रायपुर ओवरब्रिज प्रोजेक्ट : PWD में फाइल अटकी, सड़कों रोज लग रहा जाम
Aishwarya Dwivedi | Jul 24, 2026, 11:07 IST
रायपुर ओवरब्रिज प्रोजेक्ट में देरी - PWD की मंज़ूरी
रायपुर के तेलीबांधा और महादेव घाट में बनने वाले दो नए ओवरब्रिज का काम बजट मंजूरी न मिलने से अटका है। टेंडर होने के बाद भी फाइलें लोक निर्माण विभाग में रुकी हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
- रायपुर में दो ओवरब्रिज फाइलों में अटके।
- तेलीबांधा और महादेव घाट पर ट्रैफिक जाम।
- टेंडर मंजूर पर बजट स्वीकृति का इंतजार।
- 80 हजार लोग रोजाना हो रहे परेशान।
- लोक निर्माण विभाग में अटकी निर्माण फाइल।
रायपुर के फ्लाईओवर अटके
तमाम तकनीकी जांच और निविदा प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। इसके बावजूद अब तक निर्माण काम शुरू नहीं हो सका है। वजह है प्रशासनिक स्तर पर अटकी बजट मंजूरी।
गुरु तेगबहादुर तेलीबांधा फ्लाईओवर
दिसंबर में इसके लिए टेंडर जारी हुआ था। जनवरी में टेंडर खोला गया। इसमें सबसे कम बोली लगाने वाली एजेंसी का चयन किया गया। चयनित एजेंसी ने लागत से 18 प्रतिशत कम दर पर काम करने का प्रस्ताव दिया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बजट स्वीकृति की फाइल शासन के पास भेज दी गई।
यह फाइल पिछले दो महीने से सचिवालय में लंबित है। यह फ्लाईओवर गुरु तेगबहादुर चौक से शुरू होकर तेलीबांधा तालाब के अंत तक बनेगा। इस मार्ग पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस चौक भी आता है।
भगत सिंह चौक से एक्सप्रेस-वे के बीच महज 300 मीटर में तीन ट्रैफिक सिग्नल हैं। इस वजह से सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक करीब 80 हजार से ज्यादा वाहन चालक रोजाना जाम में फंसते हैं।
महादेव घाट ओवरब्रिज का हाल
इसके लिए मार्च में दोबारा टेंडर जारी किया गया था। इस प्रक्रिया में एक निर्माण कंपनी ने सबसे कम बोली लगाई। कंपनी की दरें अनुमानित लागत से 18 प्रतिशत अधिक थीं।
विभाग ने अप्रैल में कंपनी का चयन कर फाइल शासन को भेजी। पिछले तीन महीने से यह फाइल भी प्रशासनिक स्वीकृति के इंतजार में अटकी हुई है। इस मार्ग पर शाम 4 बजे से रात 10 बजे के बीच सबसे अधिक ट्रैफिक सिग्नल्स दबाव रहता है।
शासन स्तर पर प्रक्रिया जारी
ठेका एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत दरों का परीक्षण किया जाएगा। यदि निविदा दरें नियमानुसार पाई गईं तो काम आगे बढ़ेगा। अगर दरें नियम विरुद्ध निकलीं तो फिर से टेंडर जारी किया जाएगा।
FAQ
- गुरु तेगबहादुर से तेलीबांधा फ्लाईओवर की लागत कितनी है?
उत्तर: इस फ्लाईओवर की कुल अनुमानित लागत 152.34 करोड़ रुपये है। यह प्रोजेक्ट 1500 मीटर लंबा और 16.61 मीटर चौड़ा फोरलेन होगा। - महादेव घाट ओवरब्रिज की फाइल कितने समय से अटकी है?
उत्तर: महादेव घाट ओवरब्रिज की अंतिम स्वीकृति की फाइल पिछले तीन महीने से शासन स्तर पर लंबित है। - ओवरब्रिज निर्माण का काम क्यों रुका हुआ है?
उत्तर: टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी लोक निर्माण विभाग (PWD – Public Works Department) से बजट स्वीकृति नहीं मिली है।
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