कई विधानसभाओं में BJP प्रत्याशियों का विरोध, नाराज पदाधिकारी का इस्तीफा, कुमारी शैलजा के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
The Sootr CG | Oct 11, 2023, 24:00 IST
कई विधानसभाओं में BJP प्रत्याशियों का विरोध, नाराज पदाधिकारी का इस्तीफा, कुमारी शैलजा के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ की कई विधानसभा सीटों पर बीजेपी प्रत्याशियों का विरोध हो रहा है। नाराज महेश नायक ने इस्तीफा दे दिया। कुमारी शैलजा के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
RAIPUR. भारतीय जनता पार्टी की दूसरी सूची जारी होने के बाद प्रदेश कई इलाकों से घोषित प्रत्याशियों के विरोध की खबरें आ रही है। वैसे ये स्वाभाविक प्रक्रिया है मगर भारतीय जनता पार्टी की दूसरी सूची आने के पहले संभावित सूची को लेकर जिस तरह से विरोध हुआ उससे पार्टी के वरिष्ठ नेता चिंतित हैं। बीजेपी की दूसरी सूची को लेकर सबसे ज्यादा विरोध रायपुर से लगे धरसीवां विधानसभा के प्रत्याशी अनुज शर्मा और आरंग विधानसभा के प्रत्याशी खुशवंत सिंह का हो रहा है। इनका विरोध तो इनका नाम घोषित होने के पहले ही शुरू हो गया था। आज अनुज शर्मा के विरोध में रायपुर जिला ग्रामीण के उपाध्यक्ष महेश नायक ने मंडल अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
इस्तीफे की तैयारी में कई कार्यकर्ता
रायपुर जिला ग्रामीण के बहुत से कार्यकर्ता भी इस्तीफा देने की तैयारी में है। इसी तरह का माहौल आरंग क्षेत्र में भी बना हुआ है। रायपुर उत्तर से पुरंदर मिश्रा को प्रत्याशी बनाए जाने पर क्षेत्र के कार्यकर्ता निराश हैं। तखतपुर से हाल ही में भारतीय जनता पार्टी में प्रवेश करने वाले और पिछला चुनाव जनता कांग्रेस से लड़ने वाले धर्मजीत सिंह का भी वहां के स्थानीय नेता खुलकर विरोध कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की एक और हाईप्रोफाइल सीट कोटा विधानसभा में इस बार बीजेपी ने अनोखा प्रयोग किया है, जिसमें करीब 400 किलोमीटर दूर जशपुर से राजघराने के प्रबल प्रताप सिंह जूदेव को प्रत्याशी बनाया है। इससे कांग्रेस को अब बीजेपी को घेरने का मौका मिल गया है।
स्थानीय नेता और कार्यकर्ता नाराज
कोटा विधानसभा बिलासपुर और गौरेला पेंड्रा मरवाही इन 2 जिलों के अंतर्गत आती है। इस बार इन 2 जिलों से करीब 1 दर्जन नेताओं ने बीजेपी से टिकट की दावेदारी की थी पर बीजेपी ने इन दोनों जिले के नेताओं की बजाय जशपुर के रहने वाले प्रबल प्रताप सिंह जूदेव को प्रत्याशी बनाया है। जिससे स्थानीय नेता और कार्यकर्ता नाराज हैं। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि बीजेपी की कोशिश रहती है कि सभी का सम्मान हो सभी को अवसर मिले। बहुत सारे दावेदार रहते हैं। हर विधानसभा में 6-7 योग्य लोग हैं। वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं सब की उम्मीद रहती है। जब टिकट नहीं मिलती तो ये स्थिति निर्मित होती है नाराज नेता और कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी दिखी नाराजगी
