बैंक के एफडी इंट्रेस्ट से 52 लाख की हेराफेरी, जांच के बाद 3 कर्मचारियों के खिलाफ 400 BC का केस दर्ज, ऐसे खुला मामला
The Sootr CG | Sept 13, 2023, 24:00 IST
बैंक के एफडी इंट्रेस्ट से 52 लाख की हेराफेरी, जांच के बाद 3 कर्मचारियों के खिलाफ 400 BC का केस दर्ज, ऐसे खुला मामला
रायपुर में एक बैंक में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। दरअसल, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने अपने ही कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
RAIPUR. रायपुर में एक बैंक में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। दरअसल जिला सहकारी केंद्रीय बैंक ने अपने ही कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। जानकारी के अनुसार जिला सहकारी बैंक में 2017 से 2022 तक बैंक के एफडी इंट्रेस्ट से 52 लाख की हेराफेरी करने वाले चंद्रशेखर डग्गर, संजय कुमार शर्मा और अरुण कुमार बैसवाड़े के खिलाफ चारसौ बीसी का मामला दर्ज कराया गया है। यह कार्रवाई बैंक अध्यक्ष के निर्देश पर शाखा प्रबंधक (सीओडी) शरद चंद मांगने ने मौदहापारा थाने में केस दर्ज कराया है।
जिला सहकारी बैंक में धोखाधड़ी
दरअसल रायपुर के जीई रोड पर स्थित इस बैंक के अफसरों को इस बात की जानकारी मिली कि कनिष्ठ लिपिक, पूर्व सहायक लेखापाल और सहायक लेखापाल पद पर काम रहे कर्मचारियों ने आपस में मिलकर बैंक के एफडी इंट्रेस्ट खाते से रकम निकालकर अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर दी है। रिटायर कर्मचारी के बार-बार बैंक आने की वजह से इस मामले का खुलासा हुआ था। बैंक अफसरों ने इसकी शिकायत बैंक अध्यक्ष पंकज शर्मा से भी की थी। उन्होंने बैंक की विजलेंस टीम को इसकी जांच का जिम्मा दिया।
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कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज
शुरुआती जांच में ही यह साबित हो गया कि तीनों कर्मचारियों ने बैंक खाते से 52 लाख रुपए निकाले हैं। लेकिन अभी इसकी जांच चल रही है। दावा किया जा रहा है कि फर्जीवाड़े की रकम 2 करोड़ तक हो सकती है। बैंक से मिली जानकारी के अनुसार बैंक खाते से फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद तीनों कर्मचारियों ने बैंक को 38 लाख रुपए वापस भी किए हैं। इस वजह से बाकी की रकम वापस करने के लिए उन्हें कुछ समय भी दिया गया, लेकिन बाकी रकम की वापसी नहीं होने के बाद ही जांच का दायरा बढ़ाया गया और अब एफआईआर भी दर्ज करा दी गई है। हालांकि पुलिस अभी तीनों आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
जिला सहकारी बैंक में धोखाधड़ी
दरअसल रायपुर के जीई रोड पर स्थित इस बैंक के अफसरों को इस बात की जानकारी मिली कि कनिष्ठ लिपिक, पूर्व सहायक लेखापाल और सहायक लेखापाल पद पर काम रहे कर्मचारियों ने आपस में मिलकर बैंक के एफडी इंट्रेस्ट खाते से रकम निकालकर अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर दी है। रिटायर कर्मचारी के बार-बार बैंक आने की वजह से इस मामले का खुलासा हुआ था। बैंक अफसरों ने इसकी शिकायत बैंक अध्यक्ष पंकज शर्मा से भी की थी। उन्होंने बैंक की विजलेंस टीम को इसकी जांच का जिम्मा दिया।
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शुरुआती जांच में ही यह साबित हो गया कि तीनों कर्मचारियों ने बैंक खाते से 52 लाख रुपए निकाले हैं। लेकिन अभी इसकी जांच चल रही है। दावा किया जा रहा है कि फर्जीवाड़े की रकम 2 करोड़ तक हो सकती है। बैंक से मिली जानकारी के अनुसार बैंक खाते से फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद तीनों कर्मचारियों ने बैंक को 38 लाख रुपए वापस भी किए हैं। इस वजह से बाकी की रकम वापस करने के लिए उन्हें कुछ समय भी दिया गया, लेकिन बाकी रकम की वापसी नहीं होने के बाद ही जांच का दायरा बढ़ाया गया और अब एफआईआर भी दर्ज करा दी गई है। हालांकि पुलिस अभी तीनों आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
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