सरकार को रास आई सिर्फ कॉल मी की सर्विस, ढाई साल में लेबर में दिए 60 करोड़ से ज्यादा के वर्कर
Arun Tiwari | Aug 11, 2025, 16:47 IST
placement-agency-payment-scam-chhattisgarh the sootr
छत्तीसगढ़ में कॉल मी सर्विसेस नाम की प्लेसमेंट एजेंसी की सर्विस सरकार को खूब रास आ रही है। शिकायतें मिलने के बाद भी राज्य सरकार ने बीते ढाई सालों में इसी एजेंसी को करीब 61 करोड़ रुपये का भुगतान किया। ये भुगतान अकेले श्रम विभाग का है।
रायपुर। सरकार और ठेकेदारों के गठजोड़ के सिस्टम में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो वाकई में कमाल करते हैं। ऐसे ही कमाल की एजेंसी के बारे में हम आपको बता रहे हैं। छत्तीसगढ़ में सरकारी प्लेसमेंट एजेंसी के चयन को लेकर बड़ा सवाल उठ रहा है। कॉल मी सर्विसेस नाम की प्लेसमेंट एजेंसी की सर्विस सरकार को खूब रास आ रही है। शिकायतें मिलने के बाद भी राज्य सरकार ने बीते ढाई सालों में इसी एजेंसी को करीब 61 करोड़ रुपये का भुगतान किया। ये भुगतान अकेले श्रम विभाग का है,जहां सरकारी निर्माण कार्यों के लिए वर्कर की जरुरत होती है।
पढ़ें: लॉ फील्ड में सरकारी नौकरी का मौका, 13 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन, ये रही लिंक
द सूत्र ने सरकारी दस्तावेजों की पड़ताल इसलिए की क्योंकि कॉल मी को काम देने के बारे में हाल ही में हुए विधानसभा सत्र में वरिष्ठ नेता अजय चंद्राकर और धर्मलाल कौशिक ने सवाल उठाए थे। इसमें क्वालिटी सर्विस का मुद्दा इसलिए नहीं है क्योंकि श्रम विभाग को काम के लिए क्वालिफाइड लोग नहीं बल्कि वर्कर चाहिए थे। सरकारी विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए लगातार इसी एजेंसी से सेवाएं ली जा रही हैं। जबकि इस एजेंसी पर कार्य की गुणवत्ता, समय पर भुगतान न करना, और कर्मचारियों के शोषण जैसे आरोप दर्ज हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार के पास दर्जनों प्लेसमेंट एजेंसियां रजिस्टर्ड हैं। इन एजेसियों के जरिए सरकार आउटसोर्स कर्मचारी लेती है। बदले में इनको एक बड़ा एमाउंट दिया जाता है,जिससे ये उन वर्कर्स को पेमेंट करती हैं। इन एजेंसियों में से एक प्लेसमेंट एजेंसी है कॉल मी सर्विसेस। साल 2021 से काम शुरु करने वाली इस एजेंसी ने सभी को पीछे छोड़ दिया है। बार-बार मिली शिकायतों के बाद भी प्लेसमेंट का अधिकांश काम इसी एजेंसी को दिया जा रहा है। सरकार को जब भी आउटसोर्स कर्मचारियों की जरुरत होती है तत्काल कॉल मी को कॉल कर दिया जाता है। इस एजेंसी के संचालक राजकुमार बोथरा हैं। पिछले 3 सालों में कॉल मी को 61 करोड़ 25 लाख का काम मिल चुका है।
पढ़ें: सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के लिए भी खास है 15 अगस्त, जानें इस दिन की 8 सबसे बड़ी घटनाएं
इस एजेंसी की पिछली भूपेश सरकार से भी सेटिंग थी और इस बीजेपी सरकार से भी सेटिंग है। भूपेश सरकार ने इसको एक साल में 20 करोड़ का काम दिया तो बीजेपी सरकार ने इसको डेढ़ साल में 41 करोड़ का काम दे दिया। ये कॉल मी एजेंसी वही है जिसके बाउंसरों ने मेकाहारा अस्पताल में पत्रकारों के साथ मारपीट की थी। इस एजेंसी ने पिछले ढाई साल में श्रम विभाग को 61 करोड़ के वर्कर मुहैया कराए। इस एजेंसी पर सवाल द सूत्र का नहीं है बल्कि इस पर सवाल तो बीजेपी के वरिष्ठ नेता अजय चंद्राकर और धर्मलाल कौशिक विधानसभा में उठा चुके हैं।
पढ़ें: वोटर वेरिफिकेशन विवाद: चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका हिरासत में
साल 2023 :
श्रम आयुक्त संगठन कार्यालय को 75 वर्कर दिए। इसके लिए 2 करोड़ का भुगतान किया गया।
छत्तीसगढ़ भवन एवं कर्मकार मंडल को 627 वर्कर दिए। इसके लिए 18 करोड़ का भुगतान किया गया।
छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल को 22 वर्कर दिए। इसके लिए 65 लाख का भुगतान किया गया।
कर्मचारी राज्य बीमा को 48 वर्कर दिए। इसके लिए 47 लाख का भुगतान किया गया।
कॉल मी सर्विस को इस साल कुल 21 करोड़ 38 लाख रुपए का भुगतान किया गया।
