रायपुर में 1 करोड़ की साइबर ठगी, शेयर ट्रेडिंग और डीमैट अकाउंट से बनाया शिकार
Harrison Masih | Sept 11, 2026, 12:49 IST
रायपुर में 1 करोड़ की साइबर ठगी
रायपुर में साइबर ठगी केस में 1 करोड़ रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी सामने आई है। शेयर ट्रेडिंग में ज्यादा मुनाफे, डीमैट अकाउंट और बैंक मैनेजर बनकर ठगों ने लोगों को निशाना बनाया है।
समझें क्या है पूरा मामला
इसके अलावा शेयर और स्टॉक ट्रेडिंग में ज्यादा मुनाफे का झांसा देकर एक रिटायर्ड कर्मचारी राजकुमार शुक्ल (65) को भी निशाना बनाया गया। वहीं एक अन्य रिटायर्ड कर्मचारी से भी करीब 9.65 लाख रुपए की ठगी हुई।
तीनों मामलों में ठगों ने मुनाफे का लालच देकर पहले भरोसा जीता और फिर बड़ी रकम ऐंठ ली।
प्रॉपर्टी डीलर से कैसे हुई सबसे बड़ी ठगी
इसके बाद उन्हें साइबर ठगों के एक ग्रुप में जोड़कर अलग-अलग खातों में पैसे जमा कराए गए। उन्होंने 8 अगस्त से 9 सितंबर के बीच करीब 92 लाख रुपए ट्रांसफर किए। कई दिनों बाद जब रकम और मुनाफा नहीं मिला, तब उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
डीमैट अकाउंट खोलने का दिया गया झांसा
9 से 31 अगस्त के बीच उन्होंने अलग-अलग खातों में करीब 9.65 लाख रुपए जमा कर दिए। बाद में ठगों ने IPO (Initial Public Offering) के नाम पर 35 लाख रुपए और मांगे। पीड़ित ने जब अपनी रकम वापस मांगी, तब उन्हें ठगी का पता चला।
बैंक सीनियर मैनेजर बनकर की गई ठगी
इसी तरह तीनों मामलों की पुलिस जांच कर रही है।
साइबर एक्सपर्ट बोले, पहले समझें फिर करें निवेश
उनके मुताबिक इससे यह जानकारी मिलती है कि स्टॉक मार्केट में निवेश कैसे किया जाए और किस प्लेटफॉर्म से निवेश करना सुरक्षित है। यदि कोई किसी वेबसाइट के जरिए जानकारी लेने को कहे, तो उससे पहले "who.is" जैसी सेवा से उस वेबसाइट की हिस्ट्री जरूर जांचें। हाल ही में बनी वेबसाइट होने पर उसकी निर्माण तारीख से यह पता चल जाता है।
उन्होंने यह भी सलाह दी कि व्हाट्सएप पर भेजे गए किसी भी लिंक पर भूलकर भी क्लिक न करें। किसी ऐप को डाउनलोड करने से पहले यह जरूर देखें कि उसे कितने लोगों ने डाउनलोड किया है और उसके रिव्यू क्या हैं।
पुलिस जागरूक कर रही, फिर भी सतर्कता नहीं
इसमें सतर्कता के लिए जरूरी तकनीकी जानकारी भी दी जा रही है। इसके बावजूद साइबर फ्रॉड में लोग लगातार फंस रहे हैं, जो जागरूकता अभियान के असर पर सवाल खड़ा करता है।
अब आगे क्या
आने वाले दिनों में यह देखा जाएगा कि पुलिस इन साइबर ठगी गिरोहों तक कितनी जल्दी पहुंच पाती है और पीड़ितों को उनकी रकम वापस दिलाने में कितनी सफलता मिलती है।
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