PM Modi Cabinet Ministers : मोदी सरकार में छत्तीसगढ़ से किसे मिलेगी मंत्री की कुर्सी
Aparajita Priyadarshini | Jun 09, 2024, 12:30 IST
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मोदी 3.0 कैबिनेट में शामिल होने वाले मंत्रियों के नामों की चर्चा तेज हो चली है। इस बात पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं कि नरेंद्र मोदी की नई टीम में कौन-कौन शामिल होगा...
नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू रविवार को शाम 7:15 बजे राष्ट्रपति भवन में नरेंद्र मोदी को पीएम पद की शपथ दिलाएंगी। उनके साथ ही उनके कई मंत्रियों के भी पद और गोपनीयता की शपथ लेने की संभावना है।
मंत्रिमंडल का गठन करना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है अपनी पार्टी की राय जानने के बाद अंतिम फैसला नरेंद्र मोदी ही करेंगे। आइए जानते हैं छत्तीसगढ़ के किन नेताओं को मोदी सरकार में मंत्री का ताज पहनाया जा सकता है।
राज्य में भाजपा की परफार्मेंस बेहतर होने की वजह से प्रदेश से एक केंद्रीय मंत्री बनना तय बताया जा रहा है। इस दौड़ में सबसे आगे बृजमोहन अग्रवाल, संतोष पांडेय और विजय बघेल चल रहे हैं।
मंत्री बनने में सबसे आगे बृजमोहन अग्रवाल का नाम है। अग्रवाल आठ बार से विधायक रहे हैं। प्रदेश की सबसे बड़ी और देश की टॉप 10 लीडरशिप में शामिल हैं। राज्य में मंत्री रहने का लंबा अनुभव है।
सत्ता और संगठन दोनों में मजबूत पकड़ के साथ राज्य में जननेता की छवि है। लगातार विधायक बनने के बाद पहली बार के सांसद बने हैं। वहीं संसद में अनुभव की कमी है।
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बृजमोहन अग्रवाल मध्यप्रदेश के पटवा शासन काल में तीन साल और छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार में 15 साल मंत्री रहे हैं। कृषि विभाग के कार्यकाल में नरेंद्र मोदी इनके काम को सराह चुके हैं।
अग्रवाल 1990 में पहली बार विधायक चुने गए। साल 2023 में 8वीं बार जीतकर आए। 1990-92 में बृजमोहन अविभाजित मध्यप्रदेश में मंत्री रहे।
राज्य बनने के बाद साल 2003, 2008 और 2013 में भी महत्वपूर्ण विभागों का मंत्री पद बृजमोहन के पास रहा। 2018 में कांग्रेस की लहर में भी जीतकर आए।
मंत्री बनने की दौड़ में राष्टीय स्वयं सेवक संघ के करीबी व दूसरी बार के सांसद बने राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय का नाम है। पांडेय पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश को हराकर प्रदेश में कांग्रेस को कमजोर करने का इनाम मिल सकता है।
पांडेय की गिनती मोदी-शाह के करीबियों में होती है। सरल-सहज छवि वाले पांडेय को प्रशासनिक अनुभव की कमी है।
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इसके अलावा ओबीसी वर्ग का बड़ा चेहरा दुर्ग के सांसद विजय बघेल का नाम भी चर्चा में है। विजय बघेल की सबसे बड़ी ताकत ओबीसी वर्ग से होना है।
इसके अलावा लगातार दो बार दुर्ग लोकसभा से 3 लाख से अधिक की लीड से जीतना है। बघेल को लंबा राजनीति अनुभव है। उनकी प्रदेश में तेज तर्रार नेता की छवि है।
इसके अलावा सत्ता- संगठन में अच्छा अनुभव है। लेकिन बघेल को प्रशासनिक अनुभव की कमी है। हाल ही में विधायक का चुनाव हार गए थे। महिलाओं में से महासमुंद सांसद रूप कुमारी चौधरी व जांजगीर-चांपा से एकमात्र एससी सीट से सांसद बनीं कमलेश जांगड़े दावेदार हैं।
छत्तीसगढ़ भाजपा सूत्रों का कहना है कि भाजपा को प्रदेश की सामाजिक-जातिगत समीकरण साधने के लिए इन नामों पर विचार करना होगा। इनमें से किसी एक या दो को मोदी कैबिनेट में जगह मिल सकती है।