टिकट को लेकर नाराजगी और विरोध केवल भारतीय जनता पार्टी में ही नहीं बल्कि सत्ताधारी दल कांग्रेस में भी देखने को मिली। आज रायपुर एयरपोर्ट में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के सामने बिल्हा से संभावित उम्मीदवार राजेंद्र शुक्ल और भाटापारा से सुनील माहेश्वरी के समर्थकों ने जमकर प्रदर्शन किया। इस पर प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सफाई देते हुए कहा कि कांग्रेस बड़ी पार्टी है, थोड़ी बहुत ऐसी बातें होती हैं। कांग्रेस में कहीं विरोध की बात नहीं है। बीजेपी में कार्यकर्ता सड़कों पर आ गए हैं, प्रदेश कार्यालय घेर रहे हैं । ऐसी स्थिति में बीजेपी और कांग्रेस के सामने अपने रूठे हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने की सबसे बड़ी चुनौती है। भारतीय जनता पार्टी के नेता इसको लेकर लगातार मंथन और चर्चा कर रहे।
इस्तीफे की तैयारी में कई कार्यकर्ता
रायपुर जिला ग्रामीण के बहुत से कार्यकर्ता भी इस्तीफा देने की तैयारी में है। इसी तरह का माहौल आरंग क्षेत्र में भी बना हुआ है। रायपुर उत्तर से पुरंदर मिश्रा को प्रत्याशी बनाए जाने पर क्षेत्र के कार्यकर्ता निराश हैं। तखतपुर से हाल ही में भारतीय जनता पार्टी में प्रवेश करने वाले और पिछला चुनाव जनता कांग्रेस से लड़ने वाले धर्मजीत सिंह का भी वहां के स्थानीय नेता खुलकर विरोध कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ की एक और हाईप्रोफाइल सीट कोटा विधानसभा में इस बार बीजेपी ने अनोखा प्रयोग किया है, जिसमें करीब 400 किलोमीटर दूर जशपुर से राजघराने के प्रबल प्रताप सिंह जूदेव को प्रत्याशी बनाया है। इससे कांग्रेस को अब बीजेपी को घेरने का मौका मिल गया है।
स्थानीय नेता और कार्यकर्ता नाराज
कोटा विधानसभा बिलासपुर और गौरेला पेंड्रा मरवाही इन 2 जिलों के अंतर्गत आती है। इस बार इन 2 जिलों से करीब 1 दर्जन नेताओं ने बीजेपी से टिकट की दावेदारी की थी पर बीजेपी ने इन दोनों जिले के नेताओं की बजाय जशपुर के रहने वाले प्रबल प्रताप सिंह जूदेव को प्रत्याशी बनाया है। जिससे स्थानीय नेता और कार्यकर्ता नाराज हैं। इस पर पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि बीजेपी की कोशिश रहती है कि सभी का सम्मान हो सभी को अवसर मिले। बहुत सारे दावेदार रहते हैं। हर विधानसभा में 6-7 योग्य लोग हैं। वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं सब की उम्मीद रहती है। जब टिकट नहीं मिलती तो ये स्थिति निर्मित होती है नाराज नेता और कार्यकर्ताओं से बातचीत करेंगे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी दिखी नाराजगी
टिकट को लेकर नाराजगी और विरोध केवल भारतीय जनता पार्टी में ही नहीं बल्कि सत्ताधारी दल कांग्रेस में भी देखने को मिली। आज रायपुर एयरपोर्ट में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के सामने बिल्हा से संभावित उम्मीदवार राजेंद्र शुक्ल और भाटापारा से सुनील माहेश्वरी के समर्थकों ने जमकर प्रदर्शन किया। इस पर प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने सफाई देते हुए कहा कि कांग्रेस बड़ी पार्टी है, थोड़ी बहुत ऐसी बातें होती हैं। कांग्रेस में कहीं विरोध की बात नहीं है। बीजेपी में कार्यकर्ता सड़कों पर आ गए हैं, प्रदेश कार्यालय घेर रहे हैं । ऐसी स्थिति में बीजेपी और कांग्रेस के सामने अपने रूठे हुए नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाने की सबसे बड़ी चुनौती है। भारतीय जनता पार्टी के नेता इसको लेकर लगातार मंथन और चर्चा कर रहे।
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