3 करोड़ की हेरोइन केस में 2 और तस्कर अरेस्ट, बताए ठिकाने पर देते थे डिलीवरी
Pravesh Shukla | Aug 10, 2025, 08:23 IST
raipur-drug-syndicate-action the sootr
छत्तीसगढ़ में ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ रायपुर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। सिंडिकेट के तार पाकिस्तान से जुड़े हुए है। सिंडिकेट के मास्टरमाइंड से पूछताछ के बाद पुलिस ने 2 और आरोपियों की गिरफ्तारी की है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ड्रग सिंडिकेट के खिलाफ रायपुर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। सिंडिकेट के तार पाकिस्तान से जुड़े हुए है। सिंडिकेट के मास्टरमाइंड से पूछताछ के बाद पुलिस ने 2 और आरोपियों की गिरफ्तारी की है।
पढ़ें: छत्तीसगढ़ में फिर लौटे बदरा, जानें आज कैसा रहेगा मौसम का हाल
पकड़े गए आरोपियों के नाम रविंद्र कुमार साहू और अभिषेक रजक है। दोनों आरोपी डिलीवरी बॉय का काम करते थे। रायपुर पुलिस की पूछताछ में दोनों आरोपियों ने ड्रग्स सप्लाई की बात कबूल की है। इनकी गिरफ्तारी के बाद ड्रग्स सिंडिकेट केस में अब गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 11 हो गई है। पुलिस जल्द ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर मामले का खुलासा करेगी।
वर्चुअल नेटवर्क बनाकर पिछले 8 महीने से रायपुर में ड्रग्स सिंडिकेट चला रहे इस गिरोह के खिलाफ रायपुर पुलिस के साथ ही IB, NCB और ATS भी जांच कर रही है। IB के अफसर पुलिस रिमांड पर लाए गए मास्टर माइंड लवजीत सिंह उर्फ बंटी से पूछताछ कर चुके हैं। लवजीत सिंह से नेटवर्क, सप्लाई और सिंडिकेट से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। इन जानकारियों के आधार पर जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई कर रही है।
पंजाब के गुरदासपुर का रहने वाला लवजीत सिंह उर्फ बंटी इस इंटरनेशनल ड्रग्स सिंडिकेट का मास्टरमाइंड है। शुरुआती जांच में पता चला कि वह पाकिस्तान के तस्करों से ड्रग्स मंगवाता था, जिसे सीक्रेट तरीके से इंटरनेशनल बॉर्डर पार कराया जाता था।
पढ़ें: सुनो भई साधो... सरकारी नौकरी लगने के बाद काम भी किया जाता है?
भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पार होने के बाद हेरोइन पंजाब बॉर्डर एरिया में सुरक्षित ठिकानों पर छुपाया जाता था। यहीं से लवजीत का मुख्य ऑपरेशन चलता था। वह वहां से भारत के अलग-अलग राज्यों में ड्रग्स की थोक सप्लाई करता था, जिनमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है। छत्तीसगढ़ में हेरोइन खपाने का काम सुवित श्रीवास्तव करता था।
पढ़ें:चीतों का नया घर बनेगा मध्य प्रदेश का ये जिला, बाघ और तेंदुओं के साथ होगी जमकर मौज
ड्रग सिंडिकेट को संचालित करने वाले आरोपियों ने सुरक्षा एजेंसियों को धोखा देने के लिए वर्चुअल नेटवर्क और इंटरनेशनल वर्चुअल नंबर का सहारा लिया। नेट कॉलिंग, वॉट्सऐप और टेलीग्राम पर वीडियो कॉल, लाइव लोकेशन और फोटो के जरिए ग्राहकों को ड्रग्स की डिलीवरी कन्फर्म की जाती थी। इससे न केवल निगरानी से बचा जाता, बल्कि पहचान छुपाकर नेटवर्क को तेजी से फैलाया जा रहा था।
पढ़ें: राशिफल: इन राशिवालों का आज का दिन आत्मविश्वास से रहेगा भरपूर, तो इनके रुके हुए काम होंगे पूरे
पंजाब से लाने के बाद हेरोइन को रायपुर के कमल विहार सेक्टर-4 में मौजूद एक फ्लैट में स्टोर कर रखा जाता था। यह ठिकाना सुवित श्रीवास्तव का था, जो लवजीत से माल लेकर आगे सप्लाई करने का स्थानीय नेटवर्क चला रहा था। यह फ्लैट पूरे नेटवर्क का लॉजिस्टिक सेंटर था। जहां से माल छिपाकर अलग-अलग थोक डीलरों और पेडलर्स तक भेजा जाता था।
कमल विहार ड्रग्स रैकेट | अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी | Syndicate of Drug | Mastermind Arrest | heroin | रायपुर ड्रग्स तस्करी पाकिस्तान | ड्रग्स तस्करी केस में गिरफ्तारी | छत्तीसगढ़ न्यूज | सीजी न्यूज | Raipur News | cg raipur news | raipur news in hindi | New Raipur News | cg news hindi | cg news hindi | CG News | Chhattisgarh News
📢🔄 🤝💬👫👨👩👧👦
पढ़ें: छत्तीसगढ़ में फिर लौटे बदरा, जानें आज कैसा रहेगा मौसम का हाल
डिलिवरी ब्वॉय का करते थे काम
पाकिस्तान ड्रग्स केस की 4 एजेंसियां रही जांच
ड्रग्स नेटवर्क की कड़ी को समझिए
पढ़ें: सुनो भई साधो... सरकारी नौकरी लगने के बाद काम भी किया जाता है?
