जल जीवन सर्वेक्षण 2023 के लिए नारायणपुर जिला सम्मानित, केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से मिला प्रशस्ति पत्र, CM भूपेश ने दी बधाई
Vikram Jain | Sept 14, 2023, 24:00 IST
जल जीवन सर्वेक्षण 2023 के लिए नारायणपुर जिला सम्मानित, केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से मिला प्रशस्ति पत्र, CM भूपेश ने दी बधाई
नारायणपुर जिले को आकांक्षी जिले के अंतर्गत जल जीवन सर्वेक्षण 2023 में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान मिला है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया है।
RAIPUR. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। इन्हे राष्ट्रीय स्तर पर लगातार सराहना जा रहा है। इसी कड़ी में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। नारायणपुर जिले को आकांक्षी जिले के अंतर्गत जल जीवन सर्वेक्षण 2023 में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान मिला है। केंद्रीय जलशक्ति, पेयजल और स्वच्छता विभाग ने नारायणपुर को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया है। इस सम्मान के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नारायणपुर जिला वासियों को और जलजीवन मिशन के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है।
जलजीवन मिशन में नारायणपुर जिले का कार्य उत्कृष्ट
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर पूरे छत्तीसगढ़ में जलजीवन मिशन के अंतर्गत शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है। बता दे कि पहाड़ी क्षेत्र और बेहद कठिन बसाहटों वाले नारायणपुर जिले के गांव-गांव में हर ग्रामीण को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण कार्य था। केंद्र सरकार ने जलजीवन सर्वेक्षण 1 अक्टूबर 2022 से 30 जून 2023 तक कराया गया था, इसमें आकांक्षी नारायणपुर जिले का कार्य उत्कृष्ट पाया गया, इस जिले के लिए जलजीवन मिशन ने 30 हजार 322 परिवारों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा था इसमें 18 हजार 72 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाया जा चुका है, यहां 14 गांव ऐसे हैं जहां शत प्रतिशत परिवारों को कनेक्शन दिए गए है। इसे सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने आंकाक्षी जिले के अंतर्गत नारायणपुर जिले को सम्मानित किया।
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हर दिन 7 हजार घरेलू कनेक्शन की उपलब्धि
मिशन संचालक जलजीवन मिशन आलोक कटियार ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में जल जीवन मिशन के कार्यों में मानक गुणवत्ता के साथ वांछित प्रगति प्राप्त हुई है, वर्तमान स्थिति में राज्य द्वारा औसतन हर दिन 7 हजार घरेलू कनेक्शन की उपलब्धि मिल रही है, 60 प्रतिशत परिवारों को घरेलू कनेक्शन दिया जा चुका है, अब तक राज्य के कुल 422 ग्रामों को हर घर जल प्रमाणीकरण किया जा चुका है।
दूर बसाहट वाले ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हुई पेयजल योजना
नारायणपुर जिले में दो विकासखंड ओरछा और नारायणपुर है। ओरछा ब्लॉक का ज्यादातर क्षेत्र अबूझमाड़ के अंतर्गत है। जो लगभग 4 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले पहाड़ और घने जंगलों से घिरा हुआ है। अभी तक इन क्षेत्रों का सर्वे भी नहीं हो पाया है। इस क्षेत्र में 275 से ज्यादा गांव है। इस क्षेत्र के किसानों के हितों में मसाहती सर्वे के कार्य के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया था। मसाहती ग्रामों में सर्वे कार्य चल रहा है, जल जीवन मिशन अन्तर्गत सोलर पंप आधारित पेयजल योजनाए इस जिले के दूर-दूर में फैले बसाहटों में निवासरत ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही हैं।
परिवारों में उपलब्ध कराए जा रहे नल कनेक्शन
उल्लेखनीय है कि राज्य में जलजीवन मिशन अंतर्गत राज्य के कुल 43 हजार 974 शाला (86.78 प्रतिशत), 41 हजार 719 आंगनबाड़ी केंद्र (83.39 प्रतिशत) और 5246 स्वास्थ्य केंद्र (97.86 प्रतिशत) में रनिंग वाटर उपलब्ध कराया जा चुका है। राज्य के शतप्रतिशत यानी 2 हजार 470 आश्रम शालाओं में रनिंग वाटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। राज्य के 7 जिलों धमतरी, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, मुंगेली, जांजगीर चांपा और सक्ती जिले में 70 प्रतिशत से अधिक घरेलू कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। दंतेवाड़ा जिले में 26 हजार 891 अर्थात 53.01 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन प्रदाय किया गया है। दंतेवाड़ा जिले के 19 ग्रामों में शतप्रतिशत परिवारों में नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है और 5 गांव में हर-घर जल प्रमाणीकरण कराया जा चुका है।
हर घर जल उत्सव मनाकर कराया गया प्रमाणीकरण
नारायणपुर जिले में 6 गांवों में हर घर जल उत्सव मनाकर प्रमाणीकरण कराया गया है। नारायणपुर जिले में हर घर जल पूर्ण करने के प्रयासों के अंतर्गत विकासखण्ड ओरछा के अंदरूनी ग्राम उदिदगांव, गुलुमकोड़ो, कोकोड़ी, कुंडला, खडकागांव, गुरिया और पल्ली आदि गांवों में कार्य पूर्णता पर है। जिले में सोलर आधारित 338 योजनायें पूर्ण की जा चुकी है, सुदूर वनांचल क्षेत्रों में सोलर आधारित पेयजल योजनाओं से निरंतर जलापूर्ति सुनिश्चित किया जा रहा है। इस प्रकार नारायणपुर जिले के अंदरूनी एवं विद्युत विहीन ग्रामों में भी पेयजल सुविधा का लाभ मिल रहा है।
जलजीवन मिशन में नारायणपुर जिले का कार्य उत्कृष्ट
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर पूरे छत्तीसगढ़ में जलजीवन मिशन के अंतर्गत शुद्ध पेयजल पहुंचाने का काम तेजी से किया जा रहा है। बता दे कि पहाड़ी क्षेत्र और बेहद कठिन बसाहटों वाले नारायणपुर जिले के गांव-गांव में हर ग्रामीण को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण कार्य था। केंद्र सरकार ने जलजीवन सर्वेक्षण 1 अक्टूबर 2022 से 30 जून 2023 तक कराया गया था, इसमें आकांक्षी नारायणपुर जिले का कार्य उत्कृष्ट पाया गया, इस जिले के लिए जलजीवन मिशन ने 30 हजार 322 परिवारों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा था इसमें 18 हजार 72 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाया जा चुका है, यहां 14 गांव ऐसे हैं जहां शत प्रतिशत परिवारों को कनेक्शन दिए गए है। इसे सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने आंकाक्षी जिले के अंतर्गत नारायणपुर जिले को सम्मानित किया।
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हर दिन 7 हजार घरेलू कनेक्शन की उपलब्धि
मिशन संचालक जलजीवन मिशन आलोक कटियार ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में जल जीवन मिशन के कार्यों में मानक गुणवत्ता के साथ वांछित प्रगति प्राप्त हुई है, वर्तमान स्थिति में राज्य द्वारा औसतन हर दिन 7 हजार घरेलू कनेक्शन की उपलब्धि मिल रही है, 60 प्रतिशत परिवारों को घरेलू कनेक्शन दिया जा चुका है, अब तक राज्य के कुल 422 ग्रामों को हर घर जल प्रमाणीकरण किया जा चुका है।
दूर बसाहट वाले ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हुई पेयजल योजना
नारायणपुर जिले में दो विकासखंड ओरछा और नारायणपुर है। ओरछा ब्लॉक का ज्यादातर क्षेत्र अबूझमाड़ के अंतर्गत है। जो लगभग 4 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले पहाड़ और घने जंगलों से घिरा हुआ है। अभी तक इन क्षेत्रों का सर्वे भी नहीं हो पाया है। इस क्षेत्र में 275 से ज्यादा गांव है। इस क्षेत्र के किसानों के हितों में मसाहती सर्वे के कार्य के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया था। मसाहती ग्रामों में सर्वे कार्य चल रहा है, जल जीवन मिशन अन्तर्गत सोलर पंप आधारित पेयजल योजनाए इस जिले के दूर-दूर में फैले बसाहटों में निवासरत ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही हैं।
परिवारों में उपलब्ध कराए जा रहे नल कनेक्शन
उल्लेखनीय है कि राज्य में जलजीवन मिशन अंतर्गत राज्य के कुल 43 हजार 974 शाला (86.78 प्रतिशत), 41 हजार 719 आंगनबाड़ी केंद्र (83.39 प्रतिशत) और 5246 स्वास्थ्य केंद्र (97.86 प्रतिशत) में रनिंग वाटर उपलब्ध कराया जा चुका है। राज्य के शतप्रतिशत यानी 2 हजार 470 आश्रम शालाओं में रनिंग वाटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। राज्य के 7 जिलों धमतरी, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, मुंगेली, जांजगीर चांपा और सक्ती जिले में 70 प्रतिशत से अधिक घरेलू कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। दंतेवाड़ा जिले में 26 हजार 891 अर्थात 53.01 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन प्रदाय किया गया है। दंतेवाड़ा जिले के 19 ग्रामों में शतप्रतिशत परिवारों में नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है और 5 गांव में हर-घर जल प्रमाणीकरण कराया जा चुका है।
हर घर जल उत्सव मनाकर कराया गया प्रमाणीकरण
नारायणपुर जिले में 6 गांवों में हर घर जल उत्सव मनाकर प्रमाणीकरण कराया गया है। नारायणपुर जिले में हर घर जल पूर्ण करने के प्रयासों के अंतर्गत विकासखण्ड ओरछा के अंदरूनी ग्राम उदिदगांव, गुलुमकोड़ो, कोकोड़ी, कुंडला, खडकागांव, गुरिया और पल्ली आदि गांवों में कार्य पूर्णता पर है। जिले में सोलर आधारित 338 योजनायें पूर्ण की जा चुकी है, सुदूर वनांचल क्षेत्रों में सोलर आधारित पेयजल योजनाओं से निरंतर जलापूर्ति सुनिश्चित किया जा रहा है। इस प्रकार नारायणपुर जिले के अंदरूनी एवं विद्युत विहीन ग्रामों में भी पेयजल सुविधा का लाभ मिल रहा है।
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