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NEWS IN SHORT
- नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के ईकनार गांव में धर्मांतरण को लेकर हिंसक विवाद।
- आरोप: मतांतरित दो परिवारों के 16 लोगों के साथ मारपीट कर गांव से भगाया गया।
- पीड़ितों के घर तोड़े गए, राशन और जरूरी दस्तावेज जलाए गए।
- घायल परिवार के सदस्य ओरछा ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती।
- घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, गांव में तनाव का माहौल।
NEWS IN DETAIL
कहां और क्यों हुआ विवाद
नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र अंतर्गत ओरछा ब्लॉक के ईकनार गांव में धर्मांतरण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने मतांतरित (religious conversion) परिवारों को निशाना बनाया।
पीड़ितों के अनुसार दो परिवारों के कुल 16 सदस्यों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इसके बाद उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया गया। आरोप है कि उनके घरों को तोड़ दिया गया और राशन सामग्री व जरूरी दस्तावेजों को आग के हवाले कर दिया गया।
घायलों का इलाज जारी
मारपीट में घायल परिवार के सदस्य किसी तरह जान बचाकर ओरछा ब्लॉक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। फिलहाल सभी का इलाज जारी है। इससे पहले आमाबेड़ा गांव में भी इसी तरह की हिंसक घटना सामने आ चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है।
वीडियो वायरल, प्रशासन अलर्ट
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया है। गांव में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल तनाव बरकरार है।
Sootr Knowledge
- अबूझमाड़ क्षेत्र संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में शामिल है।
- धर्मांतरण से जुड़े विवाद आदिवासी क्षेत्रों में तनाव का कारण बनते रहे हैं।
- सामूहिक हिंसा कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती होती है।
- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो स्थिति को और संवेदनशील बना देते हैं।
- ऐसे मामलों में त्वरित प्रशासनिक हस्तक्षेप जरूरी होता है।
IMP FACTS
- जिला: नारायणपुर
- क्षेत्र: अबूझमाड़
- ब्लॉक: ओरछा
- गांव: ईकनार
- पीड़ित: 2 परिवार, 16 लोग
- इलाज स्थल: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ओरछा
आगे क्या
- पुलिस द्वारा मामले की जांच और बयान दर्ज
- वायरल वीडियो की सत्यता की जांच
- दोषियों की पहचान कर कार्रवाई
- गांव में शांति समिति की बैठक संभव
निष्कर्ष
ईकनार गांव की यह घटना सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। समय रहते प्रशासनिक सख्ती और निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। फिलहाल प्राथमिक जरूरत पीड़ितों की सुरक्षा और शांति बहाली की है।
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