छत्तीसगढ़ में गहराया पलायन का संकट, सात महीनों में 58 हजार प्रवासी पंजीकृत
Aishwarya Dwivedi | Aug 10, 2026, 13:38 IST
माइग्रेशन संकट गहराया - डेटा
छत्तीसगढ़ में नई उद्योग नीति के बावजूद मजदूरों का पलायन जारी है। सात महीनों में 58 हजार से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण और कुलगाम में हुई दो मजदूरों की हत्या ने रोजगार व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
नई रोजगार नीति और जमीनी हकीकत
छत्तीसगढ़ में गहराया पलायन का संकट
कुलगाम की घटना से बढ़ी चिंता
यह हमला कुलगाम के केलाम इलाके में हुआ था। इस घटना में सक्ती जिले के 24 वर्षीय दीपक रात्रे की मौत हो गई। वहीं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के 28 वर्षीय भूपेंद्र भैना की भी जान चली गई। इस घटना ने बाहरी राज्यों में काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
श्रम विभाग के चौंकाने वाले आंकड़े
ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन के मुख्य कारण
महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे औद्योगिक राज्यों में उन्हें अधिक मजदूरी मिलती है। वहां निर्माण और उद्योग क्षेत्रों में मजदूरों की मांग लगातार बनी रहती है। गांवों में सक्रिय ठेकेदारों का नेटवर्क भी पलायन को बढ़ावा देता है। रिश्तेदारी और बिचौलियों के माध्यम से हर साल यह सिलसिला दोहराया जाता है।
छत्तीसगढ़ में गहराया पलायन का संकट
संसद के आंकड़ों में स्थिति का खुलासा
प्रमुख जिलों में स्थिति अत्यधिक गंभीर
कागजातों की कमी के कारण कई आवेदन खारिज भी कर दिए जाते हैं। दस्तावेजों के अभाव में हजारों मजदूर पंजीकृत होने से वंचित रह जाते हैं। इससे उन्हें सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पाने में परेशानी उठानी पड़ती है।
पंजीकरण प्रक्रिया और सरकारी दावे
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने राज्य की स्थिति पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 3000 से अधिक नए उद्योग स्थापित किए गए हैं। इनसे 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। सरकार का दावा है कि बाहरी राज्यों में जाने वाले मजदूरों की संख्या में कमी आई है। नई उद्योग नीति के तहत स्थानीय मूल निवासियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
FAQ
- छत्तीसगढ़ से मजदूर दूसरे राज्यों में पलायन क्यों कर रहे हैं?
उत्तर: स्थानीय स्तर पर गैर-कृषि रोजगार की कमी और कृषि कार्य का मौसमी होना मुख्य कारण है। इसके अलावा अन्य राज्यों में अधिक मजदूरी दर और निर्माण क्षेत्रों में निरंतर मांग के कारण मजदूर बाहर जाते हैं। - कुलगाम में मारे गए छत्तीसगढ़ के मजदूर किन जिलों के निवासी थे?
उत्तर: मृतकों में 24 वर्षीय दीपक रात्रे सक्ती जिले के बुंदेली गांव के निवासी थे। वहीं 28 वर्षीय भूपेंद्र भैना सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहा गांव के रहने वाले थे। - श्रम विभाग में प्रवासी श्रमिकों का पंजीकरण क्यों कराया जाता है?
उत्तर: पंजीकरण कराने का मुख्य उद्देश्य आपात स्थिति में मजदूरों को सहायता प्रदान करना है। इससे उन्हें दुर्घटना सहायता, बीमा और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल पाता है।
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