छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की पोस्टिंग का मामला: संशोधन आदेश निरस्तीकरण के संबंध में निर्देश जारी, शिक्षक स्वयं की इच्छा से कर सकते है पूर्व पदस्थापना स्थल पर ज्वॉइन
Shivam Dubey | Sept 14, 2023, 24:00 IST
छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की पोस्टिंग का मामला: संशोधन आदेश निरस्तीकरण के संबंध में निर्देश जारी, शिक्षक स्वयं की इच्छा से कर सकते है पूर्व पदस्थापना स्थल पर ज्वॉइन
छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की पोस्टिंग के मामले में नया मोड़ आया है। सरकार ने संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा द्वारा पदोन्नति उपरांत किए गए संशोधन आदेश निरस्तीकरण के संबंध में सभी संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं
नितिन मिश्रा, RAIPUR. छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की पोस्टिंग के मामले में नया मोड़ आया है। सरकार ने संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा द्वारा पदोन्नति उपरांत किए गए संशोधन आदेश निरस्तीकरण के संबंध में सभी संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। अब शिक्षक खुद की इच्छा से मूल पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण कर सकते हैं।
क्या कहा गया है आदेश में
संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा द्वारा पदोन्नति उपरांत किए गए संशोधन आदेश निरस्तीकरण के संबंध में सभी संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। महाधिवक्ता कार्यालय के अभिमत अनुसार जिन शिक्षकों के संशोधित आदेश निरस्त किए गए थे, यदि वह स्वयं की इच्छा से अपने मूल पदस्थापना स्थल कार्यभार ग्रहण करना चाहते हैं तो उन्हें कार्यभार ग्रहण कराया जाए।
व्यक्तिगत अवचार के प्रकरण पर होगी कार्रवाई
आदेश में आगे कहा गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मंत्रालय से आज जारी निर्देश में संबंधित अधिकारियों से कहा गया है कि इस संबंध में माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर प्रकरण में पारित निर्णय 11 सितम्बर 2023 के परिप्रेक्ष्य में महाधिवक्ता कार्यालय से अभिमत चाहा गया था, संबंधित अधिकारी महाधिवक्ता कार्यालय द्वारा दिए गए अभिमत के अनुसार नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। महाधिवक्ता कार्यालय से यह भी अभिमत दिया गया है कि किसी शिक्षक के विरूद्ध व्यक्तिगत अवचार का कोई प्रकरण उपस्थित होता है तो उनके विरूद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकती है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा केवल 04 सितम्बर 2023 के आदेश के संबंध में 11 सितम्बर 2023 की स्थिति में यथास्थिति का आदेश दिया गया है।
क्या कहा गया है आदेश में
संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा द्वारा पदोन्नति उपरांत किए गए संशोधन आदेश निरस्तीकरण के संबंध में सभी संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। महाधिवक्ता कार्यालय के अभिमत अनुसार जिन शिक्षकों के संशोधित आदेश निरस्त किए गए थे, यदि वह स्वयं की इच्छा से अपने मूल पदस्थापना स्थल कार्यभार ग्रहण करना चाहते हैं तो उन्हें कार्यभार ग्रहण कराया जाए।
व्यक्तिगत अवचार के प्रकरण पर होगी कार्रवाई
आदेश में आगे कहा गया है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा मंत्रालय से आज जारी निर्देश में संबंधित अधिकारियों से कहा गया है कि इस संबंध में माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर प्रकरण में पारित निर्णय 11 सितम्बर 2023 के परिप्रेक्ष्य में महाधिवक्ता कार्यालय से अभिमत चाहा गया था, संबंधित अधिकारी महाधिवक्ता कार्यालय द्वारा दिए गए अभिमत के अनुसार नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। महाधिवक्ता कार्यालय से यह भी अभिमत दिया गया है कि किसी शिक्षक के विरूद्ध व्यक्तिगत अवचार का कोई प्रकरण उपस्थित होता है तो उनके विरूद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकती है। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा केवल 04 सितम्बर 2023 के आदेश के संबंध में 11 सितम्बर 2023 की स्थिति में यथास्थिति का आदेश दिया गया है।
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