छत्तीसगढ़ में 10 करोड़ का कृषि घोटाला, खिलौने के टेंडर से खरीदी गई खाद
Aishwarya Dwivedi | Aug 06, 2026, 10:21 IST
ऑर्गेनिक खेती में खाद खरीद का घोटाला
छत्तीसगढ़ में जैविक खेती के 10 करोड़ के बजट में बड़ा घोटाला हुआ है। अफसरों ने टेंडर की कैटेगरी बदलकर बीज निगम से दोगुने-तिगुने दामों पर खाद और कृषि सामग्री खरीदी।
समझें क्या है पूरा मामला
- जैविक खेती के बजट में बड़ा घोटाला आया सामने।
- बीज निगम से दोगुने दाम पर खरीदी गई खाद।
- खिलौने और गिफ्ट कैटेगरी में निकाला खाद टेंडर।
- अफसरों की साठगांठ से चहेतों को बांटे करोड़ों।
- नियमों को ताक पर रखकर दिया गया ठेका।
10 करोड़ का बजट और अफसरों का खेल
टेंडर की कैटेगरी बदलकर प्रतिस्पर्धा खत्म की
दो चहेती कंपनियों में बांटे गए सात जिलों के टेंडर
बीज निगम से दोगुने-तीन गुने रेट पर खरीदी
जैविक खेती में करोड़ों का घोटाला
खाद और दवाओं के दामों में भारी अंतर
इसी प्रकार 109 रुपए प्रति किलो मिलने वाला माइकोराइजा 245 रुपए में खरीदा गया। 176 रुपए का ट्राइकोर्मा 272 रुपए और 200 रुपए वाला जिंक सल्फेट 400 रुपए में खरीदा गया। पेंडिमेथालिन की कीमत भी 450 रुपए की जगह 780 रुपए दर्ज की गई।
दंतेवाड़ा , कोंडागांव और कोरबा में अनियमितता
कोंडागांव जिले में 1.10 करोड़ रुपए का काम उसी फर्म को दिया गया। यहां जेम पोर्टल पर कैटेगरी बदलने के कारण योग्य कंपनियां बोली में भाग नहीं ले सकीं।
कोरबा जिले में 48 लाख रुपए का ठेका एक अन्य इंडस्ट्री को दिया गया। यह कंपनी पहले से ही जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF – District Mineral Foundation) घोटाले की जांच के दायरे में है। प्रवर्तन निदेशालय (ED – Enforcement Directorate) इस कंपनी के ठिकानों पर पहले भी छापे मार चुका है। इसके बावजूद इसे फिर से नया काम सौंप दिया गया।
सरकारी खजाने को पहुंचाया गया करोड़ों का नुकसान
FAQ
- टेंडर प्रक्रिया में अफसरों ने क्या चालाकी की?
उत्तर: अफसरों ने खाद के टेंडर में दिव्यांगजन सामग्री और बैडमिंटन रैकेट जैसी गलत कैटेगरी डाल दी। इससे दूसरी कंपनियां टेंडर में हिस्सा नहीं ले सकीं। - खाद और कृषि सामग्री की खरीदी में कितना अंतर आया?
उत्तर: बीज निगम की तय दरों के मुकाबले जेम पोर्टल से दोगुने और तिगुने दामों पर खरीदी की गई। - सरकारी रेट और खरीदी के रेट में कितना अंतर था?
उत्तर: सामान बीज निगम की निर्धारित दरों से दोगुने और तीन गुने ऊंचे दामों पर खरीदा गया।
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