292
OSD के बाद अब निज सहायक की छुट्टी! मंत्री केदार कश्यप के स्टाफ पर चला सरकार का डंडा
VINAY VERMA | May 08, 2026, 20:01 IST
minister-kedar-kashyap-staff-removed-osd-pa-chhattisgarh-government
छत्तीसगढ़ सरकार ने कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप के निजी सहायक संकर्षण सिंह की संविदा सेवा समाप्त कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने 2 मई 2026 से उनकी सेवाओं को समाप्त करने का आदेश जारी किया।
Raipur। छत्तीसगढ़ सरकार ने कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप के निजी अमले पर एक और बड़ा प्रहार किया है। ओएसडी को लेकर उठे विवादों और चर्चाओं के बीच अब मंत्री के निज सहायक संकर्षण सिंह की संविदा सेवा भी खत्म कर दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने अचानक आदेश जारी कर संकर्षण सिंह को पदमुक्त कर दिया। आदेश में साफ लिखा गया है कि उनकी सेवाएं 2 मई 2026 से समाप्त मानी जाएंगी।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि मंत्री के बेहद करीबी माने जाने वाले निजी सहायक की सेवा बीच कार्यकाल में ही खत्म करनी पड़ी? क्योंकि आमतौर पर ‘को-टर्मिनस’ नियुक्तियां मंत्री के पद छोड़ने तक चलती हैं। लेकिन यहां मंत्री पद पर कायम हैं और उनका निजी स्टाफ हटाया जा रहा है। यही वजह है कि मंत्रालय से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस फैसले ने हलचल मचा दी है।
GAD के आदेश में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम 2012 का हवाला दिया गया है। आदेश के मुताबिक संकर्षण सिंह की नियुक्ति को-टर्मिनस आधार पर हुई थी और सरकार को ऐसी संविदा सेवाएं समाप्त करने का अधिकार है।
लेकिन सवाल यह है कि अगर यह सिर्फ सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया थी, तो आदेश इतनी अचानक और चुपचाप क्यों जारी किया गया? राजनीतिक हलकों में इसे महज रूटीन कार्रवाई मानने को कोई तैयार नहीं है। चर्चा यह भी है कि मंत्री के निजी स्टाफ को लेकर लंबे समय से सरकार स्तर पर नाराजगी चल रही थी।
केदार कश्यप का निजी अमला पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में रहा है। पहले ओएसडी को लेकर उठे विवाद ने सरकार की किरकिरी कराई, अब निजी सहायक की छुट्टी ने नई बहस छेड़ दी है। मंत्रालय के अफसरों के बीच यह चर्चा तेज है कि सरकार अब मंत्रियों के निजी स्टाफ की गतिविधियों पर सख्त नजर रख रही है। बता दें कि 6 तारीख की रात को ही कमल नारायण कांडे की मंत्री के ओएसडी पद से विदाई हुई है।
सूत्रों का दावा है कि आने वाले दिनों में कुछ और मंत्रियों के निजी स्टाफ में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यही कारण है कि इस आदेश को सिर्फ एक संविदा समाप्ति नहीं, बल्कि “सिस्टम क्लीनअप” के तौर पर देखा जा रहा है।
यही इस पूरे मामले का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। आमतौर पर को-टर्मिनस नियुक्तियां मंत्री के साथ खत्म होती हैं। लेकिन यहां मंत्री अपने पद पर बने हुए हैं और उनका भरोसेमंद स्टाफ हटाया जा रहा है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि फैसला सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि सोच-समझकर लिया गया प्रशासनिक और राजनीतिक कदम है।
![292]()
अब नजर इस बात पर है कि केदार कश्यप के निजी स्थापना में अगला चेहरा कौन होगा और क्या सरकार आगे भी मंत्रियों के निजी स्टाफ पर इसी तरह सख्ती जारी रखेगी।
मंत्री केदार कश्यप पर सर्किट हाउस कर्मचारी से मारपीट का आरोप, मंत्री बोले –आरोप गलत
Civil Services Incentive Scheme: सिविल सर्विस के लिए छत्तीसगढ़ सरकार देती है स्कॉलरशिप, जानें कैसे
अब कानून रोकेगा नकल ! क्या भर्ती परीक्षाओं के बदलने वाले हैं दिन ? Chhattisgarh news
Supreme Court का ऐतिहासिक फैसला, पुलिसवालों के बराबर मिलेगी इन्हें सैलरी ! Chhattisgarh News
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि मंत्री के बेहद करीबी माने जाने वाले निजी सहायक की सेवा बीच कार्यकाल में ही खत्म करनी पड़ी? क्योंकि आमतौर पर ‘को-टर्मिनस’ नियुक्तियां मंत्री के पद छोड़ने तक चलती हैं। लेकिन यहां मंत्री पद पर कायम हैं और उनका निजी स्टाफ हटाया जा रहा है। यही वजह है कि मंत्रालय से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस फैसले ने हलचल मचा दी है।
सरकार ने नियम दिखाए, लेकिन सवाल बरकरार
लेकिन सवाल यह है कि अगर यह सिर्फ सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया थी, तो आदेश इतनी अचानक और चुपचाप क्यों जारी किया गया? राजनीतिक हलकों में इसे महज रूटीन कार्रवाई मानने को कोई तैयार नहीं है। चर्चा यह भी है कि मंत्री के निजी स्टाफ को लेकर लंबे समय से सरकार स्तर पर नाराजगी चल रही थी।
OSDविवाद के बाद दूसरा बड़ा झटका
सूत्रों का दावा है कि आने वाले दिनों में कुछ और मंत्रियों के निजी स्टाफ में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यही कारण है कि इस आदेश को सिर्फ एक संविदा समाप्ति नहीं, बल्कि “सिस्टम क्लीनअप” के तौर पर देखा जा रहा है।
मंत्री बरकरार, फिर क्यों हटाया गया स्टाफ?
अब नजर इस बात पर है कि केदार कश्यप के निजी स्थापना में अगला चेहरा कौन होगा और क्या सरकार आगे भी मंत्रियों के निजी स्टाफ पर इसी तरह सख्ती जारी रखेगी।
यह खबरें भी पढ़े...
Civil Services Incentive Scheme: सिविल सर्विस के लिए छत्तीसगढ़ सरकार देती है स्कॉलरशिप, जानें कैसे
अब कानून रोकेगा नकल ! क्या भर्ती परीक्षाओं के बदलने वाले हैं दिन ? Chhattisgarh news
Supreme Court का ऐतिहासिक फैसला, पुलिसवालों के बराबर मिलेगी इन्हें सैलरी ! Chhattisgarh News
MGM डीन की मुश्किलें बढ़ीं! 8 करोड़ की NGS मशीन खरीद पर 3 आरोप, 15 दिन में देना होगा जवाब
By Sanjay Dhiman
जिनकी हत्या की, उनके लिए पिंडदान: उज्जैन की जेल में 125 कैदियों ने किया सामूहिक तर्पण
By Jitendra Shrivastava
एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्री में चेयरमैन मेहता, प्रेसीडेंट प्रकाश जैन, सचिव हरीश नागर चुने गए
By Sanjay Gupta
सिंधिया संपत्ति विवाद: डिनर की तस्वीरें सहमति का सबूत कैसे? 40 हजार करोड़ का विवाद, हस्ताक्षर पर सवाल
By Ramanand Tiwari
खाने की थाली पर बड़ा खतरा: फॉर्च्यून मैदा के एक बैच पर रोक, गौरेला में पनीर भी फेल, बाजार के खाने पर उठे सवाल
By VINAY VERMA
MP में कर्मचारी आंदोलनों की बाढ़! 600 को नौकरी, 3,357 को प्रमोशन, फिर भी सरकार से नाराजगी क्यों?
By Ramanand Tiwari
एलाड़मड़गु कैंप के पास एरिया सर्चिंग के दौरान हुआ जोरदार धमाका, घायल जवानों को भद्राचलम रेफर किया गया
By VINAY VERMA