महापौर बंगला बनेगा ED का नया दफ्तर

thesootr Desk | Mar 18, 2026, 12:20 IST
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Mayor's Bungalow Become ED's New Office
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रायपुर में मेयर इन काउंसिल (MIC) की बैठक हुई, जिसमें ED को नया कार्यालय देना का निर्णय लिया गया है। साथ ही पुलिस कमिश्नरेट के लिए भी अस्थायी कार्यालय की व्यवस्था कर प्रशासनिक सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।

NEWS IN SHORT

  • मेयर इन काउंसिल (MIC) की हुई बैठक
  • प्रवर्तन निदेशालय (ED) को मिलेगा अब नया दफ्तर
  • पुराने महापौर बंगले को बनाया जायेगा नया कार्यालय
  • पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय के लिए भी अस्थायी व्यवस्था
  • शहर में उपलब्ध संसाधनों का होगा बेहतर उपयोग - महापौर

NEWS IN DETAIL

रायपुर में प्रशासनिक ढांचे को बेहतर करने की दिशा में एक अहम निर्णय लिया गया है। शहर के सुभाष स्टेडियम के पास स्थित पुराने महापौर बंगले को अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर के रूप में उपयोग किया जाएगा। यह फैसला मेयर इन काउंसिल (MIC) की हाल ही में आयोजित बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता महापौर मीनल चौबे ने की।

पुराने महापौर निवास बनेगा ED कार्यालय

दरअसल, प्रवर्तन निदेशालय के डिप्टी डायरेक्टर द्वारा अपने आंचलिक कार्यालय के लिए उपयुक्त स्थान की मांग की गई थी। उन्होंने कलेक्टर के माध्यम से करीब 4000 वर्गफुट क्षेत्र की आवश्यकता जताई थी। इस मांग को ध्यान में रखते हुए नगर निगम प्रशासन ने शहर में उपलब्ध सरकारी भवनों का आकलन किया। इसी प्रक्रिया के तहत सुभाष स्टेडियम के समीप स्थित पुराने महापौर निवास को ED कार्यालय के लिए उपयुक्त पाया गया और उसे उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।

बंगला वर्तमान में खाली

यह बंगला वर्तमान में खाली पड़ा हुआ है और इसकी संरचना कार्यालय उपयोग के लिहाज से काफी अनुकूल मानी जा रही है। भवन के ग्राउंड फ्लोर पर चार बड़े कमरे, दो छोटे कमरे और प्रसाधन कक्ष मौजूद हैं। वहीं पहली मंजिल पर दो बड़े हॉल, दो छोटे कमरे और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस तरह की संरचना के चलते इसमें प्रशासनिक और कार्यालयीन कार्यों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करना आसान होगा।अधिकारियों का मानना है कि इस भवन में बिना अधिक बदलाव के ED का कार्यालय शुरू किया जा सकता है।


निर्णय के पीछे कई महत्वपूर्ण पहलू

इस निर्णय के पीछे एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि शहर में विभिन्न सरकारी एजेंसियों के लिए उपयुक्त कार्यालयीन स्थान की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। ED जैसे महत्वपूर्ण केंद्रीय एजेंसी के लिए स्थायी और सुविधाजनक कार्यालय की व्यवस्था होने से जांच और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी, जिससे कानून-व्यवस्था और आर्थिक अपराधों पर नियंत्रण मजबूत होगा।

पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय के लिए अस्थायी व्यवस्था

बैठक में केवल ED कार्यालय के लिए ही नहीं, बल्कि रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के लिए भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। पुलिस कमिश्नरेट के उपायुक्त (पश्चिम) कार्यालय के लिए अस्थायी व्यवस्था के तौर पर कोटा मुक्तिधाम के सामने स्थित एक सामुदायिक भवन को उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई। इससे पुलिस प्रशासन को अपने कार्यों के संचालन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।


बैठक की गई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा

मेयर इन काउंसिल की इस बैठक में नगर निगम आयुक्त विश्वदीप सहित MIC के सदस्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान शहर के प्रशासनिक कामकाज को और अधिक प्रभावी बनाने, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर करने को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई।

महापौर मीनल चौबे ने बैठक में कहा कि नगर निगम का प्रयास है कि शहर में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जाए और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि आम नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिल सके।

निष्कर्ष

रायपुर में पुराने महापौर बंगले को ED कार्यालय के रूप में उपयोग करने का निर्णय प्रशासनिक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही पुलिस कमिश्नरेट के लिए भी अस्थायी कार्यालय की व्यवस्था की गई है। कुल मिलाकर, ये फैसले शहर की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुचारु और प्रभावी बनाएंगे।

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