रायगढ़ में पीएम नरेंद्र मोदी ने किया 3 रेल लाइन का लोकार्पण, 9 जिलों में 50 बिस्तरों वाले 'क्रिटिकल केयर ब्लॉक' का शिलान्यास
The Sootr CG | Sept 14, 2023, 24:00 IST
रायगढ़ में पीएम नरेंद्र मोदी ने किया 3 रेल लाइन का लोकार्पण, 9 जिलों में 50 बिस्तरों वाले 'क्रिटिकल केयर ब्लॉक' का शिलान्यास
रायगढ़ में पीएम नरेंद्र मोदी ने 3 रेल लाइन का लोकार्पण किया। 9 जिलों में 50 बिस्तरों वाले 'क्रिटिकल केयर ब्लॉक' का शिलान्यास किया।
RAIGARH. पीएम नरेंद्र मोदी ने रायगढ़ के कोडातराई में जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि जी-20 की सफलता के बाद पूरा विश्व हमारी तरफ देख रहा है, अगले 25 सालों में देश को विकसित राष्ट्र बनाना हमारा लक्ष्य है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ जिन रेल लाइनों का लोकार्पण किया गया है। ये सभी लाइनें छत्तीसगढ़ के विकास में एक नया अध्याय जोड़ेंगी।
आदिवासियों को होगा फायदा
पीएम मोदी ने कहा कि हमारा संकल्प है कि हम जल जंगल जमीन की हिफाजत भी करेंगे और विकास के नए सोपान भी जोड़ेंगे। पीएम मोदी ने मोटे अनाज यानी मिलेट्स अभियान के विषय भी चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि आज सिकेल सेल एनीमिया के कार्ड वितरित किए गए हैं, इनका सीधा लाभ आदिवासी भाइयों को मिलेगा उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मददगार साबित होगा।
विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास
पीएम मोदी ने आज कई विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। पीएम ने यहां पर करीब 6 हजार 350 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। तमाम विकास कार्यो के लोकार्पण के बाद मंच तक खुली जीप में पहुंचे। यहां पर प्रदेश के डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव भी मौजूद रहे और रायगढ़ सांसद गोमती साय और केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह और नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल भी मौजूद रहे, इन्होंने पीएम मोदी का स्वागत किया।
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6 हजार 350 करोड़ रुपए की रेल क्षेत्र परियोजना
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री मोदी ने रायगढ़ में सार्वजनिक कार्यक्रम में लगभग 6 हजार 350 करोड़ रुपए की महत्वपूर्ण रेल क्षेत्र परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। इन परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ पूर्व रेल परियोजना चरण-1, चंपा से जमगा के बीच तीसरी रेल लाइन, पेंड्रा रोड से अनूपपुर के बीच तीसरी रेल लाइन और तलाईपल्ली कोयला खदान को एनटीपीसी लारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन (एसटीपीएस) से जोड़ने वाली एमजीआर (मेरी-गो-राउंड) प्रणाली शामिल है। रेल परियोजनाएं क्षेत्र में यात्रियों की आवाजाही के साथ-साथ माल ढुलाई को सुविधाजनक बनाकर सामाजिक-आर्थिक विकास को गति प्रदान करेंगी।
छत्तीसगढ़ पूर्व रेल परियोजना चरण-1
छत्तीसगढ़ पूर्व रेल परियोजना चरण-1 को महत्वाकांक्षी पीएम गतिशक्ति-बहुआयामी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है और इसमें खरसिया से धरमजयगढ़ तक 124.8 किलोमीटर की रेल लाइन शामिल है, जिसमें गारे-पेलमा के लिए एक छोटी लाइन और छाल, बरौद, दुर्गापुर और अन्य कोयला खदानें को जोड़ने वाली 3 फीडर लाइनें शामिल हैं। लगभग 3,055 करोड़ रुपए की लागत से बनी ये रेल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉड गेज लेवल क्रॉसिंग और यात्री सुविधाओं के साथ फ्री पार्ट डबल लाइन जैसी व्यवस्था से सुसज्जित है। ये छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में स्थित मांड-रायगढ़ कोयला क्षेत्रों से कोयला परिवहन के लिए रेल सम्पर्क प्रदान करेगी।
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रेल लाइनों से क्षेत्र में कनेक्टिविटी में होगा सुधार
