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Raipur. छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने तीसरे बजट में महतारी वंदन योजना के लिए 8200 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। जिसके जरिए एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक संदेश देने की कोशिश की गई है कि सरकार की आर्थिक स्थिति मजबूत है।
साथ ही महिलाओं पर विशेष ध्यान बना रहेगा। हालांकि इस घोषणा से इतना तो स्पष्ट हो गया है कि महतारी वंदन योजना के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को जुगाड़ के पैसे की जरुरत नहीं होगी। योजना के लिए उनके पास अपना बजट होगा।
3000 करोड़ से शुरु हुई योजना
10 मार्च 2024 को योजना के तहत सरकार ने पहली किस्त जारी की। जिसमें 70 लाख 12 हजार 741 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1-1 हजार रूपए डीबीटी के जरिए डाले गए। उस समय 2024-25 के बजट में इस योजना के लिए 3000 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया था।
क्या है महतारी वंदन योजना
विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने अपने मोदी की गारंटी नामक घोषणा पत्र में यह वादा किया था। इसमें कहा गया था कि सरकार बनने के बाद छग की प्रत्येक महिलाओं को प्रतिमाह 1 हजार रुपए देगी। सरकार बनने के बाद महतारी वंदन योजना के लिए 2 फरवरी 2023 को आदेश जारी किया गया था। इसके तहत 21 वर्ष से अधिक आयु की विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1 हजार रूपए देना था।
तीन साल में तीन गुना छलांग
साल 2024-25 में इस योजना के लिए 3000 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया था। उसी वर्ष 10 मार्च 2024 को पहली किस्त जारी की गई, जिसमें 70 लाख 12 हजार 741 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1-1 हजार रूपए ट्रांसफर किए गए।
इसके बाद 2025-26 में बजट बढ़ाकर 5500 करोड़ कर दिया गया। और अब 2026-27 में सीधे 8200 करोड़ का प्रावधान कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी बताती है कि सरकार इस योजना को अपनी प्राथमिकता के केंद्र में रख रही है।
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पहले से पैसा कहां से आता था?
बताया जा रहा है कि योजना के तहत लगभग इतने ही राशि की जरुरत होती है। लेकिन फंड नहीं होने के कारण दूसरे विभागों से इसके लिए व्यवस्था करना पड़ता था। वित्त विभाग अलग-अलग मदों के पैसे को डायवर्ट कर राशि महिला एवं बाल विकास विभाग को देती थी। इसके लिए लंबा पत्राचार करना पडता था। लेकिन अब फंड के लिए जुगाड़ नहीं करना होगा।
परिवहन और आबकारी पर दबाव
सूत्रो के अनुसार सरकार इसके लिए परिवहन और आबकारी विभाग से पैसे की व्यवस्था करती थी। जिसके लिए भी विभागों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती थी। लेकिन अब महिलाओं को किश्त जारी करने के लिए इन विभागों पर निर्भर नहीं रहना होगा।
घटती संख्या ने बढ़ाए सवाल
साल 2024-25 में जहां 70,12,741 महिलाओं को पात्र माना गया था, वहीं 2026-27 तक यह संख्या घटकर 68.47 लाख रह गई है। यानी लगभग डेढ़ लाख महिलाएं सूची से बाहर हो गईं। यह कमी सामान्य नहीं है। बताया गया कि दूसरे राज्यों के हितग्राही इस योजना का लाभ ले रहे थे। कुछ लोगों का नियमविरुद्ध नाम जुड़ गया था। साथ में कुछ की मृत्यु हो गई। ऐसे में इनकी संख्या कम हो गई।
सनी लियोनी भी हितग्राही
दिसंबर 2024 में एक आरटीआई के जरिए इस बात का खुलासा हुआ कि बस्तर जिले के तालुर गांव में बॉलीवुड एक्ट्रेस सनी लियोनी के नाम से एक खाता चल रहा। जिसमें महतारी वंदन योजना के नाम पर हर महीने 1000 रूपए डाले जा रहे थे।
बस्तर कलेक्टर एस. हरीश ने मामले की जांच कराई। जिसके बाद तालूर गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वेदमती जोशी और गांव के वीरेंद्र जोशी नाम के युवक से पूछताछ की गई। खुलासा हुआ कि वीरेंद्र जोशी के अकाउंट नंबर में पैसे जा रहे थे। युवक को गिरफ्तार किया गया और अकाउंट बंद कर उससे वसूली की कार्रवाई हुई।
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