शुक्रवार की मैराथन बैठक में जेपी नड्डा, अमित शाह और राजनाथ सिंह ने एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठक कर मंत्रिमंडल के गठन को लेकर विचार-विमर्श किया था।
मंत्रिमंडल का गठन करना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है अपनी पार्टी की राय जानने के बाद अंतिम फैसला नरेंद्र मोदी ही करेंगे। आइए जानते हैं छत्तीसगढ़ के किन नेताओं को मोदी सरकार में मंत्री का ताज पहनाया जा सकता है।
इस बार CG से हैं इनकी अटकलें तेज
राज्य में भाजपा की परफार्मेंस बेहतर होने की वजह से प्रदेश से एक केंद्रीय मंत्री बनना तय बताया जा रहा है। इस दौड़ में सबसे आगे बृजमोहन अग्रवाल, संतोष पांडेय और विजय बघेल चल रहे हैं।
मंत्री बनने में सबसे आगे बृजमोहन अग्रवाल का नाम है। अग्रवाल आठ बार से विधायक रहे हैं। प्रदेश की सबसे बड़ी और देश की टॉप 10 लीडरशिप में शामिल हैं। राज्य में मंत्री रहने का लंबा अनुभव है।
सत्ता और संगठन दोनों में मजबूत पकड़ के साथ राज्य में जननेता की छवि है। लगातार विधायक बनने के बाद पहली बार के सांसद बने हैं। वहीं संसद में अनुभव की कमी है।
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बृजमोहन अग्रवाल
बृजमोहन अग्रवाल मध्यप्रदेश के पटवा शासन काल में तीन साल और छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार में 15 साल मंत्री रहे हैं। कृषि विभाग के कार्यकाल में नरेंद्र मोदी इनके काम को सराह चुके हैं।
अग्रवाल 1990 में पहली बार विधायक चुने गए। साल 2023 में 8वीं बार जीतकर आए। 1990-92 में बृजमोहन अविभाजित मध्यप्रदेश में मंत्री रहे।
राज्य बनने के बाद साल 2003, 2008 और 2013 में भी महत्वपूर्ण विभागों का मंत्री पद बृजमोहन के पास रहा। 2018 में कांग्रेस की लहर में भी जीतकर आए।
राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय
मंत्री बनने की दौड़ में राष्टीय स्वयं सेवक संघ के करीबी व दूसरी बार के सांसद बने राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय का नाम है। पांडेय पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश को हराकर प्रदेश में कांग्रेस को कमजोर करने का इनाम मिल सकता है।
पांडेय की गिनती मोदी-शाह के करीबियों में होती है। सरल-सहज छवि वाले पांडेय को प्रशासनिक अनुभव की कमी है।
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विजय बघेल
इसके अलावा ओबीसी वर्ग का बड़ा चेहरा दुर्ग के सांसद विजय बघेल का नाम भी चर्चा में है। विजय बघेल की सबसे बड़ी ताकत ओबीसी वर्ग से होना है।
इसके अलावा लगातार दो बार दुर्ग लोकसभा से 3 लाख से अधिक की लीड से जीतना है। बघेल को लंबा राजनीति अनुभव है। उनकी प्रदेश में तेज तर्रार नेता की छवि है।
इसके अलावा सत्ता- संगठन में अच्छा अनुभव है। लेकिन बघेल को प्रशासनिक अनुभव की कमी है। हाल ही में विधायक का चुनाव हार गए थे। महिलाओं में से महासमुंद सांसद रूप कुमारी चौधरी व जांजगीर-चांपा से एकमात्र एससी सीट से सांसद बनीं कमलेश जांगड़े दावेदार हैं।
छत्तीसगढ़ भाजपा सूत्रों का कहना है कि भाजपा को प्रदेश की सामाजिक-जातिगत समीकरण साधने के लिए इन नामों पर विचार करना होगा। इनमें से किसी एक या दो को मोदी कैबिनेट में जगह मिल सकती है।
शुक्रवार की मैराथन बैठक में जेपी नड्डा, अमित शाह और राजनाथ सिंह ने एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठक कर मंत्रिमंडल के गठन को लेकर विचार-विमर्श किया था।
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