पेंड्रा रोड से अनूपपुर के बीच तीसरी रेल लाइन 50 किलोमीटर लंबी है और इसका निर्माण लगभग 516 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। चांपा और जामगा रेलखंड के बीच 98 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन का निर्माण करीब 796 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। नई रेल लाइनों से क्षेत्र में कनेक्टिविटी में सुधार होगा। पर्यटन और रोजगार दोनों के अवसरों में वृद्धि होगी।
कम लागत में उच्च श्रेणी के कोयले का वितरण होगा
65 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत एमजीआर (मेरी-गो-राउंड) प्रणाली की सहायता से एनटीपीसी की तलाईपल्ली कोयला खदान से छत्तीसगढ़ में 1600 मेगावाट एनटीपीसी लारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन तक कम लागत में उच्च श्रेणी के कोयले का वितरण किया जा सकेगा। इससे एनटीपीसी लारा से कम लागत के साथ विश्वसनीय बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। 2070 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित एमजीआर प्रणाली, कोयला खदानों से बिजली स्टेशनों तक कोयला परिवहन में सुधार के लिए एक शानदार तकनीकी उपलब्धि है।
क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के 9 जिलों में 50 बिस्तरों वाले 'क्रिटिकल केयर ब्लॉक' का भी शिलान्यास भी किया। प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत कुल 210 करोड़ रुपए की लागत से दुर्ग, कोंडागांव, राजनांदगांव, गरियाबंद, जशपुर, सूरजपुर, सरगुजा, बस्तर और रायगढ़ जिलों में 9 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों का निर्माण किया जाएगा।
1 लाख सिकल सेल परामर्श कार्ड का वितरण
विशेष रूप से जनजातीय जनसंख्या के बीच सिकल सेल रोग के कारण होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान करने के उद्देश्य से, सिकल सेल रोग की जांच की गई। 1 लाख सिकल सेल परामर्श कार्डों का भी वितरण किया। सिकल सेल परामर्श कार्ड का वितरण राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन (एनएसएईएम) के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा जुलाई 2023 में मध्य प्रदेश के शहडोल में किया गया था। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी मौजूद रहे।
आदिवासियों को होगा फायदा
पीएम मोदी ने कहा कि हमारा संकल्प है कि हम जल जंगल जमीन की हिफाजत भी करेंगे और विकास के नए सोपान भी जोड़ेंगे। पीएम मोदी ने मोटे अनाज यानी मिलेट्स अभियान के विषय भी चर्चा की। पीएम मोदी ने कहा कि आज सिकेल सेल एनीमिया के कार्ड वितरित किए गए हैं, इनका सीधा लाभ आदिवासी भाइयों को मिलेगा उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मददगार साबित होगा।
विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास
पीएम मोदी ने आज कई विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। पीएम ने यहां पर करीब 6 हजार 350 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण किया। तमाम विकास कार्यो के लोकार्पण के बाद मंच तक खुली जीप में पहुंचे। यहां पर प्रदेश के डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव भी मौजूद रहे और रायगढ़ सांसद गोमती साय और केंद्रीय राज्य मंत्री रेणुका सिंह और नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल भी मौजूद रहे, इन्होंने पीएम मोदी का स्वागत किया।
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6 हजार 350 करोड़ रुपए की रेल क्षेत्र परियोजना
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री मोदी ने रायगढ़ में सार्वजनिक कार्यक्रम में लगभग 6 हजार 350 करोड़ रुपए की महत्वपूर्ण रेल क्षेत्र परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। इन परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ पूर्व रेल परियोजना चरण-1, चंपा से जमगा के बीच तीसरी रेल लाइन, पेंड्रा रोड से अनूपपुर के बीच तीसरी रेल लाइन और तलाईपल्ली कोयला खदान को एनटीपीसी लारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन (एसटीपीएस) से जोड़ने वाली एमजीआर (मेरी-गो-राउंड) प्रणाली शामिल है। रेल परियोजनाएं क्षेत्र में यात्रियों की आवाजाही के साथ-साथ माल ढुलाई को सुविधाजनक बनाकर सामाजिक-आर्थिक विकास को गति प्रदान करेंगी।
छत्तीसगढ़ पूर्व रेल परियोजना चरण-1
छत्तीसगढ़ पूर्व रेल परियोजना चरण-1 को महत्वाकांक्षी पीएम गतिशक्ति-बहुआयामी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है और इसमें खरसिया से धरमजयगढ़ तक 124.8 किलोमीटर की रेल लाइन शामिल है, जिसमें गारे-पेलमा के लिए एक छोटी लाइन और छाल, बरौद, दुर्गापुर और अन्य कोयला खदानें को जोड़ने वाली 3 फीडर लाइनें शामिल हैं। लगभग 3,055 करोड़ रुपए की लागत से बनी ये रेल लाइन विद्युतीकृत ब्रॉड गेज लेवल क्रॉसिंग और यात्री सुविधाओं के साथ फ्री पार्ट डबल लाइन जैसी व्यवस्था से सुसज्जित है। ये छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में स्थित मांड-रायगढ़ कोयला क्षेत्रों से कोयला परिवहन के लिए रेल सम्पर्क प्रदान करेगी।
ये खबर भी पढ़ें...
रायगढ़ में पीएम मोदी का भूपेश सरकार पर तीखा हमला, भ्रष्टाचार के मसलों का ज़िक्र करते हुए बोले- जिन्होंने गाय के गोबर में भी भ्रष्टाचार किया उनकी मानसिकता क्या होगी
रेल लाइनों से क्षेत्र में कनेक्टिविटी में होगा सुधार
पेंड्रा रोड से अनूपपुर के बीच तीसरी रेल लाइन 50 किलोमीटर लंबी है और इसका निर्माण लगभग 516 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। चांपा और जामगा रेलखंड के बीच 98 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन का निर्माण करीब 796 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। नई रेल लाइनों से क्षेत्र में कनेक्टिविटी में सुधार होगा। पर्यटन और रोजगार दोनों के अवसरों में वृद्धि होगी।
कम लागत में उच्च श्रेणी के कोयले का वितरण होगा
65 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत एमजीआर (मेरी-गो-राउंड) प्रणाली की सहायता से एनटीपीसी की तलाईपल्ली कोयला खदान से छत्तीसगढ़ में 1600 मेगावाट एनटीपीसी लारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन तक कम लागत में उच्च श्रेणी के कोयले का वितरण किया जा सकेगा। इससे एनटीपीसी लारा से कम लागत के साथ विश्वसनीय बिजली उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। 2070 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित एमजीआर प्रणाली, कोयला खदानों से बिजली स्टेशनों तक कोयला परिवहन में सुधार के लिए एक शानदार तकनीकी उपलब्धि है।
क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री छत्तीसगढ़ के 9 जिलों में 50 बिस्तरों वाले 'क्रिटिकल केयर ब्लॉक' का भी शिलान्यास भी किया। प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत कुल 210 करोड़ रुपए की लागत से दुर्ग, कोंडागांव, राजनांदगांव, गरियाबंद, जशपुर, सूरजपुर, सरगुजा, बस्तर और रायगढ़ जिलों में 9 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों का निर्माण किया जाएगा।
1 लाख सिकल सेल परामर्श कार्ड का वितरण
विशेष रूप से जनजातीय जनसंख्या के बीच सिकल सेल रोग के कारण होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान करने के उद्देश्य से, सिकल सेल रोग की जांच की गई। 1 लाख सिकल सेल परामर्श कार्डों का भी वितरण किया। सिकल सेल परामर्श कार्ड का वितरण राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन (एनएसएईएम) के अंतर्गत किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ प्रधानमंत्री द्वारा जुलाई 2023 में मध्य प्रदेश के शहडोल में किया गया था। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी मौजूद रहे।
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