नारायणपुर में नक्सलियों ने की BJP नेता की हत्या, मंदिर से लौट रहे थे कोमल मांझी, पर्चे फेंककर बताया मर्डर का कारण
Vikram Jain | Dec 09, 2023, 24:00 IST
नारायणपुर में नक्सलियों ने की BJP नेता की हत्या, मंदिर से लौट रहे थे कोमल मांझी, पर्चे फेंककर बताया मर्डर का कारण
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में नक्सलियों ने बीजेपी नेता की हत्या कर दी। नेता की पहचान कोमल मांझी के रूप में हुई है।
NARAYANPUR. छत्तीसगढ़ में बीजेपी नेताओं की टारगेट किलिंग के मामले बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को नारायणपुर में नक्सलियों ने बीजेपी नेता की हत्या कर दी। नेता की पहचान कोमल मांझी के रूप में हुई है। वारदात छोटेडोंगर थाना क्षेत्र की है। कोमल मांझी बीजेपी का सक्रिय कार्यकर्ता बताए जा रहे हैं। इससे पहले भी नक्सलियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। नक्सली इस साल अब तक 8 नेताओं की हत्या कर चुके हैं।
धारदार हथियार से बीजेपी नेता की हत्या
बताया जा रहा है कि कोमल मांझी शनिवार की सुबह मंदिर से लौट रहे थे इस दौरान साधारण कपड़ों में पहुंचे 4 से 5 नक्सलियों ने सुनसान इलाका देखकर मांझी को पकड़ लिया और जंगल की तरफ लेकर गए। इसके बाद धारदार हथियार से हत्या कर दी। शव को गांव के पास फेंक दिया। नक्सलियों ने सुबह 10 से 11 बजे के बीच इस वारदात को अंजाम दिया है। वारदात के बाद नक्सली जंगल की तरफ लौट गए। ग्रामीणों ने शव को देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी।
पर्चे फेंककर बताया हत्या किए जाने का कारण
नक्सलियों ने बीजेपी नेता के शव के पास पर्चे भी फेंके थे। पर्चे फेंककर मांझी पर आमदई माइंस की दलाली करने का आरोप लगाया है। पर्चे में लिखा है कि कोमल मांझी आमदई माइंस की दलाली करता था। इससे पहले भी समझाइश दी गई थी, नहीं माना, इसलिए मौत की सजा दी है। मांझी छोटेडोंगर के एक लोकप्रिय वैद्यराज के भतीजे थे। इससे पहले ही दोनों (चाचा-भतीजे) को नक्सलियों ने जान से मारने की धमकी मिली थी।
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हमलावरों की तलाश में जुटी में पुलिस
पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमलावरों का पता लगाने के लिए इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया है। विधानसभा चुनाव के दौरान, जिले के अंदरूनी इलाकों से कुछ लोगों को नारायणपुर मुख्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया था और उन्हें सुरक्षा में रखा गया था। इनमें मांझी और उनके चाचा भी थे। अधिकारियों ने बताया कि दूसरे चरण का मतदान समाप्त होने के बाद, दोनों अपने गांव लौट आए और सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से एक कथित माओवादी का लिखा हुआ पर्चा बरामद किया गया है जिसमें नक्सलियों ने मांझी पर आमदई घाटी लौह अयस्क खदान के लिए एजेंट के रूप में काम करने और भारी पैसा कमाने का आरोप लगाया है।
इस साल अब तक 8 नेताओं की हत्या
नक्सलियों ने इस साल बीजेपी 8 नेताओं को निशाना बनाया है। नक्सलियों ने पहले चरण के मतदान से पहले 4 नवंबर को नारायणपुर में हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। नक्सलियों ने यहां बीजेपी जिला उपाध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य रतन दुबे की हत्या कर दी थी। रतन दुबे प्रचार के लिए निकले थे इस दौरान नक्सलियों ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। यह वारदात झारा थाना क्षेत्र में हुई थी। इससे पहले पहले 20 अक्टूबर को मोहला-मानपुर में भी एक बीजेपी नेता की हत्या की गई थी। 21 जून को बीजापुर एसटी मोर्चा के जिला प्रमुख अर्जुन काका की नक्सलियों ने मौत के घाट उतार दिया था। 29 मार्च के नारायपुर के रामजी डोडी और 11 फरवारी को दंतेवाड़ा के रामधर अलामी का मर्डर हुआ था। 10 फरवरी को नक्सलियों ने नारायणपुर के बीजेपी उपाध्यक्ष सागर साहू की हत्या की कर दी थी। इससे 5 दिन पहले 5 फरवरी 2023 को बीजापुर में मंडल प्रमुख नीलकंठ ककेम पर नक्सलियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में ककेम की मौत हो गई थी।
धारदार हथियार से बीजेपी नेता की हत्या
बताया जा रहा है कि कोमल मांझी शनिवार की सुबह मंदिर से लौट रहे थे इस दौरान साधारण कपड़ों में पहुंचे 4 से 5 नक्सलियों ने सुनसान इलाका देखकर मांझी को पकड़ लिया और जंगल की तरफ लेकर गए। इसके बाद धारदार हथियार से हत्या कर दी। शव को गांव के पास फेंक दिया। नक्सलियों ने सुबह 10 से 11 बजे के बीच इस वारदात को अंजाम दिया है। वारदात के बाद नक्सली जंगल की तरफ लौट गए। ग्रामीणों ने शव को देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी।
पर्चे फेंककर बताया हत्या किए जाने का कारण
नक्सलियों ने बीजेपी नेता के शव के पास पर्चे भी फेंके थे। पर्चे फेंककर मांझी पर आमदई माइंस की दलाली करने का आरोप लगाया है। पर्चे में लिखा है कि कोमल मांझी आमदई माइंस की दलाली करता था। इससे पहले भी समझाइश दी गई थी, नहीं माना, इसलिए मौत की सजा दी है। मांझी छोटेडोंगर के एक लोकप्रिय वैद्यराज के भतीजे थे। इससे पहले ही दोनों (चाचा-भतीजे) को नक्सलियों ने जान से मारने की धमकी मिली थी।
WhatsApp Image 2023-12-09 at 18.36.56.jpeg
हमलावरों की तलाश में जुटी में पुलिस
पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमलावरों का पता लगाने के लिए इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया गया है। विधानसभा चुनाव के दौरान, जिले के अंदरूनी इलाकों से कुछ लोगों को नारायणपुर मुख्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया था और उन्हें सुरक्षा में रखा गया था। इनमें मांझी और उनके चाचा भी थे। अधिकारियों ने बताया कि दूसरे चरण का मतदान समाप्त होने के बाद, दोनों अपने गांव लौट आए और सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से एक कथित माओवादी का लिखा हुआ पर्चा बरामद किया गया है जिसमें नक्सलियों ने मांझी पर आमदई घाटी लौह अयस्क खदान के लिए एजेंट के रूप में काम करने और भारी पैसा कमाने का आरोप लगाया है।
इस साल अब तक 8 नेताओं की हत्या
नक्सलियों ने इस साल बीजेपी 8 नेताओं को निशाना बनाया है। नक्सलियों ने पहले चरण के मतदान से पहले 4 नवंबर को नारायणपुर में हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। नक्सलियों ने यहां बीजेपी जिला उपाध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य रतन दुबे की हत्या कर दी थी। रतन दुबे प्रचार के लिए निकले थे इस दौरान नक्सलियों ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। यह वारदात झारा थाना क्षेत्र में हुई थी। इससे पहले पहले 20 अक्टूबर को मोहला-मानपुर में भी एक बीजेपी नेता की हत्या की गई थी। 21 जून को बीजापुर एसटी मोर्चा के जिला प्रमुख अर्जुन काका की नक्सलियों ने मौत के घाट उतार दिया था। 29 मार्च के नारायपुर के रामजी डोडी और 11 फरवारी को दंतेवाड़ा के रामधर अलामी का मर्डर हुआ था। 10 फरवरी को नक्सलियों ने नारायणपुर के बीजेपी उपाध्यक्ष सागर साहू की हत्या की कर दी थी। इससे 5 दिन पहले 5 फरवरी 2023 को बीजापुर में मंडल प्रमुख नीलकंठ ककेम पर नक्सलियों ने हमला कर दिया था। इस हमले में ककेम की मौत हो गई थी।
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