इन ठिकानों पर छिपाई जाती थी ड्रग्स
पढ़ें:चीतों का नया घर बनेगा मध्य प्रदेश का ये जिला, बाघ और तेंदुओं के साथ होगी जमकर मौज
विदेशी नंबरों से बनाया वर्चुअल नेटवर्क
खबर के पांच प्रमुख प्वॉइंटगिरफ्तारी और कबूलनामारायपुर पुलिस ने ड्रग सिंडिकेट मामले में दो और आरोपियों रविंद्र कुमार साहू और अभिषेक रजक को गिरफ्तार किया है, जो डिलीवरी बॉय के रूप में काम करते थे। उन्होंने पूछताछ में ड्रग्स सप्लाई करने की बात कबूल की है। अब तक कुल 11 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।सिंडिकेट का मास्टरमाइंड और पाकिस्तान कनेक्शनइस ड्रग सिंडिकेट का मास्टरमाइंड लवजीत सिंह उर्फ बंटी है, जो पंजाब के गुरदासपुर का रहने वाला है। वह पाकिस्तान से ड्रग्स मंगवाकर भारत-पाक सीमा पार कराकर भारत में सप्लाई करता था।चार एजेंसियों की जांचरायपुर पुलिस के साथ-साथ IB, NCB और ATS जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी इस मामले की जांच में जुटी हैं। मास्टरमाइंड लवजीत से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।वर्चुअल नेटवर्क और इंटरनेशनल कॉलिंगसिंडिकेट के आरोपी सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए विदेशी वर्चुअल नंबर, नेट कॉलिंग, व्हाट्सऐप, और टेलीग्राम का इस्तेमाल कर रहे थे। ड्रग्स की डिलीवरी वीडियो कॉल, लाइव लोकेशन और फोटो के माध्यम से कन्फर्म की जाती थी।कमल विहार बना था सप्लाई हबरायपुर के कमल विहार सेक्टर-4 में स्थित सुवित श्रीवास्तव के फ्लैट को ड्रग्स का स्टोरेज और सप्लाई सेंटर बनाया गया था। यहीं से हेरोइन को अलग-अलग डीलरों और पेडलर्स तक पहुंचाया जाता था। |
रायपुर में कमल विहार था ‘सप्लाई हब’
कमल विहार ड्रग्स रैकेट | अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी | Syndicate of Drug | Mastermind Arrest | heroin | रायपुर ड्रग्स तस्करी पाकिस्तान | ड्रग्स तस्करी केस में गिरफ्तारी | छत्तीसगढ़ न्यूज | सीजी न्यूज | Raipur News | cg raipur news | raipur news in hindi | New Raipur News | cg news hindi | cg news hindi | CG News | Chhattisgarh News
FAQ
- सवाल: रायपुर में ड्रग सिंडिकेट (Raipur drug syndicate) का मुख्य मास्टरमाइंड कौन है?
जवाब: मास्टरमाइंड (mastermind) पंजाब के गुरदासपुर का लवजीत सिंह उर्फ बंटी है, जिसने पाकिस्तान से ड्रग्स मंगवाकर नेटवर्क संचालित किया। - सवाल: वर्चुअल नेटवर्क (virtual network) का इस्तेमाल कैसे किया गया?
जवाब: आरोपियों ने वर्चुअल नंबर (virtual numbers), नेट कॉलिंग, व्हाट्सऐप और टेलीग्राम के जरिए लाइव लोकेशन, वीडियो और फोटो के माध्यम से डिलीवरी कंफर्म की, जिससे पहचान छुपी और नेटवर्क बढ़ा। - सवाल: किस स्थान को सप्लाई हब (supply hub) के रूप में प्रयोग किया गया?
जवाब: रायपुर के कमल विहार सेक्टर‑4 में एक फ्लैट को सप्लाई हब (supply hub) बनाया गया था, जहां से हेरोइन छिपाकर थोक डीलरों और पेडलर्स तक भेजी जाती थी।
📢🔄 🤝💬👫👨👩👧👦
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari