महादेव सट्टा मामला : ED के फ्रीज करोड़ों रुपए को शेयर बाजार में बेचने की मिली अनुमति
Aishwarya Dwivedi | Jun 04, 2026, 13:50 IST
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हाईकोर्ट ने महादेव सट्टा एप मामले में फ्रीज 423 करोड़ 60 लाख रुपए के शेयरों को बाजार के जोखिम से बचाने के लिए ED की देखरेख में सुरक्षित सरकारी फंड या म्यूचुअल फंड में ट्रांसफर करने की अनुमति दी।
NEWS IN SHORT
- महादेव एप से जुड़ी कंपनियों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत।
- ED द्वारा फ्रीज ₹423 करोड़ के शेयर बेचे जाएंगे।
- शेयर बेचकर रकम सुरक्षित सरकारी फंड में निवेश होगी।
- पूरी रकम पर ED का नियंत्रण हमेशा बना रहेगा।
- बाजार के उतार-चढ़ाव से संपत्ति को बचाना मुख्य उद्देश्य।
NEWS IN DETAIL
अदालत ने माना कि शेयर बाजार बेहद उतार-चढ़ाव वाला होता है। यदि फ्रीज किए गए शेयरों की कीमत गिरती है, तो इससे संपत्ति का भारी नुकसान होगा। इसलिए कोर्ट ने कंपनियों को छूट दी है कि वे इन शेयरों को बेचकर प्राप्त राशि को ED की देखरेख में सुरक्षित म्यूचुअल फंड या सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश कर सकते हैं। हालांकि, पूरी रकम पर ED का नियंत्रण बना रहेगा और कंपनियां इसे निकाल नहीं सकेंगी।
क्या है पूरा मामला?
इन 8 कंपनियों ने दायर की थी याचिका
- मेसर्स ड्रीम अचीवर कंसल्टेंसी सर्विसेज प्रा. लिमिटेड
- मेसर्स डिस्कवरी बिल्डकॉन प्रा. लिमिटेड
- मेसर्स फॉरेस्ट विन्कॉम प्रा. लिमिटेड
- मेसर्स ब्रिलियंट इन्वेस्टमेंट्स कंसलटेंट प्रा. लिमिटेड
- मेसर्स एबिलिटी वेंचर्स प्रा. लिमिटेड
- मेसर्स एबिलिटी स्मार्टेक प्रा. लिमिटेड
- मेसर्स एबिलिटी गेम्स लिमिटेड
- मेसर्स स्वर्ण भूमि वाणिज्य प्रा. लिमिटेड
ED का विरोध और कोर्ट की टिप्पणी
हाईकोर्ट का रुख : दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि PMLA कानून के तहत संपत्ति फ्रीज करने का मकसद उसकी वैल्यू को सुरक्षित रखना है। अगर भविष्य में कंपनियां केस जीतती हैं या सरकार इसे जब्त करती है, दोनों ही स्थितियों में संपत्ति का मूल्य बचा रहना जरूरी है। ED भले ही निवेश का काम न करे, लेकिन संपत्ति की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक रास्ता निकाला जाना न्यायसंगत है।
निष्कर्ष
FAQ
- महादेव ऑनलाइन सट्टा एप का मुख्य प्रमोटर कौन है?
उत्तर: इसके मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल हैं, जो मूल रूप से छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले हैं। - महादेव सट्टा एप मामले की जांच कौन सी केंद्रीय एजेंसी कर रही है?
उत्तर: ED (प्रवर्तन निदेशालय - Enforcement Directorate) इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA कानून) के तहत जांच कर रही है। - ED ने महादेव सट्टा एप मामले में किस कानून के तहत कार्रवाई की है?
उत्तर: PMLA (Prevention of Money Laundering Act - धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002) के तहत। - महादेव एप का पैसा शेयर बाजार में निवेश करने वाले किन दो मुख्य कारोबारियों के नाम सामने आए हैं?
उत्तर: कोलकाता के कारोबारी हरि शंकर टिबरेवाल और सूरज चोखानी।
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