रायपुर पुलिस कमिश्नरी: दोहरी पुलिस व्यवस्था पर खड़े हुए सवाल,देहात में बढ़ा अपराध
Aishwarya Dwivedi | Jul 21, 2026, 13:43 IST
रायपुर-दोहरी पुलिसिंग व्यवस्था का मुद्दा
रायपुर में दोहरी पुलिस व्यवस्था के 179 दिनों में व्यावहारिक दिक्कतें सामने आई हैं। देहात में अपराध बढ़े हैं। डीजीपी और विधायकों ने पूरे जिले में एक समान कमिश्नरी लागू करने की सिफारिश की है।
समझें क्या है पूरा मामला
रायपुर पुलिसिंग पर उठे सवाल
एक समान पुलिसिंग की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार पर्याप्त बल के बिना दोहरी व्यवस्था से खजाना खाली होगा। देहात इलाकों में पुलिसिंग कमजोर हुई है। जनप्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे जिले में एक समान व्यवस्था मांगी है। गृह मंत्री विजय शर्मा (Minister of State for Home Affairs) भी इस पक्ष में बताए जा रहे हैं। अगस्त तक इस संबंध में घोषणा होने की संभावना है।
दोहरी पुलिसिंग से चार बड़ी वजहें
- जिले में दोहरी व्यवस्था से चार प्रमुख समस्याएं पैदा हो रही हैं। पहला, विधानसभा में गलत जवाब जाने का मामला गरमा चुका है।
- दूसरा, सिपाही और हवलदार के तबादलों के लिए फाइल डीजीपी स्तर तक जा रही है। नवा रायपुर का स्टाफ शहर में आसानी से तैनात नहीं हो पा रहा है।
- तीसरा, एयरपोर्ट और मंत्रालय जैसे संवेदनशील क्षेत्र ग्रामीण पुलिस के तहत आते हैं। जबकि एसपी (SP – Superintendent of Police) और आईजी (IG – Inspector General of Police) का दफ्तर शहर में है।
- चौथा, पुलिस मुख्यालय की 100 दिनों की समीक्षा में अपराधों का अंतर दिखा है। कमिश्नरी क्षेत्र में अपराध घटे हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में अपराध बढ़ गए हैं।
50 करोड़ रुपए का अतिरिक्त खर्च
नया सेटअप तैयार करने के लिए एसपी कार्यालय और पुलिस लाइन बनानी होगी। इसके अलावा महिला थाना, अजाक थाना, क्राइम ब्रांच और ट्रैफिक पुलिस का नया ढांचा लगेगा। इसके लिए नई भर्तियां भी करनी पड़ेंगी। इन वित्तीय और प्रशासनिक दिक्कतों को देखते हुए पूरी व्यवस्था बदलने की तैयारी है। पूरे जिले को एक ही पुलिस कमिश्नरी के तहत लाने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
FAQ
- रायपुर में दोहरी पुलिस व्यवस्था कब से लागू है?
उत्तर: रायपुर में दोहरी पुलिस व्यवस्था पिछले 179 दिनों से लागू है। इसके तहत शहर में कमिश्नरी और देहात में पारंपरिक पुलिसिंग चल रही है। - रायपुर में दोहरी पुलिस व्यवस्था से क्या मुख्य समस्या आ रही है?
उत्तर: दोहरी व्यवस्था से पुलिस बल की कमी, तबादलों में प्रशासनिक देरी और देहात क्षेत्रों में अपराध बढ़ने जैसी समस्याएं आ रही हैं। साथ ही वित्तीय बोझ भी बढ़ रहा है। - रायपुर में नया पुलिस जिला बनाने में कितना खर्च आने का अनुमान है?
उत्तर: रायपुर देहात के लिए नया प्रशासनिक और भौतिक ढांचा तैयार करने में 50 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आने का अनुमान है।
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