तरी


पहले दो बार कैसे बच निकला सौरभ

सबसे बड़ा सवाल यही है कि 2023 और 2024 में दो बार दुबई में गिरफ्तार होने के बावजूद सौरभ हर बार कैसे छूट गया और दोबारा अपना नेटवर्क कैसे खड़ा कर लिया। सौरभ चंद्राकर मूल रूप से भिलाई का रहने वाला है। शुरुआत में वह जूस सेंटर चलाता था। बाद में अपने साथी रवि उप्पल के साथ मिलकर उसने महादेव बेटिंग ऐप शुरू किया और ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क खड़ा किया।

पुलिस का दबाव बढ़ने के बाद वर्ष 2019 में वह देश छोड़कर फरार हो गया था। उसके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी और सीबीआई ऑनलाइन सट्टेबाजी, मनी लॉन्डिंग और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। इस मामले में सीबीआई द्वारा चार्जशीट पेश करने की भी चर्चा है।

पहली बार दिसंबर 2023 में उसे करीब एक महीने तक हिरासत में रखा गया, लेकिन बाद में छोड़ दिया गया। दूसरी बार अक्टूबर 2024 में उसे फिर पकड़ा गया और करीब एक महीने तक नजरबंद रखा गया।

सवाल यह है कि दोनों बार इंटरपोल के जरिए उसे भारत लाने की कोशिश क्यों नाकाम रही। रिहा होने के बाद वह दोबारा सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित करता रहा। इस बार एजेंसियों का दावा है कि उसे भारत लाया जाएगा और इसके लिए कानूनी प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।

सौरभ ने इंटरपोल की कमीशन फॉर द कंट्रोल ऑफ इंटरपोल्स फाइल्स यानी सीसीएफ (CCF – Commission for the Control of INTERPOL's Files) में अपने खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस निरस्त करने की याचिका भी दायर की थी।

पुलिस संरक्षण में चल रहा था सट्टे का नेटवर्क

सवाल यह भी उठता है कि इतना बड़ा नेटवर्क बिना किसी संरक्षण के इतने लंबे समय तक कैसे चलता रहा। महादेव सट्टा मामले में पुलिस अब तक 70 से ज्यादा केस दर्ज कर चुकी है। इनमें 210 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। मोहन नगर थाने में 29 जुलाई 2022 को दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने उसी साल अक्टूबर में मनी लॉन्डिंग का केस दर्ज किया।

अक्टूबर 2023 में राज्यभर में छापेमारी की गई, जिसमें एएसआई चंद्रभूषण वर्मा, सतीश चंद्राकर समेत अन्य की पहली गिरफ्तारी हुई। वर्ष 2024 में सीबीआई ने भी मामला दर्ज किया। सीबीआई अब तक 74 लोगों को आरोपी बना चुकी है। इनमें 22 की गिरफ्तारी हो चुकी है और पांच चार्जशीट पेश की जा चुकी हैं। कई मामलों में आधा दर्जन से बड़े लोग जांच के दायरे में हैं।

सीबीआई और ईडी ने 174 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसमें 4336 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी कुर्क की गई है। दुबई में भी सौरभ की 940 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी कुर्क की जा चुकी है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार वाकई सौरभ चंद्राकर को भारत लाया जा सकेगा, या पहले की तरह यह मामला भी कानूनी पेचीदगियों में उलझ जाएगा।

FAQ

  1. सौरभ चंद्राकर को ओमान में क्यों गिरफ्तार किया गया?
    उत्तर: वह फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट से ओमान पहुंचा था। भारतीय एजेंसियों के अनुरोध पर इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर उसे पकड़ा गया।
  2. क्या सौरभ चंद्राकर पहले भी गिरफ्तार हुआ था?
    उत्तर: हां, 2023 और 2024 में दो बार दुबई में गिरफ्तार हुआ था। दोनों बार वह कुछ समय बाद छूट गया।
  3. क्या इस बार सौरभ चंद्राकर को भारत लाया जाएगा?
    उत्तर: एजेंसियों का दावा है कि इस बार प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। हालांकि अंतिम नतीजा अभी सामने आना बाकी है।

यह खबरें भी पढ़ें...

महादेव सट्टा के सौरभ चंद्राकर से भूपेश की चैट फर्जी, बघेल बोले राजनीतिक साजिश

महादेव सट्टा मामला : ED के फ्रीज करोड़ों रुपए को शेयर बाजार में बेचने की मिली अनुमति

महादेव ऐप की तर्ज पर ऑनलाइन सट्टा, 20 लाख में बनता था ऐप, देश भर में फैला जाल

मुंबई से मास्टरमाइंड बाबू खेमानी गिरफ्तार, महादेव ऐप की तर्ज पर चला रहा था सट्टा सिंडिकेट

Tags:
  • भिलाई
  • महादेव ऐप
  • विदेश मंत्रालय
  • ऑनलाइन
  • सीसीएफ
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा