छत्तीसगढ़ में 19 लाख के इनामी 4 नक्सलियों का आत्मसमर्पण, 16 लाख नकद और हथियार बरामद
Krishna Kumar Sikander | Aug 17, 2025, 18:22 IST
4 Naxalites carrying a bounty of 19 lakhs surrender in Chhattisgarh the sootr
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में चार नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है, जिनमें दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। इन चारों पर 19 लाख रुपये का इनाम था।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। 19 लाख रुपये के इनामी चार नक्सलियों, जिनमें दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। सभी ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।
आत्मसमर्पण करने वालों में धमतरी-गरियाबंद-नुआपड़ा डिवीजनल कमेटी के प्रमुख सदस्य दीपक मंडावी उर्फ भीमा, कैलाश उर्फ भीमा भोगाम, रानिता उर्फ पायकी, और सुजाता उर्फ उरें कारम शामिल हैं। इनके पास से 16 लाख रुपये नकद, हथियार, और नक्सली साहित्य बरामद किया गया है। इस घटना को नक्सल संगठनों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर जनवरी 2025 में 16 नक्सलियों के मारे जाने के बाद संगठन में आई कमजोरी के बाद।
ये खबर भी पढ़ें... बीजापुर में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ जारी: दो जवान घायल, रायपुर एयरलिफ्ट
गरियाबंद पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रायपुर रेंज के आईजी अमरेश मिश्रा और नक्सल ऑपरेशन के आईजी अंकित गर्ग ने इस सफलता की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली 2013 से धमतरी-गरियाबंद-नुआपड़ा डिवीजन में सक्रिय थे और कई गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं।
इनमें डीवीसीएम (डिवीजनल कमेटी मेंबर) दीपक मंडावी (8 लाख रुपये का इनाम), प्रोटेक्शन टीम का सदस्य कैलाश उर्फ भीमा भोगाम (5 लाख रुपये का इनाम), एरिया कमेटी सदस्य रानिता उर्फ पायकी (5 लाख रुपये का इनाम), और सुजाता उर्फ उरें कारम (1 लाख रुपये का इनाम) शामिल हैं। कुल मिलाकर इन पर 19 लाख रुपये की इनामी राशि थी।
ये खबर भी पढ़ें... बीजापुर नक्सल एनकाउंटर: मुठभेड़ में एक नक्सली ढेर, सर्च ऑपरेशन जारी
आईजी अमरेश मिश्रा ने बताया कि जनवरी 2025 में छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर भालू डिग्गी जंगल में हुए ऑपरेशन में 16 नक्सलियों, जिनमें केंद्रीय समिति सदस्य जयराम उर्फ चलपथी (1 करोड़ रुपये का इनाम) शामिल थे, के मारे जाने से नक्सली संगठन की कमर टूट चुकी है। इस ऑपरेशन के बाद नक्सलियों में भय और अविश्वास का माहौल है।
जिसके चलते कई नक्सली आत्मसमर्पण के लिए मजबूर हो रहे हैं। मिश्रा ने कहा, “नक्सल संगठन अब आर्थिक और मनोवैज्ञानिक रूप से कमजोर हो चुका है। आत्मसमर्पण और बरामदगी इसका सबूत है।”
ये खबर भी पढ़ें... बीजापुर में माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 2 लाख के ईनामी सहित 3 नक्सली गिरफ्तार
आत्मसमर्पण के बाद नक्सलियों की निशानदेही पर सुरक्षा बलों ने मांद इलाके में छिपाई गई सामग्री बरामद की। इसमें 16 लाख रुपये नकद, 31 जिंदा कारतूस, दो खाली मैगजीन, 8 बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लांचर), 12 बोर के राउंड, डेटोनेटर, नक्सली वर्दी, और अन्य नक्सली साहित्य शामिल है।
पुलिस का मानना है कि यह रकम नक्सली संगठन अपनी गतिविधियों, जैसे हथियार खरीद और भर्ती, के लिए जमा करता था। बरामद सामग्री से नक्सलियों की गतिविधियों पर और बड़ा खुलासा होने की संभावना है।
ये खबर भी पढ़ें... बौखलाहट में नक्सली, कमजोर पड़ते ही ग्रामीणों पर उतार रहे गुस्सा, 2025 में 30 निर्दोषों की हत्या
सुरक्षा बलों और छत्तीसगढ़ सरकार की ‘नक्सल समर्पण पुनर्वास नीति 2025’ और ‘नियद नेल्लानार’ योजना का इस आत्मसमर्पण में बड़ा योगदान रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को तत्काल 50,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि और पुनर्वास के लिए अन्य सुविधाएं प्रदान की गई हैं।
आईजी अंकित गर्ग ने बताया कि नक्सलियों में माओवादी विचारधारा के प्रति मोहभंग, आदिवासियों के शोषण, और सुरक्षा बलों की बढ़ती ताकत ने उन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
नारायणपुर के एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा, “नक्सल मुक्त मांद अभियान और पुनर्वास नीति से नक्सलियों का मनोबल टूट रहा है। यह छत्तीसगढ़ को मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम है।”
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली धमतरी-गरियाबंद-नुआपड़ा डिवीजन में सक्रिय थे और हत्या, लूट, और पुलिस पर हमलों जैसे अपराधों में शामिल रहे हैं। जनवरी 2025 में हुए बड़े ऑपरेशन, जिसमें 16 नक्सलियों को मार गिराया गया था, ने इस क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों को कमजोर किया है। उस ऑपरेशन में मारे गए नक्सलियों पर कुल 3.13 करोड़ रुपये का इनाम था, जिसमें केंद्रीय समिति सदस्य चलपथी (90 लाख रुपये का इनाम) शामिल था।
इसके अलावा, नारायणपुर और सुकमा जैसे जिलों में भी हाल के महीनों में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। नारायणपुर में 104 और सुकमा में 22 नक्सलियों के आत्मसमर्पण ने यह साबित किया है कि सुरक्षा बलों की रणनीति और सरकार की पुनर्वास नीति प्रभावी साबित हो रही है।
यह आत्मसमर्पण न केवल सुरक्षा बलों की रणनीति की जीत है, बल्कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे व्यापक अभियान को भी मजबूती देता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य रखा है, और हाल के आत्मसमर्पण इस दिशा में बड़ी प्रगति का संकेत हैं। साथ ही, विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस, के लिए यह एक चुनौती हो सकता है, जो आदिवासी अधिकारों और पुनर्वास नीतियों को लेकर सरकार पर सवाल उठाती रही है।
thesootr links
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
नक्सली आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ | गरियाबंद नक्सली | नक्सली आत्मसमर्पण 2025 | नक्सली कमजोरी
आत्मसमर्पण करने वालों में धमतरी-गरियाबंद-नुआपड़ा डिवीजनल कमेटी के प्रमुख सदस्य दीपक मंडावी उर्फ भीमा, कैलाश उर्फ भीमा भोगाम, रानिता उर्फ पायकी, और सुजाता उर्फ उरें कारम शामिल हैं। इनके पास से 16 लाख रुपये नकद, हथियार, और नक्सली साहित्य बरामद किया गया है। इस घटना को नक्सल संगठनों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर जनवरी 2025 में 16 नक्सलियों के मारे जाने के बाद संगठन में आई कमजोरी के बाद।
ये खबर भी पढ़ें... बीजापुर में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ जारी: दो जवान घायल, रायपुर एयरलिफ्ट
नक्सल संगठन पर आर्थिक और मनोवैज्ञानिक चोट
इनमें डीवीसीएम (डिवीजनल कमेटी मेंबर) दीपक मंडावी (8 लाख रुपये का इनाम), प्रोटेक्शन टीम का सदस्य कैलाश उर्फ भीमा भोगाम (5 लाख रुपये का इनाम), एरिया कमेटी सदस्य रानिता उर्फ पायकी (5 लाख रुपये का इनाम), और सुजाता उर्फ उरें कारम (1 लाख रुपये का इनाम) शामिल हैं। कुल मिलाकर इन पर 19 लाख रुपये की इनामी राशि थी।
ये खबर भी पढ़ें... बीजापुर नक्सल एनकाउंटर: मुठभेड़ में एक नक्सली ढेर, सर्च ऑपरेशन जारी
आईजी अमरेश मिश्रा ने बताया कि जनवरी 2025 में छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर भालू डिग्गी जंगल में हुए ऑपरेशन में 16 नक्सलियों, जिनमें केंद्रीय समिति सदस्य जयराम उर्फ चलपथी (1 करोड़ रुपये का इनाम) शामिल थे, के मारे जाने से नक्सली संगठन की कमर टूट चुकी है। इस ऑपरेशन के बाद नक्सलियों में भय और अविश्वास का माहौल है।
जिसके चलते कई नक्सली आत्मसमर्पण के लिए मजबूर हो रहे हैं। मिश्रा ने कहा, “नक्सल संगठन अब आर्थिक और मनोवैज्ञानिक रूप से कमजोर हो चुका है। आत्मसमर्पण और बरामदगी इसका सबूत है।”
ये खबर भी पढ़ें... बीजापुर में माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 2 लाख के ईनामी सहित 3 नक्सली गिरफ्तार
16 लाख नकद और हथियारों की बरामदगी
पुलिस का मानना है कि यह रकम नक्सली संगठन अपनी गतिविधियों, जैसे हथियार खरीद और भर्ती, के लिए जमा करता था। बरामद सामग्री से नक्सलियों की गतिविधियों पर और बड़ा खुलासा होने की संभावना है।
ये खबर भी पढ़ें... बौखलाहट में नक्सली, कमजोर पड़ते ही ग्रामीणों पर उतार रहे गुस्सा, 2025 में 30 निर्दोषों की हत्या
पुनर्वास नीति और सुरक्षा बलों की रणनीति
आईजी अंकित गर्ग ने बताया कि नक्सलियों में माओवादी विचारधारा के प्रति मोहभंग, आदिवासियों के शोषण, और सुरक्षा बलों की बढ़ती ताकत ने उन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
नारायणपुर के एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा, “नक्सल मुक्त मांद अभियान और पुनर्वास नीति से नक्सलियों का मनोबल टूट रहा है। यह छत्तीसगढ़ को मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम है।”
नक्सलियों की गतिविधियां और ऑपरेशन की पृष्ठभूमि
इसके अलावा, नारायणपुर और सुकमा जैसे जिलों में भी हाल के महीनों में बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। नारायणपुर में 104 और सुकमा में 22 नक्सलियों के आत्मसमर्पण ने यह साबित किया है कि सुरक्षा बलों की रणनीति और सरकार की पुनर्वास नीति प्रभावी साबित हो रही है।
किसानों और आदिवासियों के लिए संदेश आईजी अमरेश मिश्रा ने आदिवासी समुदाय से अपील की कि वे माओवादी विचारधारा को छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हों। उन्होंने कहा, “नक्सलियों के बाहरी नेतृत्व ने आदिवासियों का शोषण किया है। अब समय है कि मांद को इसके मूल निवासियों को सौंपा जाए, जहां वे बिना डर के सामान्य जीवन जी सकें।
सियासी और सामाजिक प्रभाव
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
नक्सली आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ | गरियाबंद नक्सली | नक्सली आत्मसमर्पण 2025 | नक्सली कमजोरी
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari