महादेव सट्टा एप मामला: सरगुजा में बड़ा खुलासा, पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

Krishna Kumar Sikander | Jul 29, 2025, 21:40 IST
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Mahadev Satta App case the sootr
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छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव सट्टा एप मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस बार इस अवैध सट्टेबाजी के तार सरगुजा जिले और वहाँ की पुलिस से जुड़ते दिख रहे हैं। एक वायरल वीडियो ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

Mahadev Satta App: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित महादेव सट्टा एप मामले में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। इस बार इस अवैध सट्टेबाजी के नेटवर्क के तार सरगुजा जिले और वहां की पुलिस से जुड़ते नजर आ रहे हैं। एक वायरल वीडियो ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है, जिसमें एक युवक ने दावा किया है कि उसे सट्टेबाजों और एक पुलिसकर्मी ने मिलकर महादेव सट्टा एप का कारोबार चलाने के लिए मजबूर किया था। इस मामले में सरगुजा पुलिस के एक आरक्षक प्रवीण सिंह का नाम सामने आया है, जिसके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने अब इस वीडियो की जांच शुरू करने और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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वायरल वीडियो ने खोला राज

अंबिकापुर के सत्तीपारा निवासी सत्यम केशरी ने एक वीडियो जारी कर इस मामले में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वीडियो में सत्यम ने दावा किया कि वर्ष 2023 में कुछ स्थानीय सट्टेबाजों और पुलिस आरक्षक प्रवीण सिंह ने उसे जाल में फंसाकर महादेव सट्टा एप के जरिए अवैध सट्टेबाजी का कारोबार करवाया। सत्यम के अनुसार, इस कारोबार से प्रवीण सिंह को एक महीने में 48 लाख रुपये का मुनाफा हुआ। वीडियो में यह भी खुलासा किया गया कि हाल ही में गिरफ्तार किए गए अमित मिश्रा उर्फ पहलू का नाम भी इस सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़ा है, जिसे म्युल अकाउंट के मामले में पुलिस ने दो दिन पहले हिरासत में लिया था।

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पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप

वीडियो में नाम सामने आए आरक्षक प्रवीण सिंह पहले अंबिकापुर में तैनात थे, लेकिन वर्तमान में उनकी पोस्टिंग बलरामपुर जिले में है। सत्यम केशरी के वीडियो में किए गए दावों ने पुलिस विभाग की साख पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि प्रवीण सिंह न केवल इस अवैध सट्टेबाजी में शामिल थे, बल्कि उन्होंने इसका संचालन करने में भी अहम भूमिका निभाई। इस वायरल वीडियो के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, और अब पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू करने का दावा किया है।

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पुलिस का जवाब: जांच के बाद कार्रवाई

सरगुजा पुलिस ने वायरल वीडियो को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच शुरू कर दी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) ने कहा, "वीडियो में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।" पुलिस का कहना है कि इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई सट्टेबाज हो या पुलिसकर्मी।

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अवैध सट्टा कारोबार | Chhattisgarh Mahadev Satta App

महादेव सट्टा एप का सरगुजा कनेक्शन महादेव सट्टा एप मामला पहले से ही छत्तीसगढ़ में सुर्खियों में रहा है। इस अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क का संचालन दुबई से होने की बात सामने आई थी, और इसके मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हिरासत में लिया था। लेकिन अब सरगुजा में इस नेटवर्क के संचालन और स्थानीय पुलिसकर्मी के कथित संलिप्तता ने मामले को और जटिल बना दिया है। सत्यम केशरी ने अपने वीडियो में दावा किया कि स्थानीय सट्टेबाजों ने पुलिस के संरक्षण में इस कारोबार को अंजाम दिया, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या यह नेटवर्क केवल अपराधियों तक सीमित था या इसमें प्रशासनिक संरक्षण भी शामिल था?

हालिया गिरफ्तारी और जांच

पुलिस ने हाल ही में अमित मिश्रा उर्फ पहलू को म्युल अकाउंट के मामले में गिरफ्तार किया था, जिसका संबंध भी महादेव सट्टा एप से बताया जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में पहले ही खुलासा हो चुका है कि इस एप के जरिए 6000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई हुई, जिसमें हवाला, क्रिप्टोकरेंसी और बेनामी खातों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की गई। सरगुजा में इस नेटवर्क के संचालन की खबर ने जांच एजेंसियों को और सतर्क कर दिया है।

सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव

महादेव सट्टा एप मामला पहले ही छत्तीसगढ़ में एक बड़े राजनीतिक विवाद का कारण बन चुका है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर इस मामले में 508 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लग चुका है, जिसे उन्होंने सिरे से खारिज किया था। अब सरगुजा में पुलिसकर्मी के कथित संलिप्तता ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल यह वीडियो न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि यह अवैध नेटवर्क कितने गहरे तक फैला हुआ है।

जांच के लिए बनेगी विशेष टीम

पुलिस ने वीडियो में लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित करने की बात कही है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने का दावा किया जा रहा है कि इस मामले में सभी दोषियों को सजा मिले। प्रवर्तन निदेशालय और छत्तीसगढ़ पुलिस इस मामले में पहले से ही कई गिरफ्तारियां कर चुकी हैं, और अब सरगुजा कनेक्शन की जांच से और बड़े खुलासे होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ महादेव सट्टा एप मामला

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