श्रम आयुक्त संगठन कार्यालय को 82 वर्कर दिए। इसके लिए 1 करोड़ 31 लाख का भुगतान किया गया।
सरकार के पास कई प्लेसमेंट एजेंसियां रजिस्टर्ड हैं लेकिन सबसे ज्यादा काम कॉल मी को ही मिल रहा है। यदि ये निर्माण एजेंसी होती तो क्वालिटी पर बात हो सकती थी। लेकिन बात वर्कर की है, वो भी इसी एजेंसी से लिए जा रहे हैं। यह सिर्फ एक विभाग की बात है जबकि हर विभाग में इस एजेंसी की सेवाएं ली जा रही हैं।
Chhattisgarh | CG News | कॉल मी की सर्विस
पढ़ें: लॉ फील्ड में सरकारी नौकरी का मौका, 13 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन, ये रही लिंक
द सूत्र ने सरकारी दस्तावेजों की पड़ताल इसलिए की क्योंकि कॉल मी को काम देने के बारे में हाल ही में हुए विधानसभा सत्र में वरिष्ठ नेता अजय चंद्राकर और धर्मलाल कौशिक ने सवाल उठाए थे। इसमें क्वालिटी सर्विस का मुद्दा इसलिए नहीं है क्योंकि श्रम विभाग को काम के लिए क्वालिफाइड लोग नहीं बल्कि वर्कर चाहिए थे। सरकारी विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए लगातार इसी एजेंसी से सेवाएं ली जा रही हैं। जबकि इस एजेंसी पर कार्य की गुणवत्ता, समय पर भुगतान न करना, और कर्मचारियों के शोषण जैसे आरोप दर्ज हैं।
60 करोड़ की कॉल
पढ़ें: सिर्फ भारत ही नहीं, दुनिया के लिए भी खास है 15 अगस्त, जानें इस दिन की 8 सबसे बड़ी घटनाएं
भूपेश सरकार ने भी दिया काम
पढ़ें: वोटर वेरिफिकेशन विवाद: चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन, राहुल-प्रियंका हिरासत में
कॉल मी की साल दर साल कमाई
श्रम आयुक्त संगठन कार्यालय को 75 वर्कर दिए। इसके लिए 2 करोड़ का भुगतान किया गया।
छत्तीसगढ़ भवन एवं कर्मकार मंडल को 627 वर्कर दिए। इसके लिए 18 करोड़ का भुगतान किया गया।
छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल को 22 वर्कर दिए। इसके लिए 65 लाख का भुगतान किया गया।
कर्मचारी राज्य बीमा को 48 वर्कर दिए। इसके लिए 47 लाख का भुगतान किया गया।
कॉल मी सर्विस को इस साल कुल 21 करोड़ 38 लाख रुपए का भुगतान किया गया।
- साल 2024 :
श्रम आयुक्त संगठन कार्यालय को 81 वर्कर दिए। इसके लिए 2 करोड़ 58 लाख का भुगतान किया गया। - छत्तीसगढ़ भवन एवं कर्मकार मंडल को 710 वर्कर दिए। इसके लिए 23 करोड़ 25 लाख का भुगतान किया गया।
- छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल को 21 वर्कर दिए। इसके लिए 60 लाख का भुगतान किया गया।
-
कर्मचारी राज्य बीमा को 38 वर्कर दिए। इसके लिए 1 करोड़ का भुगतान किया गया। - कॉल मी सर्विस को इस साल कुल 27 करोड़ 54 लाख रुपए का भुगतान किया गया।
श्रम आयुक्त संगठन कार्यालय को 82 वर्कर दिए। इसके लिए 1 करोड़ 31 लाख का भुगतान किया गया।
- छत्तीसगढ़ भवन एवं कर्मकार मंडल को 710 वर्कर दिए। इसके लिए 10 करोड़ 38 लाख का भुगतान किया गया।
- छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल को 22 वर्कर दिए। इसके लिए 27 लाख 19 हजार का भुगतान किया गया।
- कर्मचारी राज्य बीमा को 38 वर्कर दिए। इसके लिए 35 लाख 15 हजार का भुगतान किया गया।
- कॉल मी सर्विस को इस साल कुल 12 करोड़ 32 लाख रुपए का भुगतान किया गया।
कॉल मी सर्विस के खिलाफ मिली ये शिकायतें
क्रेडा के विभिन्न क्षेत्रीय,जिला,जोनल कार्यालय और उर्जा पार्क में कार्यरत कर्मचारियों को अचानक हटा दिया गया।
मजदूर संघ की शिकायत में कहा गया कि बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया गया।
7 कर्मचारियों को तीन माह का वेतन नहीं दिया गया।
कर्मचारियों के शोषण और मनमानी की शिकायत।
पत्रकारों के साथ बीआर अंबेडकर अस्पताल में मारपीट।
ये शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने इसमें संज्ञान लिया और कर्मचारियों को वेतन दिलवाया गया।
शिकायत करने वालों के नाम इसलिए नहीं बताए जा रहे क्योंकि इसमें उनकी सुरक्षा और रोजगार का सवाल है।
कई प्लेसमेंट एजेंसी हैं रजिस्टर्ड
Chhattisgarh | CG News | कॉल मी की सर्विस
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari